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विद्यार्थी सीख रहे कला की बारीकियां


The nuances of the art students are learning

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हरियाणा कला परिषद द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में अलग-अलग विधाओं की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। जिसमें विद्यार्थी कला के गुर सिखते हुए संस्कृति से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को हरियाणवी नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें निनाद कथिक नृत्यशाला के प्रशिक्षक सन्नी कुमार द्वारा विद्यार्थियों को हरियाणवी नृत्य के गुर सिखाते हुए प्रस्तुतियां तैयार करवाई गई। 12 जून को कार्यशाला के समापन पर नन्हें प्रतिभागी हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत करने के साथ-साथ हरियाणवी संस्कृति के बारे में भी जानकारी हासिल करेंगे।
इसके अलावा स्थानीय मदर टेरेसा मार्डन पब्लिक स्कूल में देव सक्सेना द्वारा 27 मई से 15 जून तक 20 दिवसीय कत्थक नृत्य कार्यशाला लगाई जा रही है, जिसमें प्रतिभागी कत्थक नृत्य की बारीकियों को सीखकर कार्यशाला के समापन पर शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। वहीं जनता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विकास कुमार द्वारा तथा तुलसीदास मैमोरियल स्कूल में सुभाष कुमार सैम द्वारा नृत्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन ने बताया कि ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं में न केवल प्रतिभागी नृत्यों का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति को समृद्ध बनाने में भी सहयोग दे रहे हैं। विद्यार्थियों की रुचि को देखते हुए अलग अलग विद्यालयों में संगीत, अभिनय तथा चित्रकला की कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इसके अलावा कला कीर्ति भवन में भी एक माह की निशुल्क कार्यशाला आयोजित की गई है, जिसमें हरियाणवी नृत्य, अभिनय, हरमॉनियम, ढोलक, गायन तथा चित्रकला का प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। संजय भसीन ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में केवल युवा पीढ़ी ही नहीं, बल्कि 10 वर्ष से 70 वर्ष की आयु के प्रतिभागी कला से जुड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अलावा लाडवा, पिहोवा, पानीपत, करनाल, शाहाबाद आदि से भी प्रतिभागी कला कीर्ति भवन की कार्यशाला का हिस्सा बन रहे हैं।

हरियाणा कला परिषद द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में अलग-अलग विधाओं की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। जिसमें विद्यार्थी कला के गुर सिखते हुए संस्कृति से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को हरियाणवी नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें निनाद कथिक नृत्यशाला के प्रशिक्षक सन्नी कुमार द्वारा विद्यार्थियों को हरियाणवी नृत्य के गुर सिखाते हुए प्रस्तुतियां तैयार करवाई गई। 12 जून को कार्यशाला के समापन पर नन्हें प्रतिभागी हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत करने के साथ-साथ हरियाणवी संस्कृति के बारे में भी जानकारी हासिल करेंगे।

इसके अलावा स्थानीय मदर टेरेसा मार्डन पब्लिक स्कूल में देव सक्सेना द्वारा 27 मई से 15 जून तक 20 दिवसीय कत्थक नृत्य कार्यशाला लगाई जा रही है, जिसमें प्रतिभागी कत्थक नृत्य की बारीकियों को सीखकर कार्यशाला के समापन पर शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। वहीं जनता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विकास कुमार द्वारा तथा तुलसीदास मैमोरियल स्कूल में सुभाष कुमार सैम द्वारा नृत्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन ने बताया कि ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं में न केवल प्रतिभागी नृत्यों का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति को समृद्ध बनाने में भी सहयोग दे रहे हैं। विद्यार्थियों की रुचि को देखते हुए अलग अलग विद्यालयों में संगीत, अभिनय तथा चित्रकला की कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इसके अलावा कला कीर्ति भवन में भी एक माह की निशुल्क कार्यशाला आयोजित की गई है, जिसमें हरियाणवी नृत्य, अभिनय, हरमॉनियम, ढोलक, गायन तथा चित्रकला का प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। संजय भसीन ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में केवल युवा पीढ़ी ही नहीं, बल्कि 10 वर्ष से 70 वर्ष की आयु के प्रतिभागी कला से जुड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अलावा लाडवा, पिहोवा, पानीपत, करनाल, शाहाबाद आदि से भी प्रतिभागी कला कीर्ति भवन की कार्यशाला का हिस्सा बन रहे हैं।

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