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वाहनों के रजिस्ट्रेशन में मिला फर्जीवाड़ा, स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज


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जगाधरी व बिलासपुर एसडीएम कार्यालय में हुए वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के फर्जीवाड़े के बाद शुरू हुई जांच में प्रदेश के अन्य जिलों में भी गड़बड़ी सामने आ रही है। ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी चंडीगढ़ के निर्देश के बाद डीएसपी शहर द्वारा की गई जांच में रेवाड़ी में भी वाहनों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी पाई गई है। डीएसपी की जांच रिपोर्ट आधार पर ट्रांसपोर्ट ज्वाइंट कमिश्नर निर्मल नागर की शिकायत पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने रेवाड़ी के रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के स्टाफ के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है।
जनवरी 2021 में सामने आया था फर्जीवाड़ा
14 जनवरी 2021 को सिरसा पुलिस ने जगाधरी में रजिस्टर्ड गाड़ियां पकड़ी थी। इनके रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी पाई गई थी। रजिस्ट्रेशन में जगाधरी एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई थी। इसके बाद 21 जनवरी 2021 को जगाधरी पुलिस ने फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया किया था। इसके बाद बिलासपुर एसडीएम की ओर से भी फर्जीवाड़े के दो मामला दर्ज कराया गया था। दोनों मामलों में कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। दो रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी में गड़बड़ी के बाद चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा अन्य जिलों में भी जांच कराई थी। रेवाड़ी में डीएसपी सिटी मोहम्मद जमाल द्वारा जांच की गई थी।
जांच में डीएसपी ने पकड़ी गड़बड़ी
डीएसपी सिटी मोहम्मद जमाल द्वारा की गई जांच में रेवाड़ी रजिस्ट्रेशन अथारिटी से संबंधित 16 वाहनों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी पाई गई है। वाहन मालिकों को भी जांच में शामिल किया गया था। वाहनों की आरसी में दर्ज चेसिस नंबर व वाहन पर अंकित चेसिस नंबर अलग-अलग पाए गए हैं। इनमें कई वाहन ऐसे भी है, जिनकी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) किसी अन्य जिले से जारी की गई थी और उनका रजिस्ट्रेशन रेवाड़ी में किया गया था। रजिस्टर्ड वाहनों में कार, मोटरसाइकिल व ट्रैक्टर भी शामिल है। जांच में पता लगा है कि चेसिस और इंजन नंबर के आगे या पीछे स्टार या हैज लगा देते थे। दोबारा रजिस्ट्रेशन के दौरान गाड़ी की पुरानी डिटेल पता नहीं चल पाती और उसकी नई रजिस्ट्रेशन हो जाती। जांच में शामिल वाहनों के चेचिस नंबर में आगे या पीछे स्टार लगा पाया गया है। जांच में शामिल 16 में से दस वाहनों का संबंध जिला यमुनानगर, भिवानी, दादरी, नूंह, सोनीपत व जींद से पाया गया है, जबकि रेवाड़ी अथॉरिटी द्वारा छह वाहनों के रजिस्ट्रेशन में अनियमितताएं व धांधली मिली है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट ज्वाइंट कमिश्नर निर्मल नागर की शिकायत पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की जांच में रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी करने वाले स्टाफ का पता लग पाएगा।

जगाधरी व बिलासपुर एसडीएम कार्यालय में हुए वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के फर्जीवाड़े के बाद शुरू हुई जांच में प्रदेश के अन्य जिलों में भी गड़बड़ी सामने आ रही है। ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी चंडीगढ़ के निर्देश के बाद डीएसपी शहर द्वारा की गई जांच में रेवाड़ी में भी वाहनों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी पाई गई है। डीएसपी की जांच रिपोर्ट आधार पर ट्रांसपोर्ट ज्वाइंट कमिश्नर निर्मल नागर की शिकायत पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने रेवाड़ी के रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के स्टाफ के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है।

जनवरी 2021 में सामने आया था फर्जीवाड़ा

14 जनवरी 2021 को सिरसा पुलिस ने जगाधरी में रजिस्टर्ड गाड़ियां पकड़ी थी। इनके रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी पाई गई थी। रजिस्ट्रेशन में जगाधरी एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई थी। इसके बाद 21 जनवरी 2021 को जगाधरी पुलिस ने फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया किया था। इसके बाद बिलासपुर एसडीएम की ओर से भी फर्जीवाड़े के दो मामला दर्ज कराया गया था। दोनों मामलों में कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। दो रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी में गड़बड़ी के बाद चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा अन्य जिलों में भी जांच कराई थी। रेवाड़ी में डीएसपी सिटी मोहम्मद जमाल द्वारा जांच की गई थी।

जांच में डीएसपी ने पकड़ी गड़बड़ी

डीएसपी सिटी मोहम्मद जमाल द्वारा की गई जांच में रेवाड़ी रजिस्ट्रेशन अथारिटी से संबंधित 16 वाहनों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी पाई गई है। वाहन मालिकों को भी जांच में शामिल किया गया था। वाहनों की आरसी में दर्ज चेसिस नंबर व वाहन पर अंकित चेसिस नंबर अलग-अलग पाए गए हैं। इनमें कई वाहन ऐसे भी है, जिनकी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) किसी अन्य जिले से जारी की गई थी और उनका रजिस्ट्रेशन रेवाड़ी में किया गया था। रजिस्टर्ड वाहनों में कार, मोटरसाइकिल व ट्रैक्टर भी शामिल है। जांच में पता लगा है कि चेसिस और इंजन नंबर के आगे या पीछे स्टार या हैज लगा देते थे। दोबारा रजिस्ट्रेशन के दौरान गाड़ी की पुरानी डिटेल पता नहीं चल पाती और उसकी नई रजिस्ट्रेशन हो जाती। जांच में शामिल वाहनों के चेचिस नंबर में आगे या पीछे स्टार लगा पाया गया है। जांच में शामिल 16 में से दस वाहनों का संबंध जिला यमुनानगर, भिवानी, दादरी, नूंह, सोनीपत व जींद से पाया गया है, जबकि रेवाड़ी अथॉरिटी द्वारा छह वाहनों के रजिस्ट्रेशन में अनियमितताएं व धांधली मिली है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट ज्वाइंट कमिश्नर निर्मल नागर की शिकायत पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की जांच में रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी करने वाले स्टाफ का पता लग पाएगा।

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