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वायु सेना के विरासत केंद्र के काम में तेजी लाने के निर्देश


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चंडीगढ़। सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में वायु सेना का पहला विरासत केंद्र बनाया जा रहा है। यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने केंद्र के काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को प्रशासन और वायु सेना के अधिकारियों के बीच बैठक हुई।
बैठक में वायु सेना के अधिकारियों ने प्रशासन को विरासत केंद्र की प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपी। बताया कि केंद्र को बनाने का काफी काम हो चुका है और जो बाकी है, उसे किया जा रहा है। प्रेस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर 15600 स्क्वॉयर फीट में ये विरासत केंद्र बन रहा है। 3 जून को यूटी प्रशासन और वायु सेना के बीच एमओयू साइन हुआ था। इसके अनुसार फैसला हुआ था कि विरासत केंद्र के रखरखाव का काम प्रशासन देखेगा, जबकि यहां पर सभी तरह का सामान, हथियार व अन्य औजार एयर फोर्स देगा।
इस मौके पर प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा। केंद्र युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा में भारतीय वायु सेना की भूमिका और योगदान के बारे में जागरूक करेगा। यह अपनी तरह का पहला वायु सेना का विरासत केंद्र बनने जा रहा है।
केंद्र में ये सब होगा मौजूद
एमओयू के अनुसार केंद्र में एयरो इंजन, एयरक्राफ्ट, कियोस्क और अन्य वायु सेना आर्टिफैक्ट्स जिसमें मशीन/फिक्स्चर इत्यादि, वायु सेना की उपलब्धियों और व्यक्तित्वों पर वीडियो, फिल्म सहित पर्याप्त प्रचार सामग्री और लोगों को जानकारी देने के लिए सेना की तरफ से गाइड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बता दें कि 27 अगस्त 2021 को पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की उपस्थिति में चंडीगढ़ प्रशासन और वायु सेना के बीच इस विरासत केंद्र को बनाने के लिए सहमति बनी थी।

चंडीगढ़। सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में वायु सेना का पहला विरासत केंद्र बनाया जा रहा है। यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने केंद्र के काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को प्रशासन और वायु सेना के अधिकारियों के बीच बैठक हुई।

बैठक में वायु सेना के अधिकारियों ने प्रशासन को विरासत केंद्र की प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपी। बताया कि केंद्र को बनाने का काफी काम हो चुका है और जो बाकी है, उसे किया जा रहा है। प्रेस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर 15600 स्क्वॉयर फीट में ये विरासत केंद्र बन रहा है। 3 जून को यूटी प्रशासन और वायु सेना के बीच एमओयू साइन हुआ था। इसके अनुसार फैसला हुआ था कि विरासत केंद्र के रखरखाव का काम प्रशासन देखेगा, जबकि यहां पर सभी तरह का सामान, हथियार व अन्य औजार एयर फोर्स देगा।

इस मौके पर प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा। केंद्र युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा में भारतीय वायु सेना की भूमिका और योगदान के बारे में जागरूक करेगा। यह अपनी तरह का पहला वायु सेना का विरासत केंद्र बनने जा रहा है।

केंद्र में ये सब होगा मौजूद

एमओयू के अनुसार केंद्र में एयरो इंजन, एयरक्राफ्ट, कियोस्क और अन्य वायु सेना आर्टिफैक्ट्स जिसमें मशीन/फिक्स्चर इत्यादि, वायु सेना की उपलब्धियों और व्यक्तित्वों पर वीडियो, फिल्म सहित पर्याप्त प्रचार सामग्री और लोगों को जानकारी देने के लिए सेना की तरफ से गाइड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बता दें कि 27 अगस्त 2021 को पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की उपस्थिति में चंडीगढ़ प्रशासन और वायु सेना के बीच इस विरासत केंद्र को बनाने के लिए सहमति बनी थी।

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