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लिपिक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 5 लाख रुपये की ठगी


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रेवाड़ी। जिले में गांव कालूवास निवासी एक युवक से कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) में लिपिक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। अब मांगने पर आरोपी रुपये भी नहीं लौटा रहा है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
गांव कालूवास निवासी दीपक कुमार ने बताया कि कोसली कस्बा के गांव बाबरोली निवासी प्रदीप ढ़ीलन का अक्सर उसके गांव में आना-जाना लगा रहता था, तभी उसकी मुलाकात प्रदीप से हो गई। प्रदीप ने बताया कि वह दिल्ली एसएसबी में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है और उसकी डिपार्टमेंट में काफी जान पहचान है। इसलिए उसने प्रदीप से नौकरी लगवाने की बात की तो प्रदीप ने कहा कि वह दिल्ली एसएससी में उसे क्लर्क के पद पर नौकरी लगवा देगा। इसकी एवज में उसे 5 लाख रुपये देने होंगे। दीपक उसकी बातों में आ गया और 5 लाख रुपये का इंतजाम करके उसे दे दिए। 2020 में कोरोना महामारी आ गई। दीपक ने प्रदीप से संपर्क किया तो बताया कि कोरोना महामारी के चलते अभी नौकरी नहीं लग सकती, लेकिन वह जल्द ही उसे लगवा जरूर देगा। दीपक उसके भरोसे में रहा। इस दौरान आरोपी उसे बार-बार झूठा आश्वासन देता रहा। मार्च 2022 में जब दीपक ने उससे संपर्क किया तो फोन ही स्विच ऑफ मिला। इसके बाद दीपक उसके गांव बाबरोली गया तो परिवार ने बताया कि वह काफी समय से घर ही नहीं आता। रुपये का लेनदेन प्रदीप से किया था और अब उसी से बात करना। इतना सुनने के बाद दीपक घर आ गया। सोमवार को दीपक ने इसकी शिकायत रामपुरा थाना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी प्रदीप के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारी का वर्जन:
मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया जाएगा।
– रण सिंह, थाना प्रभारी, रामपुरा

रेवाड़ी। जिले में गांव कालूवास निवासी एक युवक से कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) में लिपिक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। अब मांगने पर आरोपी रुपये भी नहीं लौटा रहा है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

गांव कालूवास निवासी दीपक कुमार ने बताया कि कोसली कस्बा के गांव बाबरोली निवासी प्रदीप ढ़ीलन का अक्सर उसके गांव में आना-जाना लगा रहता था, तभी उसकी मुलाकात प्रदीप से हो गई। प्रदीप ने बताया कि वह दिल्ली एसएसबी में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है और उसकी डिपार्टमेंट में काफी जान पहचान है। इसलिए उसने प्रदीप से नौकरी लगवाने की बात की तो प्रदीप ने कहा कि वह दिल्ली एसएससी में उसे क्लर्क के पद पर नौकरी लगवा देगा। इसकी एवज में उसे 5 लाख रुपये देने होंगे। दीपक उसकी बातों में आ गया और 5 लाख रुपये का इंतजाम करके उसे दे दिए। 2020 में कोरोना महामारी आ गई। दीपक ने प्रदीप से संपर्क किया तो बताया कि कोरोना महामारी के चलते अभी नौकरी नहीं लग सकती, लेकिन वह जल्द ही उसे लगवा जरूर देगा। दीपक उसके भरोसे में रहा। इस दौरान आरोपी उसे बार-बार झूठा आश्वासन देता रहा। मार्च 2022 में जब दीपक ने उससे संपर्क किया तो फोन ही स्विच ऑफ मिला। इसके बाद दीपक उसके गांव बाबरोली गया तो परिवार ने बताया कि वह काफी समय से घर ही नहीं आता। रुपये का लेनदेन प्रदीप से किया था और अब उसी से बात करना। इतना सुनने के बाद दीपक घर आ गया। सोमवार को दीपक ने इसकी शिकायत रामपुरा थाना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी प्रदीप के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।

अधिकारी का वर्जन:

मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया जाएगा।

– रण सिंह, थाना प्रभारी, रामपुरा

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