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लापरवाही : नगर निगम ने बिजलीघर बनाने के लिए सौंप दी कब्रिस्तान की जमीन


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सोनीपत। गांव देवडू में बिजलीघर बनाने के लिए नगर निगम की तरफ से बिजली निगम को दी गई जमीन में लापरवाही सामने आई है। निगम के अधिकारियों ने कब्रिस्तान की डेढ़ एकड़ जमीन बिजली निगम को हस्तांतरित कर दी है। अधिकारियों को मामले की जानकारी सर्वे के दौरान हुई। उधर, ग्रामीणों ने मामले में नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ ऐतराज जताया है, जिसके बाद बिजली निगम के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता ने निगम अधिकारियों को पत्र लिख उन्हें हस्तांतरित की गई जमीन कब्रिस्तान की होने की बात कही, जिस पर नगर निगम ने जमीन के रिकॉर्ड की जांच की तो लापरवाही उजागर हो गई। अब कब्रिस्तान की जमीन के बदले में बिजली निगम को दूसरी जमीन सौंप दी गई है।
बिजली निगम की ओर से गांव देवडू की जमीन पर 33 केवी बिजलीघर (उपकेंद्र) स्थापित किया जाना है। इसके लिए सरकार की ओर से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन नगर निगम की तरफ से जमीन हस्तांतरण में देरी करने की वजह से बिजलीघर स्थापित नहीं हो पा रहा था। बिजलीघर स्थापित करने के लिए बिजली निगम के अधिकारी काफी समय से नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क कर रहे थे। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों ने लापरवाही बरतते हुए बिजली निगम को कब्रिस्तान की जमीन सौंप दी। इसकी जानकारी लोगों को लगी तो वह गुस्सा हो गए। उन्होंने बिजली निगम व नगर निगम के अधिकारियों से मुलाकात की। जब मामला बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता के संज्ञान में आया तो उन्होंने कब्रिस्तान की जमीन मिलने का हवाला देते हुए नगर निगम को पत्र लिखा। इस पर नगर निगम की ओर से जमीन के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में कब्रिस्तान की जमीन हस्तांतरित किए जाने का पता लगा। इसके बाद दोबारा ने दूसरी जमीन बिजली निगम को सौंपी गई है।
दूसरी जमीन की 10 दिन पहले कराई रजिस्ट्री
बिजली निगम को बिजलीघर बनाने के लिए 10 दिन पहले ही दूसरी जमीन दी गई। जमीन मिलने के बाद निगम ने उसकी रजिस्ट्री करवाई है। बिजली निगम की ओर से 40 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन ली गई है। जल्द ही 33 केवी बिजलीघर स्थापित करने का काम शुरू किया जाएगा।
तीन करोड़ की लागत से 8 माह में स्थापित होगा बिजलीघर
बिजली निगम की ओर से गांव देवडू में 33 केवी बिजलीघर स्थापित किया जाएगा। इस पर करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बिजलीघर करीब 8 महीने में स्थापित किया जाएगा। इससे देवडू रोड की कॉलोनियों, गांव देवडू समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बेहतर हो सकेगी, जिससे शहर के 50 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा।
आधारभूत संरचना को बढ़ावा दिया जा रहा
बिजली निगम की ओर से उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि की गई है। इसके अलावा बिजली लाइन को शिफ्ट करने सहित तमाम प्रकार के कार्य बिजली निगम द्वारा किए जा रहे हैं।
वर्जन
नगर निगम ने गांव देवडू की कब्रिस्तान की जमीन सौंप दी थी। लोगों के एतराज जताने के बाद नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर कब्रिस्तान की जमीन सौंपे जाने का हवाला दिया गया। उसके बाद हमें दूसरी जमीन मिल गई है। जल्द ही बिजलीघर स्थापित करने का काम शुरू करा दिया जाएगा।
-संदीप जैन, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम
वर्जन
गांव देवडू की कब्रिस्तान की जमीन बिजली निगम को सौंपे जाने का मामला कार्यालय में मेरे आने से पहले का है। अब गांव देवडू की दूसरी जमीन की रजिस्ट्री 10 दिन पहले ही बिजली निगम के नाम कराई गई है।
-अपूर्व चौधरी, उप निगम आयुक्त नगर निगम

सोनीपत। गांव देवडू में बिजलीघर बनाने के लिए नगर निगम की तरफ से बिजली निगम को दी गई जमीन में लापरवाही सामने आई है। निगम के अधिकारियों ने कब्रिस्तान की डेढ़ एकड़ जमीन बिजली निगम को हस्तांतरित कर दी है। अधिकारियों को मामले की जानकारी सर्वे के दौरान हुई। उधर, ग्रामीणों ने मामले में नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ ऐतराज जताया है, जिसके बाद बिजली निगम के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता ने निगम अधिकारियों को पत्र लिख उन्हें हस्तांतरित की गई जमीन कब्रिस्तान की होने की बात कही, जिस पर नगर निगम ने जमीन के रिकॉर्ड की जांच की तो लापरवाही उजागर हो गई। अब कब्रिस्तान की जमीन के बदले में बिजली निगम को दूसरी जमीन सौंप दी गई है।

बिजली निगम की ओर से गांव देवडू की जमीन पर 33 केवी बिजलीघर (उपकेंद्र) स्थापित किया जाना है। इसके लिए सरकार की ओर से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन नगर निगम की तरफ से जमीन हस्तांतरण में देरी करने की वजह से बिजलीघर स्थापित नहीं हो पा रहा था। बिजलीघर स्थापित करने के लिए बिजली निगम के अधिकारी काफी समय से नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क कर रहे थे। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों ने लापरवाही बरतते हुए बिजली निगम को कब्रिस्तान की जमीन सौंप दी। इसकी जानकारी लोगों को लगी तो वह गुस्सा हो गए। उन्होंने बिजली निगम व नगर निगम के अधिकारियों से मुलाकात की। जब मामला बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता के संज्ञान में आया तो उन्होंने कब्रिस्तान की जमीन मिलने का हवाला देते हुए नगर निगम को पत्र लिखा। इस पर नगर निगम की ओर से जमीन के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में कब्रिस्तान की जमीन हस्तांतरित किए जाने का पता लगा। इसके बाद दोबारा ने दूसरी जमीन बिजली निगम को सौंपी गई है।

दूसरी जमीन की 10 दिन पहले कराई रजिस्ट्री

बिजली निगम को बिजलीघर बनाने के लिए 10 दिन पहले ही दूसरी जमीन दी गई। जमीन मिलने के बाद निगम ने उसकी रजिस्ट्री करवाई है। बिजली निगम की ओर से 40 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन ली गई है। जल्द ही 33 केवी बिजलीघर स्थापित करने का काम शुरू किया जाएगा।

तीन करोड़ की लागत से 8 माह में स्थापित होगा बिजलीघर

बिजली निगम की ओर से गांव देवडू में 33 केवी बिजलीघर स्थापित किया जाएगा। इस पर करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बिजलीघर करीब 8 महीने में स्थापित किया जाएगा। इससे देवडू रोड की कॉलोनियों, गांव देवडू समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बेहतर हो सकेगी, जिससे शहर के 50 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा।

आधारभूत संरचना को बढ़ावा दिया जा रहा

बिजली निगम की ओर से उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि की गई है। इसके अलावा बिजली लाइन को शिफ्ट करने सहित तमाम प्रकार के कार्य बिजली निगम द्वारा किए जा रहे हैं।

वर्जन

नगर निगम ने गांव देवडू की कब्रिस्तान की जमीन सौंप दी थी। लोगों के एतराज जताने के बाद नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर कब्रिस्तान की जमीन सौंपे जाने का हवाला दिया गया। उसके बाद हमें दूसरी जमीन मिल गई है। जल्द ही बिजलीघर स्थापित करने का काम शुरू करा दिया जाएगा।

-संदीप जैन, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम

वर्जन

गांव देवडू की कब्रिस्तान की जमीन बिजली निगम को सौंपे जाने का मामला कार्यालय में मेरे आने से पहले का है। अब गांव देवडू की दूसरी जमीन की रजिस्ट्री 10 दिन पहले ही बिजली निगम के नाम कराई गई है।

-अपूर्व चौधरी, उप निगम आयुक्त नगर निगम

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