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लंबित मांगों के समर्थन में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सीएमओ को सौंपा ज्ञापन


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अंबाला। लंबित मांगों के समर्थन में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी एसकेएस हरियाणा के बैनर तले सीएमओ कार्यालय पर एकत्रित हुए थे। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार आए दिन नए-नए फरमान जारी कर रही है। इसके विरोध में कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने मांग पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
एमपीएचई एसोसिएशन की स्टेट प्रेसिडेंट बाल कौर और जिला प्रधान प्रीति ने कहा कि वित्त विभाग द्वारा एनएचएम कर्मचारियों का वेतन फिक्स करने संबंधी जारी किए गए पत्र को रद्द किया जाए। सरकार एनएचएम कर्मचारियों को उनका हक नहीं देना चाहती। उन्होंने मांगें रखते हुए कहा कि एनएचएम के तहत कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू को कैडर के मूल वेतनमान एफपीएल छह का लाभ और 7वें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। एनएचएम के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों और एमपीएचडब्ल्यू को कोविड भत्ता दिया जाए। कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जाए व स्वास्थ्य कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेश मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जाए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एकमुश्त 15 लाख रुपये का लाभ दिया जाए।

अंबाला। लंबित मांगों के समर्थन में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी एसकेएस हरियाणा के बैनर तले सीएमओ कार्यालय पर एकत्रित हुए थे। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार आए दिन नए-नए फरमान जारी कर रही है। इसके विरोध में कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने मांग पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

एमपीएचई एसोसिएशन की स्टेट प्रेसिडेंट बाल कौर और जिला प्रधान प्रीति ने कहा कि वित्त विभाग द्वारा एनएचएम कर्मचारियों का वेतन फिक्स करने संबंधी जारी किए गए पत्र को रद्द किया जाए। सरकार एनएचएम कर्मचारियों को उनका हक नहीं देना चाहती। उन्होंने मांगें रखते हुए कहा कि एनएचएम के तहत कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू को कैडर के मूल वेतनमान एफपीएल छह का लाभ और 7वें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। एनएचएम के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों और एमपीएचडब्ल्यू को कोविड भत्ता दिया जाए। कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जाए व स्वास्थ्य कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेश मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जाए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एकमुश्त 15 लाख रुपये का लाभ दिया जाए।

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