लंदन रिटर्न कुलदीप ने लोगों की जिद पर लड़ा चुनाव और जीते


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अंशु शर्मा
अंबाला। नगर पालिका के चुनावों का नतीजा सामने आने के बाद नवनियुक्त पार्षद अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों को करवाने का बीड़ा उठाने के लिए पूरी तरह बेताब हैं। हर कोई अपने अंदाज में काम करने की ठाने हुए है। चाहे फिर वार्ड नंबर 13 में जीतने वाले लंदन में 12 साल रहकर आए कुलदीप सिंह हो या फिर वार्ड नंबर 10 से विजयी होकर दूसरी बार पार्षद बने 67 वर्षीय ओमप्रकाश। वार्ड के लोगों ने उनकी मर्जी के बिना विश्वास जताते हुए मैदान में उतारा और विजयी बनाकर वार्ड में सुधार का जिम्मा सौंपा। अमर उजाला से बातचीत के दौरान पार्षदों का कहना था कि उनका जीवन वार्ड के लोगों की सेवा को ही समर्पित है। उन्होंने चुनाव में खड़ा कर जीत दिलवाई है तो वह भी पूरी तरह से इलाके के विकास कार्य करवाने को समर्पित हैं। संवाद
लंदन में जैसा देखा, वैसा ही वार्ड में सुधार का रहेगा प्रयास
वार्ड नंबर 13 से विजयी रहे कुलदीप सिंह का कहना था कि वह आर्मी में हवलदार पद से रिटायर्ड हैं। बाद में हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भी कार्यरत रहे। 2017 में नौकरी छोड़कर लंदन में रोजगार की तलाश में चले गए। वहां 12 साल काम करने के बाद लौट आए। कुलदीप सिंह ने बताया कि बेटे का यूएसए में मर्डर हो गया था, इसलिए वापस आना पड़ा। दूसरा बेटा पुर्तगाल में है। गुरु कृपा वेलफेयर सोसायटी के प्रधान रहने के बाद समाजसेवा के कार्य किए। गली वालों ने कहा तो लड़े और मैदान में कूद कर बाजी है। वह आजाद लड़े हैं।
दो दिन पहले लोगों ने बनाया चुनाव लड़ने का मन
वार्ड नंबर 10 के नवनियुक्त पार्षद ओमप्रकाश घासी ने बताया कि 2005 में भी पार्षद चुने गए थे। 2010 में पत्नी पार्षद बनी। डेढ़ साल पहले पत्नी का देहांत हो गया था। एक्सीडेंट में लगी चोट के बाद चलने-फिरने में दिक्कत हो गई थी। वार्ड के लोग दूसरा चेहरा तलाश रहे थे। जब कोई नहीं मिला तो लोगों ने दो दिन पहले ही उन्हें चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतार दिया। अब फिर मौका मिला है तो लोगों का विश्वास टूटने नहीं दूंगा। आखिरी सांस तक वार्ड के लोगों की हक की लड़ाई लडू़ंगा।
वार्ड के लोगों का हक दिलवाकर रहूंगा
वार्ड नंबर 3 से विजयी रहे प्रदीप गोयल ने बताया कि वह पेशे से एडवोकेट हैं। पहले भी वार्ड के लोगों की समस्याओं को लेकर लड़ाई लड़ते रहे हैं। चाहे वह अधिकारियों से मिलकर काम करवाने की हो या फिर इलाकवासियों की कानूनी लड़ाई हो। अब तो वार्ड के लोगों ने पूरा विश्वास दिखाते हुए विजयी बनाया है, उनका भरोसा कैसे टूटने दूंगा। उनका हक दिलवाकर रहूंगा।

अंशु शर्मा

अंबाला। नगर पालिका के चुनावों का नतीजा सामने आने के बाद नवनियुक्त पार्षद अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों को करवाने का बीड़ा उठाने के लिए पूरी तरह बेताब हैं। हर कोई अपने अंदाज में काम करने की ठाने हुए है। चाहे फिर वार्ड नंबर 13 में जीतने वाले लंदन में 12 साल रहकर आए कुलदीप सिंह हो या फिर वार्ड नंबर 10 से विजयी होकर दूसरी बार पार्षद बने 67 वर्षीय ओमप्रकाश। वार्ड के लोगों ने उनकी मर्जी के बिना विश्वास जताते हुए मैदान में उतारा और विजयी बनाकर वार्ड में सुधार का जिम्मा सौंपा। अमर उजाला से बातचीत के दौरान पार्षदों का कहना था कि उनका जीवन वार्ड के लोगों की सेवा को ही समर्पित है। उन्होंने चुनाव में खड़ा कर जीत दिलवाई है तो वह भी पूरी तरह से इलाके के विकास कार्य करवाने को समर्पित हैं। संवाद

लंदन में जैसा देखा, वैसा ही वार्ड में सुधार का रहेगा प्रयास

वार्ड नंबर 13 से विजयी रहे कुलदीप सिंह का कहना था कि वह आर्मी में हवलदार पद से रिटायर्ड हैं। बाद में हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भी कार्यरत रहे। 2017 में नौकरी छोड़कर लंदन में रोजगार की तलाश में चले गए। वहां 12 साल काम करने के बाद लौट आए। कुलदीप सिंह ने बताया कि बेटे का यूएसए में मर्डर हो गया था, इसलिए वापस आना पड़ा। दूसरा बेटा पुर्तगाल में है। गुरु कृपा वेलफेयर सोसायटी के प्रधान रहने के बाद समाजसेवा के कार्य किए। गली वालों ने कहा तो लड़े और मैदान में कूद कर बाजी है। वह आजाद लड़े हैं।

दो दिन पहले लोगों ने बनाया चुनाव लड़ने का मन

वार्ड नंबर 10 के नवनियुक्त पार्षद ओमप्रकाश घासी ने बताया कि 2005 में भी पार्षद चुने गए थे। 2010 में पत्नी पार्षद बनी। डेढ़ साल पहले पत्नी का देहांत हो गया था। एक्सीडेंट में लगी चोट के बाद चलने-फिरने में दिक्कत हो गई थी। वार्ड के लोग दूसरा चेहरा तलाश रहे थे। जब कोई नहीं मिला तो लोगों ने दो दिन पहले ही उन्हें चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतार दिया। अब फिर मौका मिला है तो लोगों का विश्वास टूटने नहीं दूंगा। आखिरी सांस तक वार्ड के लोगों की हक की लड़ाई लडू़ंगा।

वार्ड के लोगों का हक दिलवाकर रहूंगा

वार्ड नंबर 3 से विजयी रहे प्रदीप गोयल ने बताया कि वह पेशे से एडवोकेट हैं। पहले भी वार्ड के लोगों की समस्याओं को लेकर लड़ाई लड़ते रहे हैं। चाहे वह अधिकारियों से मिलकर काम करवाने की हो या फिर इलाकवासियों की कानूनी लड़ाई हो। अब तो वार्ड के लोगों ने पूरा विश्वास दिखाते हुए विजयी बनाया है, उनका भरोसा कैसे टूटने दूंगा। उनका हक दिलवाकर रहूंगा।

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Written by Haryanacircle

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