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रोहतक-दादरी-लोहारू नए बाईपास पर फिर कई जगह बने बारिश से कटाव, हादसों का अंदेशा


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भिवानी। रोहतक रोड के निनान गांव से दादरी और लोहारू रोड को जोड़ने वाला करीब 13 किलोमीटर के बाईपास पर एक बार फिर कई जगह बारिश से कटाव बन गए हैं, जिसकी वजह से हादसों का अंदेशा बना हुआ है। निर्माण के दौरान भी सड़क के नीचे से मिट्टी खिसकने के कारण भारी कटाव हो गए थे, जिन्हें दुरुस्त किया गया था, लेकिन अब बाईपास चालू हो चुका है। जिस पर रोजाना ही सैकड़ों वाहनों का आवागमन हो रहा है। ऐसे में हाल ही में हुई बारिश से बने कटाव से हादसों का अंदेशा भी बना है। हाईवे अथॉरिटी ने भी बाईपास को वाहनों के लिए खोल दिया है, जिस पर कई दुर्घटना संभावित जगह भी हैं, जहां ट्रैफिक साइन व ब्रेकर बनाने का काम चल रहा है।
एनएच रोहतक व एनएच भिवानी के दायरे में आने वाला भिवानी का नया बाईपास 13 किलोमीटर के दायरे में रोहतक, दादरी और लोहारू रोड को आपस में जोड़ता है। इस बाईपास के चालू होते ही यहां भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया है। ऐसे में हाईवे के बाईपास पर बने कटाव किसी भी वाहन के लिए दुर्घटना की वजह बन सकते हैं। रात के समय हाईवे पर स्ट्रीट लाइट की भी फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसे में मिट्टी खिसकने से बने ये कटाव हादसों को बुलावा दे रहे हैं। बाईपास से कई गांवों को जाने के लिए अप्रोच रोड भी बनाए गए हैं, जहां कटाव से स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। यहां सड़क पर केवल तारकोल की लेयर ही अधर में डटी है, जबकि नीचे की रोड़ी और मिट्टी पूरी तरह से खिसक चुकी है। हाईवे के बाईपास खेतों से करीब 12 से 14 फुट तक ऊंचा हैं, एक बार कोई वाहन सड़क पर असंतुलित होकर पलटा तो फिर सीधे नीचे गहरी खाई में ही गिरेगा। बाईपास रख रखाव एजेंसी द्वारा बारिश के बाद बनने वाले मिट्टी के कटाव को दुरुस्त कराने का काम कराती है, क्योंकि हाईवे पर वाहनों की रफ्तार हवा से बातें करती है, ऐसे में नजदीक आने के बाद किसी चालक को सड़क धंसने का पता चला तो फिर वाहन पर संतुलन कर पाना मुश्किल है।
वर्जन:::
बाईपास निर्माण करने वाली एजेंसी द्वारा ही उसका गारंटी समय में रख रखाव किया जा रहा है। बारिश के बाद नए बाईपास में मिट्टी के कटाव होना स्वभाविक प्रक्रिया है, जिन्हें जरूरत के हिसाब से दुरुस्त कराया जा रहा है। हाईवे पर ब्रेकर और ट्रैफिक सिग्नल भी बनाए जा रहे हैं।
-प्रवीन सहरावत, एसडीओ, एनएच रोहतक।

भिवानी। रोहतक रोड के निनान गांव से दादरी और लोहारू रोड को जोड़ने वाला करीब 13 किलोमीटर के बाईपास पर एक बार फिर कई जगह बारिश से कटाव बन गए हैं, जिसकी वजह से हादसों का अंदेशा बना हुआ है। निर्माण के दौरान भी सड़क के नीचे से मिट्टी खिसकने के कारण भारी कटाव हो गए थे, जिन्हें दुरुस्त किया गया था, लेकिन अब बाईपास चालू हो चुका है। जिस पर रोजाना ही सैकड़ों वाहनों का आवागमन हो रहा है। ऐसे में हाल ही में हुई बारिश से बने कटाव से हादसों का अंदेशा भी बना है। हाईवे अथॉरिटी ने भी बाईपास को वाहनों के लिए खोल दिया है, जिस पर कई दुर्घटना संभावित जगह भी हैं, जहां ट्रैफिक साइन व ब्रेकर बनाने का काम चल रहा है।

एनएच रोहतक व एनएच भिवानी के दायरे में आने वाला भिवानी का नया बाईपास 13 किलोमीटर के दायरे में रोहतक, दादरी और लोहारू रोड को आपस में जोड़ता है। इस बाईपास के चालू होते ही यहां भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया है। ऐसे में हाईवे के बाईपास पर बने कटाव किसी भी वाहन के लिए दुर्घटना की वजह बन सकते हैं। रात के समय हाईवे पर स्ट्रीट लाइट की भी फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसे में मिट्टी खिसकने से बने ये कटाव हादसों को बुलावा दे रहे हैं। बाईपास से कई गांवों को जाने के लिए अप्रोच रोड भी बनाए गए हैं, जहां कटाव से स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। यहां सड़क पर केवल तारकोल की लेयर ही अधर में डटी है, जबकि नीचे की रोड़ी और मिट्टी पूरी तरह से खिसक चुकी है। हाईवे के बाईपास खेतों से करीब 12 से 14 फुट तक ऊंचा हैं, एक बार कोई वाहन सड़क पर असंतुलित होकर पलटा तो फिर सीधे नीचे गहरी खाई में ही गिरेगा। बाईपास रख रखाव एजेंसी द्वारा बारिश के बाद बनने वाले मिट्टी के कटाव को दुरुस्त कराने का काम कराती है, क्योंकि हाईवे पर वाहनों की रफ्तार हवा से बातें करती है, ऐसे में नजदीक आने के बाद किसी चालक को सड़क धंसने का पता चला तो फिर वाहन पर संतुलन कर पाना मुश्किल है।

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बाईपास निर्माण करने वाली एजेंसी द्वारा ही उसका गारंटी समय में रख रखाव किया जा रहा है। बारिश के बाद नए बाईपास में मिट्टी के कटाव होना स्वभाविक प्रक्रिया है, जिन्हें जरूरत के हिसाब से दुरुस्त कराया जा रहा है। हाईवे पर ब्रेकर और ट्रैफिक सिग्नल भी बनाए जा रहे हैं।

-प्रवीन सहरावत, एसडीओ, एनएच रोहतक।

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