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रोहतक: किलोई में ग्रामीणों ने बिजली कर्मचारियों को 5 घंटे बनाया बंधक, पुलिस ने छुड़ाया


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उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की टीम को मंगलवार को हरियाणा के रोहतक में किलोई के ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे बंधक बनाए रखा। बाद में रात करीब साढ़े नौ बजे के बाद उन्हें डीएसपी छुड़ा कर लाए। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि दोपहर साढ़े तीन बजे टीम किलोई गई थी। इसमें निगम कर्मचारी शेर सिंह, अमरजीत व सोमवीर शामिल है। टीम ने दो खराब मीटर ही बदले थे।

तीसरा मीटर बदलते समय कुछ ग्रामीण वहां आए और उनका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद तीनों को गांव की चौपाल पर ले जाया गया। यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ग्रामीणों ने मीटर बदले जाने का विरोध किया। निगम को इस बारे में पता लगा तो पुलिस को सूचना दी।

इसके बाद सदर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का मुआयना करने के बाद अधिकारियों से निगम अधिकारी को वहां नहीं भेजने की बात कही। साथ ही गांव में हालात बिगड़ने की भी आशंका जताई। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचा तो डीएसपी विनोद को वहां भेजा गया। 

डीएसपी ने लोगों को समझा कर रात करीब साढ़े नौ बजे बाद कर्मचारियों को छुड़वाया। इसके लिए ग्रामीणों ने मीटर नहीं बदले जाने की शर्त रखी। डीएसपी ने कहा कि कर्मचारियों को बंधक बनाने का मामला सामने आया था। इसे सुलझा लिया गया है। किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई है। 

निगम के भालोठ एसडीओ प्रियंक ने बताया कि मीटर बदलने गई टीम को किलोई के ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। उन्हें करीब पांच घंटे तक चौपाल में बैठा कर रखा। बाद में पुलिस ने इन्हें छुड़ाया। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करावा दिया गया है।

विस्तार

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की टीम को मंगलवार को हरियाणा के रोहतक में किलोई के ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे बंधक बनाए रखा। बाद में रात करीब साढ़े नौ बजे के बाद उन्हें डीएसपी छुड़ा कर लाए। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि दोपहर साढ़े तीन बजे टीम किलोई गई थी। इसमें निगम कर्मचारी शेर सिंह, अमरजीत व सोमवीर शामिल है। टीम ने दो खराब मीटर ही बदले थे।

तीसरा मीटर बदलते समय कुछ ग्रामीण वहां आए और उनका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद तीनों को गांव की चौपाल पर ले जाया गया। यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ग्रामीणों ने मीटर बदले जाने का विरोध किया। निगम को इस बारे में पता लगा तो पुलिस को सूचना दी।

इसके बाद सदर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का मुआयना करने के बाद अधिकारियों से निगम अधिकारी को वहां नहीं भेजने की बात कही। साथ ही गांव में हालात बिगड़ने की भी आशंका जताई। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचा तो डीएसपी विनोद को वहां भेजा गया। 

डीएसपी ने लोगों को समझा कर रात करीब साढ़े नौ बजे बाद कर्मचारियों को छुड़वाया। इसके लिए ग्रामीणों ने मीटर नहीं बदले जाने की शर्त रखी। डीएसपी ने कहा कि कर्मचारियों को बंधक बनाने का मामला सामने आया था। इसे सुलझा लिया गया है। किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई है। 

निगम के भालोठ एसडीओ प्रियंक ने बताया कि मीटर बदलने गई टीम को किलोई के ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। उन्हें करीब पांच घंटे तक चौपाल में बैठा कर रखा। बाद में पुलिस ने इन्हें छुड़ाया। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करावा दिया गया है।

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