राष्ट्र उत्थान के लिए नैतिक क्रांति भी जरूरी : प्रहलाद सिंह पटेल


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सोनीपत। केंद्रीय राज्य मंत्री (खाद्य संस्करण उद्योग मंत्रालय) प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि कोई भी राष्ट्र मात्र आर्थिक क्रांति से महान नहीं बनता अपितु राष्ट्र उत्थान व मजबूती के लिए नैतिक क्रांति भी जरूरी है। केंद्रीय राज्य मंत्री शुक्रवार को राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को नैतिक क्रांति का वाहक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री ने निफ्टम के 525 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बधाई दी।
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने महात्मा बुद्ध के जीवन का प्रसंग सुनाते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान की ताकत से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बुद्ध ने पितृ ऋण के रूप में अपने पुत्र को ज्ञान प्रदान करते हुए संयास का रास्ता दिखाया। असली संपत्ति कोई पद नहीं है, बल्कि ताकत ज्ञान की होती है। ज्ञान की शक्ति के सहारे ही पद, धन व प्रतिष्ठा मिलती है। उन्होंने निफ्टम के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने ज्ञान का अधिकाधिक वितरण करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निफ्टम आने वाले समय में नया मुकाम हासिल करेगा। अभी निफ्टम के दो पेटेंट हैं। अगले दीक्षांत समारोह तक आंकड़ा दहाई में पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले अधिकांश विद्यार्थी अपनी ज्ञान की ऊर्जा को दूसरों तक पहुंचाएंगे।
इंसेट
विश्व में अपनी पहचान बनाने की जरूरत
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि देश के उद्योगपतियों में दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने की क्षमता है। दुनिया में भारतीय खान-पान के प्रति रुचि बढ़ी है, लेकिन विश्व में हमें अपनी पहचान बनाने की जरूरत है। इसके लिए विशेष प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निफ्टम का दीक्षांत समारोह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आजादी के 75वें वर्ष में मनाया जा रहा है। ऐसे में और अधिक उत्साह व ऊर्जा के साथ हमें दुनिया की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करने चाहिए।
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कुलपति ने प्रस्तुत की वार्षिक रिपोर्ट
खाद्य संस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की सचिव एवं निफ्टम की कुलाधिपति अनीता प्रवीण, आक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष धीरज तोलाराम तलरेजा व राई हलका विधायक मोहनलाल बड़ौली ने भी डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। इसके पहले निफ्टम के कुलपति डॉ. चिंदी वासुदेवप्पा ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईएनआई का दर्जा मिलने से निफ्टम का कद काफी ऊंचा हो गया है। यह देश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अत्यधिक कुशल व पेशेवर कर्मियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सोनीपत। केंद्रीय राज्य मंत्री (खाद्य संस्करण उद्योग मंत्रालय) प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि कोई भी राष्ट्र मात्र आर्थिक क्रांति से महान नहीं बनता अपितु राष्ट्र उत्थान व मजबूती के लिए नैतिक क्रांति भी जरूरी है। केंद्रीय राज्य मंत्री शुक्रवार को राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को नैतिक क्रांति का वाहक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री ने निफ्टम के 525 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बधाई दी।

केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने महात्मा बुद्ध के जीवन का प्रसंग सुनाते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान की ताकत से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बुद्ध ने पितृ ऋण के रूप में अपने पुत्र को ज्ञान प्रदान करते हुए संयास का रास्ता दिखाया। असली संपत्ति कोई पद नहीं है, बल्कि ताकत ज्ञान की होती है। ज्ञान की शक्ति के सहारे ही पद, धन व प्रतिष्ठा मिलती है। उन्होंने निफ्टम के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने ज्ञान का अधिकाधिक वितरण करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निफ्टम आने वाले समय में नया मुकाम हासिल करेगा। अभी निफ्टम के दो पेटेंट हैं। अगले दीक्षांत समारोह तक आंकड़ा दहाई में पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले अधिकांश विद्यार्थी अपनी ज्ञान की ऊर्जा को दूसरों तक पहुंचाएंगे।

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विश्व में अपनी पहचान बनाने की जरूरत

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि देश के उद्योगपतियों में दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने की क्षमता है। दुनिया में भारतीय खान-पान के प्रति रुचि बढ़ी है, लेकिन विश्व में हमें अपनी पहचान बनाने की जरूरत है। इसके लिए विशेष प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निफ्टम का दीक्षांत समारोह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आजादी के 75वें वर्ष में मनाया जा रहा है। ऐसे में और अधिक उत्साह व ऊर्जा के साथ हमें दुनिया की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करने चाहिए।

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कुलपति ने प्रस्तुत की वार्षिक रिपोर्ट

खाद्य संस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की सचिव एवं निफ्टम की कुलाधिपति अनीता प्रवीण, आक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष धीरज तोलाराम तलरेजा व राई हलका विधायक मोहनलाल बड़ौली ने भी डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। इसके पहले निफ्टम के कुलपति डॉ. चिंदी वासुदेवप्पा ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईएनआई का दर्जा मिलने से निफ्टम का कद काफी ऊंचा हो गया है। यह देश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अत्यधिक कुशल व पेशेवर कर्मियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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Written by Haryanacircle

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