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राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे हर्षद बोस का स्वागत


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सोनीपत। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर गांव थरिया लौटे हर्षद बोस का स्वागत किया गया। इससे पहले सोमवार सुबह सोनीपत रेलवे जंक्शन पर पहुंचे एथलीट हर्षद बोस का स्वागत पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर किया।
यह प्रतियोगिता 3 से 5 मई तक स्कूल गेम्स एमेच्योर फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित की गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने रेलवे जंक्शन से गांव थरिया में विजेता खिलाड़ी हर्षद बोस को खुली जीप में बैठाकर पहुंचे। ग्रामीणों ने ढोल नगाड़े को फूलमालाएं डालकर बेटे का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि हर्षद बोस ने स्वर्ण पदक जीतकर सोनीपत का नाम रोशन किया है। खेलों हरियाणा के खिलाड़ी लगातार भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को ग्रामीण क्षेत्र बने स्टेडियम में कोच की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे युवाओं को खेलों में अपनी तैयारी के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। गांव थरिया के खिलाड़ियों को दूसरी जगह पर जाकर अभ्यास करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार को खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक गांव में कोचों की व्यवस्था करनी चाहिए। इस दौरान यासीन राणा, जुल्फान, मेहरवान, सादिक, वासिद उपस्थित रहे।

सोनीपत। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर गांव थरिया लौटे हर्षद बोस का स्वागत किया गया। इससे पहले सोमवार सुबह सोनीपत रेलवे जंक्शन पर पहुंचे एथलीट हर्षद बोस का स्वागत पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर किया।

यह प्रतियोगिता 3 से 5 मई तक स्कूल गेम्स एमेच्योर फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित की गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने रेलवे जंक्शन से गांव थरिया में विजेता खिलाड़ी हर्षद बोस को खुली जीप में बैठाकर पहुंचे। ग्रामीणों ने ढोल नगाड़े को फूलमालाएं डालकर बेटे का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि हर्षद बोस ने स्वर्ण पदक जीतकर सोनीपत का नाम रोशन किया है। खेलों हरियाणा के खिलाड़ी लगातार भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को ग्रामीण क्षेत्र बने स्टेडियम में कोच की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे युवाओं को खेलों में अपनी तैयारी के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। गांव थरिया के खिलाड़ियों को दूसरी जगह पर जाकर अभ्यास करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार को खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक गांव में कोचों की व्यवस्था करनी चाहिए। इस दौरान यासीन राणा, जुल्फान, मेहरवान, सादिक, वासिद उपस्थित रहे।

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