राजस्थान राज्यसभा चुनाव: सुभाष चंद्रा बोले- कांग्रेस के 8 विधायक करेंगे क्राॅस वोटिंग, सचिन पायलट को लेकर कही ये बड़ी बात 


राजस्थान में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा ने आज जयपुर में प्रेस वार्ता कर अपनी जीत का दावा किया है। सुभाष चंद्रा ने कहा कि 30 भाजपा विधायकों के अलावा 12 विधायकों का समर्थन मेरे साथ है। कांग्रेस के 8 विधायक क्राॅस वोटिंग करेंगे। जबकि दूसरी पार्टियों के चार विधायक भी मुझे वोट देंगे। सुभाष चंद्रा ने कहा कि बाड़ेबंदी में शामिल 8 विधायकों ने मुझे वोट देने का वादा किया है। सुभाष चंद्रा ने गहलोत सरकार हमारे 30-40 विधायकों को फोन टैप करवा रही है। इस संबंध में निर्वाचन विभाग में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। सुभाष चंद्रा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव 2023 की दिशा तय करेगा। 

सुभाष चंद्रा बोले- पायलट के पास सीएम बनने का अवसर

सुभाष चंद्रा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सचिन पायलट के पास एक अवसर है सीएम बनने का। पायलट अगर यह अवसर चूक गए तो 2028 तक सीएम नही बन पाएंगे। सुभाष चंद्रा ने कहा कि उन्होंने सचिन पायलट से भी समर्थन देने की मांग की है। सचिन पायलट के पिताजी से मेरी अच्छी मित्रता रही है। सचिन पायलट कर्मठ और जुझारू प्रकृति के व्यक्ति है। सुभाष चंद्रा ने गहलोत को अपना मित्र बताया और चुनाव जीतने का दावा किया। 

आरएलपी का समर्थन मिलने के बाद सुभाष चंद्रा को 8 वोट चाहिए 

मौजूदा ​संख्या बल के हिसाब से BJP एक सीट पर जीत रही है। दूसरी सीट के लिए उसे 11 वोट चाहिए। भाजपा ने घनश्याम तिवाड़ी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। सुभाष चंद्रा भी मैदान में है। भाजपा के 71 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट चाहिए। दो उम्मीदवारों के लिए 82 वोट चाहिए। भाजपा समर्थक दूसरे उम्मीदवार को जीतने के लिए 11 वोट कम पड़ रहे हैं। अगर हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के 3 विधायकों का सपोर्ट सुभाष चंद्रा को मिल गया है। कुल संख्या 74 हो गई है। फिर दूसरे उम्मीदवार के लिए 8 वोटों की कमी रहती है। कांग्रेसी खेमे में सेंध लगाकर आठ वोट का प्रबंध करने पर ही भाजपा समर्थक दूसरा उम्मीदवार जीत सकता है। कांग्रेस के रणनीतिकार कांग्रेस के 108, 13 निर्दलीय, एक आरएलडी, दो सीपीएम और दो बीटीपी विधायकों को मिलाकर 126 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। इसलिए मुकाबला बहुत रोचक है। कांग्रेसी खेमे से भाजपा कुछ निर्दलीयों और नाराज कांग्रेस विधायकों में सेंध लगाने के प्रयास में है।

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बीजेपी की नजर कांग्रेस से नाराज विधायकों पर 

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस 4 में 3 सीट जीतने के लेकर आश्वस्त है। कांग्रेस को तीसरी सीट के लिए निर्दलीय विधायकों की जरूरत पड़ेगी। भाजपा की एक सीट पक्की है, जबकि दूसरी सीट के लिए निर्दलीय विधायकों का समर्थन चाहिए। सभी 13 निर्दलीय विधायक गहलोत सरकार को समर्थन दे रहे हैं। निर्दलीय विधायकों के दम पर बीजेपी सियासी लाभ उठाना चाहती है। बीजेपी नेताओं को उम्मीद है कि गहलोत कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से नाराज चल रहे निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिल सकता है। राजस्थान विधानसभा में संख्या बल कांग्रेस के पक्ष में है। कांग्रेस के पास 108 विधायक, भाजपा के पास 71, निर्दलीय 13, आरएलपी 3, बीटीपी 2, माकपा 2 और आरएलडी के पास एक विधायक है। संभावना है कि यदि उलटफेर नहीं हुआ तो मौजूगा संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस 4 में 3 राज्यसभा की सीट आसानी से जीत जाएगी।

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Written by Haryanacircle

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