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राजकीय बहुतकनीकी हिसा बना दो एनबीए अवॉर्ड प्राप्त करने वाला उत्तर भारत का पहला संस्थान


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संदीप रामायण
हिसार। दिल्ली बाईपास स्थित राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हिसार को दो एनबीए यानी नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन अवॉर्ड से नवाजा गया है। एनबीए के दो अवॉर्ड प्राप्त करने वाला हिसार का राजकीय बहुतकनीकी संस्थान उत्तर भारत का पहला संस्थान बन गया है। पहला एनबीए अवॉर्ड 20 दिसंबर 2019 को बहुतकनीकी संस्थान में करवाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स की विभिन्न खासियतों के कारण मिला। वहीं दूसरा एनबीए अवॉर्ड 3 जनवरी 2022 को कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स के लिए मिला है।
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के प्राचार्य अशोक कुमार ने बताया कि नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन अवॉर्ड के लिए बोर्ड की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया था। संस्थान में विद्यार्थियों को मिलने वाली सभी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली थी। इस दौरान उन्होंने पिछले कुछ सालों का एडमिशन का रिकॉर्ड, कैंपस की जॉब प्लेसमेंट का रिकॉर्ड, शिक्षकों की योग्यता, लैब व क्लास रूम की स्थित, कंप्यूटर सुविधा जांची। साथ ही सभी डिप्लोमा कोर्स के बारे में विस्तृत से जानकारी जुटाई थी। इसके अलावा अभिभावकों व पूर्व छात्राओं से बातचीत थी। संस्थान में विद्यार्थियों व शिक्षकों का अनुशासन का जायजा लिया था। प्राचार्य ने बताया कि एनबीए की टीम ने पूरे कैंपस व सभी डिप्लोमा कोर्स का निरीक्षण करने बाद कंप्यूटर इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स को एनबीए अवॉर्ड दिया। संवाद
ये हुआ फायदा : प्राचार्य अशोक कुमार ने बताया कि एनबीए अवॉर्ड मिलने के बाद कंप्यूटर इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा लाभ मिला है। अब इन दोनों कोर्स का डिप्लोमा पूरे विश्व में मान्य हो गया है। विश्व के हर देश में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हिसार के कंप्यूटर इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स के पास आउट विद्यार्थियों को जॉब प्लेसमेंट में प्रमुुखता रहेगी। उन्होंने बताया कि हर तीन साल बाद एनबीए अवॉर्ड दिया जाता है।
विद्यार्थियों से बातचीत
एनबीए अवॉर्ड मिलना हमारे और संस्थान के लिए बहुत ही गर्व की बात है। हमारे शिक्षक हमें बहुत ही बारीकियों से पढ़ाते हैं व अपनी ट्रेड की विस्तृत जानकारी देते हैं। – पीयूष, छात्र, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान
हमारे संस्थान में डिप्लोमा पूरा होने से पहले ही विद्यार्थियों को नामी कंपनियों में जॉब मिल जाती है। कैंपस इंटरव्यू में ही हमारा चयन हो जाता है। इसका श्रेय हमारे शिक्षकों को जाता है, जो हमें गहराई से पढ़ाते हैं। – रवि, छात्र, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान
मैं इंजीनियरिंग में अपना कॅरिअर बनना चाहता हूं। मेरा यह सपना बहुतकनीकी संस्थान पूरा करेगा। हमारे संस्थान में हमें पढ़ाई के लिए बहुत ही सकारात्मक माहौल मिला है। – नीरज, छात्र राजकीय बहुतकनीकी संस्थान
हमें संस्थान में हर प्रकार की सुविधाएं मिल रही है। थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल वर्क भी खूब करवाया जाता है, जो हमारे कॅरिअर के लिए बहुत जरूरी है। समय पर कक्षाएं लगती है। सभी विद्यार्थी अनुशासन में रहते हैं। – मोना, छात्रा, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान
हमारे संस्थान को दो बार एनबीए का अवॉर्ड मिला है। दो बार एनबीए अवॉर्ड लेने वाले हमारा संस्थान उत्तर भारत का पहला बहुतकनीकी संस्थान बन गया है। एनबीए की टीम ने बहुत ही बारिकी से संस्थान का निरीक्षण किया था। संस्थान की हर तरह की जांच के बाद ही ये अवॉर्ड मिला है। इससे हमारे संस्थान के कंप्यूटर इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स की पूरे विश्व में मान्यता हो गई है। जहां भी हमारे विद्यार्थी जॉब के लिए जाएंगे, वहां इनको प्रमुखता दी जाएगी। – अशोक कुमार, प्राचार्य, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान

संदीप रामायण

हिसार। दिल्ली बाईपास स्थित राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हिसार को दो एनबीए यानी नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन अवॉर्ड से नवाजा गया है। एनबीए के दो अवॉर्ड प्राप्त करने वाला हिसार का राजकीय बहुतकनीकी संस्थान उत्तर भारत का पहला संस्थान बन गया है। पहला एनबीए अवॉर्ड 20 दिसंबर 2019 को बहुतकनीकी संस्थान में करवाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स की विभिन्न खासियतों के कारण मिला। वहीं दूसरा एनबीए अवॉर्ड 3 जनवरी 2022 को कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स के लिए मिला है।

राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के प्राचार्य अशोक कुमार ने बताया कि नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन अवॉर्ड के लिए बोर्ड की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया था। संस्थान में विद्यार्थियों को मिलने वाली सभी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली थी। इस दौरान उन्होंने पिछले कुछ सालों का एडमिशन का रिकॉर्ड, कैंपस की जॉब प्लेसमेंट का रिकॉर्ड, शिक्षकों की योग्यता, लैब व क्लास रूम की स्थित, कंप्यूटर सुविधा जांची। साथ ही सभी डिप्लोमा कोर्स के बारे में विस्तृत से जानकारी जुटाई थी। इसके अलावा अभिभावकों व पूर्व छात्राओं से बातचीत थी। संस्थान में विद्यार्थियों व शिक्षकों का अनुशासन का जायजा लिया था। प्राचार्य ने बताया कि एनबीए की टीम ने पूरे कैंपस व सभी डिप्लोमा कोर्स का निरीक्षण करने बाद कंप्यूटर इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स को एनबीए अवॉर्ड दिया। संवाद

ये हुआ फायदा : प्राचार्य अशोक कुमार ने बताया कि एनबीए अवॉर्ड मिलने के बाद कंप्यूटर इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा लाभ मिला है। अब इन दोनों कोर्स का डिप्लोमा पूरे विश्व में मान्य हो गया है। विश्व के हर देश में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हिसार के कंप्यूटर इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स के पास आउट विद्यार्थियों को जॉब प्लेसमेंट में प्रमुुखता रहेगी। उन्होंने बताया कि हर तीन साल बाद एनबीए अवॉर्ड दिया जाता है।

विद्यार्थियों से बातचीत

एनबीए अवॉर्ड मिलना हमारे और संस्थान के लिए बहुत ही गर्व की बात है। हमारे शिक्षक हमें बहुत ही बारीकियों से पढ़ाते हैं व अपनी ट्रेड की विस्तृत जानकारी देते हैं। – पीयूष, छात्र, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान

हमारे संस्थान में डिप्लोमा पूरा होने से पहले ही विद्यार्थियों को नामी कंपनियों में जॉब मिल जाती है। कैंपस इंटरव्यू में ही हमारा चयन हो जाता है। इसका श्रेय हमारे शिक्षकों को जाता है, जो हमें गहराई से पढ़ाते हैं। – रवि, छात्र, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान

मैं इंजीनियरिंग में अपना कॅरिअर बनना चाहता हूं। मेरा यह सपना बहुतकनीकी संस्थान पूरा करेगा। हमारे संस्थान में हमें पढ़ाई के लिए बहुत ही सकारात्मक माहौल मिला है। – नीरज, छात्र राजकीय बहुतकनीकी संस्थान

हमें संस्थान में हर प्रकार की सुविधाएं मिल रही है। थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल वर्क भी खूब करवाया जाता है, जो हमारे कॅरिअर के लिए बहुत जरूरी है। समय पर कक्षाएं लगती है। सभी विद्यार्थी अनुशासन में रहते हैं। – मोना, छात्रा, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान

हमारे संस्थान को दो बार एनबीए का अवॉर्ड मिला है। दो बार एनबीए अवॉर्ड लेने वाले हमारा संस्थान उत्तर भारत का पहला बहुतकनीकी संस्थान बन गया है। एनबीए की टीम ने बहुत ही बारिकी से संस्थान का निरीक्षण किया था। संस्थान की हर तरह की जांच के बाद ही ये अवॉर्ड मिला है। इससे हमारे संस्थान के कंप्यूटर इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स की पूरे विश्व में मान्यता हो गई है। जहां भी हमारे विद्यार्थी जॉब के लिए जाएंगे, वहां इनको प्रमुखता दी जाएगी। – अशोक कुमार, प्राचार्य, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान

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