युवाओं के खिलवाड़ मंजूर नहीं, अग्निपथ योजना वापस ले सरकार


ख़बर सुनें

झज्जर। किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को लघु सचिवालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन दिया गया। किसान नेताओं ने कहा कि इस योजना के नाम पर सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने इस योजना को निरस्त करने, विरोध कर रहे युवाओं पर दर्ज केस वापस लेने सहित कई मांग उठाईं। राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। सरकार विरोधी नारे लगाए।
धरने की अध्यक्षता युवा किसान नेता मंगल सिलानी ने की और संचालन नीरज सिलाना ने किया। धरने को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के नेता रामचंद्र यादव ने कहा कि इस योजना के विरोध में शुक्रवार को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश बेनीवाल और सर्व खाप के संयोजक ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की यह योजना हमारे देश में 28 करोड़ नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार चाहती है कि हमारा नौजवान 4 साल की नौकरी करने के बाद बड़े-बड़े उद्योगपतियों के यहां गार्ड की नौकरी करें। इसलिए केंद्र सरकार को जो नौजवान 2020 में भर्ती किए थे सब भर्ती किए हुए 87000 नौजवानों को तुरंत नियुक्ति पत्र देने चाहिए। केंद्र सरकार की योजना देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
किसान नेता उमराव सिंह बेरी ने सेना में रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की। कहा कि किसी भी आवेदक से कोई हलफनामा न लिया जाए कि वह विरोध प्रदर्शनों में शामिल था या नहीं। लोकतांत्रिक देश में विरोध करने का अधिकार हम सबके पास है। धरने पर प्रस्ताव पास किया गया कि बड़े बड़े उद्योगों और कारखानों में बना हुआ कोई भी माल नही खरीदा जाए। सीटू की जिला सचिव किरण बहराणा और ममता बाघपुर ने कहा कि इस देश की महिलाएं तन-मन-धन से देश के नौजवानों के इस आंदोलन का समर्थन करेगी। उन्होंने इसकी भी निंदा की देश की तीनों सेनाओं के उच्चाधिकारी जिस तरह से सरकार के फैसले को न्यायोचित ठहरा रहे हैं यह देश के लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। हमारे देश की सेना निरपेक्ष तरीके से काम करती है। उसको सरकार के राजनीतिक फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
ये उठाई मांग
-अग्निपथ योजना तुरंत वापस ली जाए ।
-सेना में रिक्त पदों को भर्तियों से भरा जाए।
-भर्ती में कोई हलफनामा नहीं लेने चाहिए।
-विरोध कर रहे युवाओं पर दर्ज केस वापस लिए जाएं।
धरने में ये रहे मौजूद
वीरेंद्र सहरावत, प्रधान सहरावत खाप, सरजीत गुलिया, प्रधान इंटक, दयानंद बेरी, चिंटू छारा, दिलबाग सिंह दलाल, पूर्व प्रधान सर्व कर्मचारी संघ, सतवीर कादयान प्रधान रिटायर्ड कर्मचारी संघ, प्रवीण ठेकेदार छारा, अनार सिंह डावला, कमलेश, महिला जिला अध्यक्ष इंटक, जगबीर सिंह, किसान नेता जगबीर सफीपुर, राजवीर नंबरदार पलड़ा, राजबाला उप प्रधान मिड डे मील वर्कर यूनियन, दर्शना लोवा, सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व नेता राजेंद्र, अखिल भारतीय किसान सभा के पूर्व नेता मान सिंह दलाल, आशा वर्कर यूनियन की प्रधान कविता, जेपी बैनीवाल, परमिंदर दिल्ली गेट, तेजवीर बाघपुर प्रधान अनाज मंडी बेरी आदि रहे।

झज्जर। किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को लघु सचिवालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन दिया गया। किसान नेताओं ने कहा कि इस योजना के नाम पर सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने इस योजना को निरस्त करने, विरोध कर रहे युवाओं पर दर्ज केस वापस लेने सहित कई मांग उठाईं। राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। सरकार विरोधी नारे लगाए।

धरने की अध्यक्षता युवा किसान नेता मंगल सिलानी ने की और संचालन नीरज सिलाना ने किया। धरने को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के नेता रामचंद्र यादव ने कहा कि इस योजना के विरोध में शुक्रवार को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश बेनीवाल और सर्व खाप के संयोजक ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की यह योजना हमारे देश में 28 करोड़ नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार चाहती है कि हमारा नौजवान 4 साल की नौकरी करने के बाद बड़े-बड़े उद्योगपतियों के यहां गार्ड की नौकरी करें। इसलिए केंद्र सरकार को जो नौजवान 2020 में भर्ती किए थे सब भर्ती किए हुए 87000 नौजवानों को तुरंत नियुक्ति पत्र देने चाहिए। केंद्र सरकार की योजना देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

किसान नेता उमराव सिंह बेरी ने सेना में रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की। कहा कि किसी भी आवेदक से कोई हलफनामा न लिया जाए कि वह विरोध प्रदर्शनों में शामिल था या नहीं। लोकतांत्रिक देश में विरोध करने का अधिकार हम सबके पास है। धरने पर प्रस्ताव पास किया गया कि बड़े बड़े उद्योगों और कारखानों में बना हुआ कोई भी माल नही खरीदा जाए। सीटू की जिला सचिव किरण बहराणा और ममता बाघपुर ने कहा कि इस देश की महिलाएं तन-मन-धन से देश के नौजवानों के इस आंदोलन का समर्थन करेगी। उन्होंने इसकी भी निंदा की देश की तीनों सेनाओं के उच्चाधिकारी जिस तरह से सरकार के फैसले को न्यायोचित ठहरा रहे हैं यह देश के लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। हमारे देश की सेना निरपेक्ष तरीके से काम करती है। उसको सरकार के राजनीतिक फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

ये उठाई मांग

-अग्निपथ योजना तुरंत वापस ली जाए ।

-सेना में रिक्त पदों को भर्तियों से भरा जाए।

-भर्ती में कोई हलफनामा नहीं लेने चाहिए।

-विरोध कर रहे युवाओं पर दर्ज केस वापस लिए जाएं।

धरने में ये रहे मौजूद

वीरेंद्र सहरावत, प्रधान सहरावत खाप, सरजीत गुलिया, प्रधान इंटक, दयानंद बेरी, चिंटू छारा, दिलबाग सिंह दलाल, पूर्व प्रधान सर्व कर्मचारी संघ, सतवीर कादयान प्रधान रिटायर्ड कर्मचारी संघ, प्रवीण ठेकेदार छारा, अनार सिंह डावला, कमलेश, महिला जिला अध्यक्ष इंटक, जगबीर सिंह, किसान नेता जगबीर सफीपुर, राजवीर नंबरदार पलड़ा, राजबाला उप प्रधान मिड डे मील वर्कर यूनियन, दर्शना लोवा, सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व नेता राजेंद्र, अखिल भारतीय किसान सभा के पूर्व नेता मान सिंह दलाल, आशा वर्कर यूनियन की प्रधान कविता, जेपी बैनीवाल, परमिंदर दिल्ली गेट, तेजवीर बाघपुर प्रधान अनाज मंडी बेरी आदि रहे।

.


What do you think?

सूक्ष्य सिंचाई योजना में कवर किए जाएं पानी कमी वाले सभी गांव : शिवराज धुप्पे

जीजेयू के छात्रावास में घुसकर बाहरी युवकों ने एमबीए छात्र को पीटा