मौसम में बदलाव के कारण बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग


नागरिक अस्पताल की लैब में जांच करवाने पहुंचे मरीज। संवाद।

नागरिक अस्पताल की लैब में जांच करवाने पहुंचे मरीज। संवाद।
– फोटो : Jind

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जींद। मौसम में हुए बदलाव से आमजन बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। नागरिक अस्पताल में बुखार, गला खराब, खांसी व जुकाम समेत अन्य सामान्य बीमारियों के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल में प्रतिदिन 1600 के आसपास ओपीडी होती हैं, इनमें से 700 के आसपास बुखार, खांसी, जुकाम व गला खराब के मरीज आ रहे हैं। दिन में गर्मी तथा रात को ठंड होने के कारण यह समस्या आ रही है। इसके अलावा इस मौसम में ठंडा पानी पीना स्वास्थ्य के काफी हानिकारक है, लोग ठंडा पानी पीने से भी बीमार हो रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा भी एहतियात के तौर पर सभी मरीजों के कोरोना टेस्ट करवाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट डॉक्टरों के क्लीनिक पर भी वायरल बुखार के मरीजों की लंबी कतार लगी हुई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी व पीएचसी में भी इन दिनों बड़ी संख्या में बुखार से पीड़ित लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इस समय मौसम ऐसा बना हुआ है कि दिन के समय तो लोगों को गर्मी महसूस हो रही है और रात के समय मौसम ज्यादा ही ठंडा रहता है। इसके चलते लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं और उन्हें शरीर में दर्द के साथ सर्दी, जुकाम, तेज बुखार, गले में खराश और दर्द, सिर दर्द, खांसी, नाक से पानी बहने की शिकायत हो रही हैं। इसे लेकर वह निजी तथा नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में हर दूसरा मरीज वायरल से पीड़ित पहुंच रहा है। बाकायदा नागरिक अस्पताल में वायरल पीड़ित लोगों का टैस्ट भी करवाया जा रहा है और इसे लेकर उचित उपचार तथा बचाव की जानकारी भी दी जा रही है। वायरल की चपेट में बच्चे तथा बुजुर्ग ज्यादा आ रहे हैं, वहीं युवा भी इसकी चपेट में आने से बच नहीं पा रहे हैं।
जींद की हवा भी सामान्य
एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच बेहतर, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच सामान्य, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है। वहीं हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वीरवार को जींद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 75 रहा जोकि संतोषजनक है। हालांकि इस में भी सेंसेटिव लोगों को थोड़ी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
ये हैं वायरल के लक्ष्ण
वायरल की चपेट में आने पर थकान, चक्कर आना, गले में दर्द, आंखों में जलन, खांसी, दस्त, उल्टी, कमजोरी, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, टांसिल, छाती में कफ महसूस होना शामिल है। वायरल बुखार जैसे संक्रमणों से बचने के लिए स्वच्छता का ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है। ऐसे में अगर कुछ सामान्य कदम उठाए जाएं तो वायरल बुखार से बचा जा सकता है। हमें भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचना चाहिए, बारिश में भीगने से बचना चाहिए, खाना खाने से पहले अपने हाथ अवश्य धोने चाहिए। जितना संभव हो सके, घर का बना खाना खाना चाहिए। उबला हुआ या साफ पानी पीना चाहिए।
मौसम में बदलाव मुख्य कारण : डॉ. राजेश
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस एवं सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश भोला ने बताया कि इस समय ओपीडी में हर दूसरा मरीज बुखार, खांसी, बदन दर्द या गले में खराश वाला आ रहा है। बदलता मौसम वायरल बुखार का कारण बना हुआ है। इस मौसम में लोगों को खांसी, जुखाम, बदन दर्द, गला दर्द जैसी कई समस्याएं आम होती हैं। इसमें होने वाला बुखार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से शरीर में इंफेक्शन तेजी से बढ़ता है। यह संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। ऐसे में हमें विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। वायरल होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

जींद। मौसम में हुए बदलाव से आमजन बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। नागरिक अस्पताल में बुखार, गला खराब, खांसी व जुकाम समेत अन्य सामान्य बीमारियों के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल में प्रतिदिन 1600 के आसपास ओपीडी होती हैं, इनमें से 700 के आसपास बुखार, खांसी, जुकाम व गला खराब के मरीज आ रहे हैं। दिन में गर्मी तथा रात को ठंड होने के कारण यह समस्या आ रही है। इसके अलावा इस मौसम में ठंडा पानी पीना स्वास्थ्य के काफी हानिकारक है, लोग ठंडा पानी पीने से भी बीमार हो रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा भी एहतियात के तौर पर सभी मरीजों के कोरोना टेस्ट करवाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट डॉक्टरों के क्लीनिक पर भी वायरल बुखार के मरीजों की लंबी कतार लगी हुई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी व पीएचसी में भी इन दिनों बड़ी संख्या में बुखार से पीड़ित लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

इस समय मौसम ऐसा बना हुआ है कि दिन के समय तो लोगों को गर्मी महसूस हो रही है और रात के समय मौसम ज्यादा ही ठंडा रहता है। इसके चलते लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं और उन्हें शरीर में दर्द के साथ सर्दी, जुकाम, तेज बुखार, गले में खराश और दर्द, सिर दर्द, खांसी, नाक से पानी बहने की शिकायत हो रही हैं। इसे लेकर वह निजी तथा नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में हर दूसरा मरीज वायरल से पीड़ित पहुंच रहा है। बाकायदा नागरिक अस्पताल में वायरल पीड़ित लोगों का टैस्ट भी करवाया जा रहा है और इसे लेकर उचित उपचार तथा बचाव की जानकारी भी दी जा रही है। वायरल की चपेट में बच्चे तथा बुजुर्ग ज्यादा आ रहे हैं, वहीं युवा भी इसकी चपेट में आने से बच नहीं पा रहे हैं।

जींद की हवा भी सामान्य

एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच बेहतर, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच सामान्य, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है। वहीं हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वीरवार को जींद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 75 रहा जोकि संतोषजनक है। हालांकि इस में भी सेंसेटिव लोगों को थोड़ी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

ये हैं वायरल के लक्ष्ण

वायरल की चपेट में आने पर थकान, चक्कर आना, गले में दर्द, आंखों में जलन, खांसी, दस्त, उल्टी, कमजोरी, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, टांसिल, छाती में कफ महसूस होना शामिल है। वायरल बुखार जैसे संक्रमणों से बचने के लिए स्वच्छता का ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है। ऐसे में अगर कुछ सामान्य कदम उठाए जाएं तो वायरल बुखार से बचा जा सकता है। हमें भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचना चाहिए, बारिश में भीगने से बचना चाहिए, खाना खाने से पहले अपने हाथ अवश्य धोने चाहिए। जितना संभव हो सके, घर का बना खाना खाना चाहिए। उबला हुआ या साफ पानी पीना चाहिए।

मौसम में बदलाव मुख्य कारण : डॉ. राजेश

नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस एवं सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश भोला ने बताया कि इस समय ओपीडी में हर दूसरा मरीज बुखार, खांसी, बदन दर्द या गले में खराश वाला आ रहा है। बदलता मौसम वायरल बुखार का कारण बना हुआ है। इस मौसम में लोगों को खांसी, जुखाम, बदन दर्द, गला दर्द जैसी कई समस्याएं आम होती हैं। इसमें होने वाला बुखार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से शरीर में इंफेक्शन तेजी से बढ़ता है। यह संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। ऐसे में हमें विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। वायरल होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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Written by Haryanacircle

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