मैथ के सवालों में उलझे म्हारे बच्चे, 83257 फेल


भिवानी। गणित के सवाल ही नहीं, बल्कि अंग्रेजी भाषा भी म्हारे हरियाणा के बच्चों के लिए पहेली बनी हुई है। न गणित की गुणा-भाग अच्छे से समझ आती है और न ही अंग्रेजी के टेंस। यह एक बार फिर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 10वीं के परीक्षा परिणाम में साबित हुआ है। गणित में रिकॉर्ड 83257 परीक्षार्थी फेल हुए। इसी तरह अंग्रेजी में 38234 परीक्षार्थी फेल हो गए। विज्ञान भी विद्यार्थियों के समझ से दूर हो रहा है और इसमें 38516 परीक्षार्थी फेल हुए हैं। (संवाद)
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 10वीं परीक्षा परिणाम में भाषाई विषय परेशानी बने रहे।
इन विषयों का परिणाम रहा बेहद खराब
विषय प्रतिभागी पास प्रतिशत फेल विद्यार्थी
गणित 326487 71.51 83257
सामाजिक विज्ञान 326487 84.45 50486
अंग्रेजी 326487 86.56 38234
हिंदी 346487 88.50 34754
विज्ञान 326487 87.84 38516
इन विषयों ने दिये खूब अंक
विषय प्रतिभागी पास प्रतिशत
ड्राइंग 6381 97.87
म्यूजिक 22028 97.45
फिजिकल एजुकेशन 144917 97.25
कंप्यूटर साइंस 8758 97.21
232811 परीक्षार्थियों ने पाए 50 फीसदी से अधिक अंक, 401 को 95 फीसदी से भी अधिक अंक
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित सेकेंडरी परीक्षा परिणाम में ऑब्जेक्टिव अंकों के कारण परीक्षार्थियों ने खूब अंक बटोरे। महज 3067 परीक्षार्थियों के ही 50 फीसदी से कम अंक है। बाकी पास हुए 232811 परीक्षार्थियों ने 50 फीसदी से अधिक हासिल किए। सबसे अधिक 68020 बच्चों ने 60 से 70 फीसदी तक अंक हासिल किए हैं। 63462 ने 70 से 80 फीसदी अंक पाए। अगर टॉपर्स की बात करें तो 401 परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने 95 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए।
कितनों बच्चों ने पाए कितने फीसदी अंक
अंक प्रतिशत में परीक्षार्थी
33 से 40 फीसदी 03
41 से 50 फीसदी 3064
51 से 60 फीसदी 40565
61 से 70 फीसदी 68020
71 से 80 फीसदी 63462
81 से 90 फीसदी 46614
91 से 95 फीसदी 13749
95 फीसदी से अधिक 401
मॉडल स्कूल और सरकारी स्कूल फिर फिसड्डी
12वीं के परिणाम के बाद 10वीं के परिणाम में भी प्रदेश सरकार से मॉडल संस्कृति स्कूल फिसड्डी साबित हुए। मॉडल स्कूलों के 58.75 फीसदी परीक्षार्थी ही पास हुए। प्रदेश में 137 मॉडल स्कूलों के 14268 परीक्षार्थी थे, जिनमें से 8383 पास हुए, 1056 के कंपार्टमेंट आई और 4829 परीक्षार्थी फेल हुए। गवर्नमेंट स्कूलों के 63.91 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए। प्राइवेट स्कूलों के 88.85 फीसदी और प्राइवेट टेंपरेरी के 84.14 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए।
कोरोना के कारण प्रभावित रही पढ़ाई तो परिणाम पर भी दिखा असर
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का सीनियर सेकेंडरी का परिणाम बेहतर रहा मगर दसवीं का परिणाम उतना अच्छा नहीं रहा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन प्रो. जगबीर सिंह का मानना है कि कोरोना काल ने पढ़ाई को बुरी तरह प्रभावित किया। दो वर्ष तक पढ़ाई नहीं हो सकी और इस बार भी विद्यार्थी असमंजस थे कि परीक्षाएं इस बार भी होंगी या नहीं। इसी कारण परिणाम बेहतर नहीं हो सका।
बोर्ड चेयरमैन डा. जगबीर सिंह से बातचीत के कुछ अंश :
सवाल : बोर्ड का परिणाम अच्छा है, मगर उम्मीद वाला क्यों नहीं रहा?
जवाब : परिणाम में लगातार सुधार हो रहा है, मगर कोरोना काल ने पढ़ाई को बुरी तरह प्रभावित किया। 10वीं की परीक्षा देने वाले बच्चों की न आठवीं कक्षा में पढ़ाई अच्छे से हो सकी और न ही नौंवी कक्षा में। ये सीधे ही पास होते गए। इस बार भी परीक्षार्थियों को उम्मीद थी कि कोरोना के कारण परीक्षाएं नहीं होंगी, जिस कारण पढ़ाई पर अधिकतर ने ज्यादा फोकस नहीं किया।
सवाल : किन विषयों ने परिणाम बिगाड़ा?
जवाब : गणित विषय में महज 71.51 फीसदी, अंग्रेजी में 86.56 और हिंदी में 88 फीसदी ही परीक्षार्थी पास हुए है। जिस कारण परिणाम बिगड़ा।
सवाल : सरकारी स्कूलों का परिणाम इस बार भी अच्छा नहीं रहा?
जवाब : सरकारी स्कूल में अधिकतर गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई करने आते हैं। जिनके पास मोबाइल, इंटरनेट सुविधा कम ही होती है। ऐसे में ऑनलाइन क्लास उनके लिए परेशानी रही। प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को यह समस्या कम आई।
सवाल : काफी बच्चे गणित, विज्ञान, सोशल स्टडीज में फेल हैं, मगर परिणाम में क्वालीफाई दिखाया गया है, उनका क्या?
जवाब : कुछ विद्यार्थी मैथ, साइंस, सोशल साइंस में फेल हुए और उनका परिणाम क्वालिफाइड लिखा है। ऐसे परीक्षार्थियों ने कौशल विषय लिया हुआ था और वे उस विषय में पास हो गए। तो उपरोक्त विषय को रिप्लेस कर दिया है। अगर ये बाद में मैथ, साइंस लेना चाहते हैं तो ऐसे परीक्षार्थियों को फेल वाला विषय पास करना अनिवार्य है। यदि किसी ने तीसरी भाषा ली है तो उसे केवल सोशल स्टडीज के साथ बदला गया है। आगे एसओएस पढ़ना है तो पास करना अनिवार्य है।

भिवानी। गणित के सवाल ही नहीं, बल्कि अंग्रेजी भाषा भी म्हारे हरियाणा के बच्चों के लिए पहेली बनी हुई है। न गणित की गुणा-भाग अच्छे से समझ आती है और न ही अंग्रेजी के टेंस। यह एक बार फिर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 10वीं के परीक्षा परिणाम में साबित हुआ है। गणित में रिकॉर्ड 83257 परीक्षार्थी फेल हुए। इसी तरह अंग्रेजी में 38234 परीक्षार्थी फेल हो गए। विज्ञान भी विद्यार्थियों के समझ से दूर हो रहा है और इसमें 38516 परीक्षार्थी फेल हुए हैं। (संवाद)

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 10वीं परीक्षा परिणाम में भाषाई विषय परेशानी बने रहे।

इन विषयों का परिणाम रहा बेहद खराब

विषय प्रतिभागी पास प्रतिशत फेल विद्यार्थी

गणित 326487 71.51 83257

सामाजिक विज्ञान 326487 84.45 50486

अंग्रेजी 326487 86.56 38234

हिंदी 346487 88.50 34754

विज्ञान 326487 87.84 38516

इन विषयों ने दिये खूब अंक

विषय प्रतिभागी पास प्रतिशत

ड्राइंग 6381 97.87

म्यूजिक 22028 97.45

फिजिकल एजुकेशन 144917 97.25

कंप्यूटर साइंस 8758 97.21

232811 परीक्षार्थियों ने पाए 50 फीसदी से अधिक अंक, 401 को 95 फीसदी से भी अधिक अंक

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित सेकेंडरी परीक्षा परिणाम में ऑब्जेक्टिव अंकों के कारण परीक्षार्थियों ने खूब अंक बटोरे। महज 3067 परीक्षार्थियों के ही 50 फीसदी से कम अंक है। बाकी पास हुए 232811 परीक्षार्थियों ने 50 फीसदी से अधिक हासिल किए। सबसे अधिक 68020 बच्चों ने 60 से 70 फीसदी तक अंक हासिल किए हैं। 63462 ने 70 से 80 फीसदी अंक पाए। अगर टॉपर्स की बात करें तो 401 परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने 95 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए।

कितनों बच्चों ने पाए कितने फीसदी अंक

अंक प्रतिशत में परीक्षार्थी

33 से 40 फीसदी 03

41 से 50 फीसदी 3064

51 से 60 फीसदी 40565

61 से 70 फीसदी 68020

71 से 80 फीसदी 63462

81 से 90 फीसदी 46614

91 से 95 फीसदी 13749

95 फीसदी से अधिक 401

मॉडल स्कूल और सरकारी स्कूल फिर फिसड्डी

12वीं के परिणाम के बाद 10वीं के परिणाम में भी प्रदेश सरकार से मॉडल संस्कृति स्कूल फिसड्डी साबित हुए। मॉडल स्कूलों के 58.75 फीसदी परीक्षार्थी ही पास हुए। प्रदेश में 137 मॉडल स्कूलों के 14268 परीक्षार्थी थे, जिनमें से 8383 पास हुए, 1056 के कंपार्टमेंट आई और 4829 परीक्षार्थी फेल हुए। गवर्नमेंट स्कूलों के 63.91 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए। प्राइवेट स्कूलों के 88.85 फीसदी और प्राइवेट टेंपरेरी के 84.14 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए।

कोरोना के कारण प्रभावित रही पढ़ाई तो परिणाम पर भी दिखा असर

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का सीनियर सेकेंडरी का परिणाम बेहतर रहा मगर दसवीं का परिणाम उतना अच्छा नहीं रहा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन प्रो. जगबीर सिंह का मानना है कि कोरोना काल ने पढ़ाई को बुरी तरह प्रभावित किया। दो वर्ष तक पढ़ाई नहीं हो सकी और इस बार भी विद्यार्थी असमंजस थे कि परीक्षाएं इस बार भी होंगी या नहीं। इसी कारण परिणाम बेहतर नहीं हो सका।

बोर्ड चेयरमैन डा. जगबीर सिंह से बातचीत के कुछ अंश :

सवाल : बोर्ड का परिणाम अच्छा है, मगर उम्मीद वाला क्यों नहीं रहा?

जवाब : परिणाम में लगातार सुधार हो रहा है, मगर कोरोना काल ने पढ़ाई को बुरी तरह प्रभावित किया। 10वीं की परीक्षा देने वाले बच्चों की न आठवीं कक्षा में पढ़ाई अच्छे से हो सकी और न ही नौंवी कक्षा में। ये सीधे ही पास होते गए। इस बार भी परीक्षार्थियों को उम्मीद थी कि कोरोना के कारण परीक्षाएं नहीं होंगी, जिस कारण पढ़ाई पर अधिकतर ने ज्यादा फोकस नहीं किया।

सवाल : किन विषयों ने परिणाम बिगाड़ा?

जवाब : गणित विषय में महज 71.51 फीसदी, अंग्रेजी में 86.56 और हिंदी में 88 फीसदी ही परीक्षार्थी पास हुए है। जिस कारण परिणाम बिगड़ा।

सवाल : सरकारी स्कूलों का परिणाम इस बार भी अच्छा नहीं रहा?

जवाब : सरकारी स्कूल में अधिकतर गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई करने आते हैं। जिनके पास मोबाइल, इंटरनेट सुविधा कम ही होती है। ऐसे में ऑनलाइन क्लास उनके लिए परेशानी रही। प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को यह समस्या कम आई।

सवाल : काफी बच्चे गणित, विज्ञान, सोशल स्टडीज में फेल हैं, मगर परिणाम में क्वालीफाई दिखाया गया है, उनका क्या?

जवाब : कुछ विद्यार्थी मैथ, साइंस, सोशल साइंस में फेल हुए और उनका परिणाम क्वालिफाइड लिखा है। ऐसे परीक्षार्थियों ने कौशल विषय लिया हुआ था और वे उस विषय में पास हो गए। तो उपरोक्त विषय को रिप्लेस कर दिया है। अगर ये बाद में मैथ, साइंस लेना चाहते हैं तो ऐसे परीक्षार्थियों को फेल वाला विषय पास करना अनिवार्य है। यदि किसी ने तीसरी भाषा ली है तो उसे केवल सोशल स्टडीज के साथ बदला गया है। आगे एसओएस पढ़ना है तो पास करना अनिवार्य है।

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Written by Haryanacircle

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