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मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने पकड़ा नकली दंत चिकित्सक


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महम। महम में पिछले कई सालों से झोला छाप फर्जी दंत चिकित्सक लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने में जुटे हैं। इसका खुलासा मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की महम में चलाए जा रहे डेंटल क्लीनिक की जांच पड़ताल के दौरान हुआ। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जांच कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
उड़ने दस्ते का नेतृत्व कर रहे एसआई रामनिवास व एसआई अनूप सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में बढ़ रहे फर्जी डॉक्टरों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। महम कस्बे में दिन पर दिन झोला छाप डॉक्टरों का जमावड़ा बढ़ रहा है। ये नकली चिकित्सक जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। टीम ने भिवानी स्टैंड पर डेंटल क्लीनिक चला रहे दो फर्जी डॉक्टरों को मौके पर इलाज करते हुए काबू किया है। इसमें भिवानी स्टैंड पर बाला जी डेंटल क्लिनिक के नाम से क्लीनिक चला रहे पवन निवासी महम व भिवानी स्टैंड पर ही श्रीराम दांतों के अस्पताल के नाम से क्लीनिक चला रहे भोलू राम को आम लोगों की जान जोखिम में डालकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोपी पाया गया। डॉक्टरों की टीम ने उनके यहां से भारी मात्रा में दवाएं व औजार पकड़े हैं।
पुलिस गिरफ्त से भागा नकली डॉक्टर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बाला जी के नाम से क्लीनिक चला रहा एक आरोपी पवन निवासी महम पुलिस को चकमा देकर भाग गया। आरोपी के मौके पर इलाज करते हुए फोटो सबूत के रूप में मौजूद हैं। जबकि दूसरा आरोपी श्रीराम दांतों का अस्पताल चलाने का आरोपी भोलाराम पुलिस गिरफ्त में है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
चौकी इंचार्ज नफे सिंह का कहना है कि भागने वाले आरोपी को जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा। महम अस्पताल की डेंटल चिकित्सक डॉ. कनक ने जांच के बाद वहां पर रखी दवाएं व औजारों को अपने कब्जे में लिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोगों से इलाज कराना जान को जोखिम में डालना है।
डिग्री धारी डॉक्टरों से मिलीभगत कर चला रहे क्लिनिक
मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के अधिकारियों का कहना था कि कस्बे में इस तरह के कई फर्जी डॉक्टर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। ज्यों ही शहर में छापे की खबर मिली लगभग एक दर्जन फर्जी डॉक्टरों में भगदड़ मच गई। बताया कि यहां पर कुछ झोलाछाप डॉक्टर डिग्री धारक डॉक्टरों के साथ मिलीभगत कर या उनकी शह पर क्लीनिक चला रहे हैं। भविष्य में भी छापामार कार्रवाई जारी रहेगी।

महम। महम में पिछले कई सालों से झोला छाप फर्जी दंत चिकित्सक लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने में जुटे हैं। इसका खुलासा मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की महम में चलाए जा रहे डेंटल क्लीनिक की जांच पड़ताल के दौरान हुआ। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जांच कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

उड़ने दस्ते का नेतृत्व कर रहे एसआई रामनिवास व एसआई अनूप सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में बढ़ रहे फर्जी डॉक्टरों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। महम कस्बे में दिन पर दिन झोला छाप डॉक्टरों का जमावड़ा बढ़ रहा है। ये नकली चिकित्सक जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। टीम ने भिवानी स्टैंड पर डेंटल क्लीनिक चला रहे दो फर्जी डॉक्टरों को मौके पर इलाज करते हुए काबू किया है। इसमें भिवानी स्टैंड पर बाला जी डेंटल क्लिनिक के नाम से क्लीनिक चला रहे पवन निवासी महम व भिवानी स्टैंड पर ही श्रीराम दांतों के अस्पताल के नाम से क्लीनिक चला रहे भोलू राम को आम लोगों की जान जोखिम में डालकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोपी पाया गया। डॉक्टरों की टीम ने उनके यहां से भारी मात्रा में दवाएं व औजार पकड़े हैं।

पुलिस गिरफ्त से भागा नकली डॉक्टर

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बाला जी के नाम से क्लीनिक चला रहा एक आरोपी पवन निवासी महम पुलिस को चकमा देकर भाग गया। आरोपी के मौके पर इलाज करते हुए फोटो सबूत के रूप में मौजूद हैं। जबकि दूसरा आरोपी श्रीराम दांतों का अस्पताल चलाने का आरोपी भोलाराम पुलिस गिरफ्त में है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

चौकी इंचार्ज नफे सिंह का कहना है कि भागने वाले आरोपी को जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा। महम अस्पताल की डेंटल चिकित्सक डॉ. कनक ने जांच के बाद वहां पर रखी दवाएं व औजारों को अपने कब्जे में लिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोगों से इलाज कराना जान को जोखिम में डालना है।

डिग्री धारी डॉक्टरों से मिलीभगत कर चला रहे क्लिनिक

मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के अधिकारियों का कहना था कि कस्बे में इस तरह के कई फर्जी डॉक्टर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। ज्यों ही शहर में छापे की खबर मिली लगभग एक दर्जन फर्जी डॉक्टरों में भगदड़ मच गई। बताया कि यहां पर कुछ झोलाछाप डॉक्टर डिग्री धारक डॉक्टरों के साथ मिलीभगत कर या उनकी शह पर क्लीनिक चला रहे हैं। भविष्य में भी छापामार कार्रवाई जारी रहेगी।

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