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मिट्टी जांच की आधुनिक मशीन तो मिली, पर उसे चलाने वाला नहीं मिला


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सिरसा। किसानों की आर्थिक दशा व मिट्टी जांच का दायरा बढ़ाए जाने के लिए जिला लैब को मिली आधुनिक मशीन डेढ़ माह बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। समय रहते मशीन का सदुपयोग होता तो मिट्टी जांच की संख्या बढ़ने के साथ-साथ किसानों को भी इसका लाभ मिल गया होता। लेकिन इंजीनियर न पहुंच पाने की वजह से मशीन के सॉफ्टवेयर इंस्टॉल नहीं हो सके।
वर्ष की शुरुआत में कृषि विभाग की ओर से मिट्टी जांच की योजना शुरू की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समय पर मिट्टी की जांच कर किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना था। करीब डेढ माह की अवधि के बावजूद भी इस आधुनिक मशीन का संचालन नहीं हो पाया। अगर ऐसा होता तो अब तक करीब 75 हजार मिट्टी के नुमनों की जांच संभव थी। विभाग को दी गई थ्रमोफ्रेशर कंपनी की यह मशीन बिना इंजीनियर के इंस्टॉल नहीं हो सकी, और विभाग के पास मौजूद ऑपरेटर इस बहुउद्देशीय मशीन को चलाने में असमर्थ है।
आधुनिक मशीन का मुख्य उद्देश्य
सिरसा जिला के किसानों में मिट्टी जांच के प्रति जागरूकता का अभाव है, वहीं यहां की लैब में मौजूूद पुरानी मशीन की नमूनों की जांच की क्षमता बहुत कम है। जांच प्रक्रिया के दौरान प्रति दिन केवल सौ नमूनों की जांच प्रति दिन ही की जा सकती है। सौ से अधिक संख्या के बाद जांच के लिए आने वाले किसान समय के अभाव व देरी से जांच की प्रक्रिया के चलते मिट्टी की जांच करवाने से कतराते थे। नए वर्ष पर विभाग को नई आधुनिक मशीन की सौगात मिली, परंतु व्यवस्था के अभाव में यह योजना कारगर साबित नहीं हो पाई।
एक साथ इन उर्वरकों की होती है जांच
नई मशीन से भूमि में नाइट्रोजन, फासफोर्स, जिंक, पोटाश सहित करीब 12 प्रकार के उर्वरकों की जांच एक साथ की जा सकती है। जांच के बाद किसानों को अपने खेतों में इनकी मात्रा का पता चल जाता है और उन्हें अतिरिक्त खाद का प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक भी नहीं होगा।
मैं तो सेवानिवृत्त हो चुका हूं अब मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। मेरे समय में मशीन की अर्थिंग में दिक्कत थी। दो बार प्रयास किया लेकिन चल नहीं पाई। जहां तक मुझे जानकारी है अभी तक नया कोई अधिकारी नियुक्त नहीं है।
-महावीर सिंह, सेवानिवृत्त मिट्टी जांच अधिकारी, सिरसा
मशीन संचालन के लिए इंजीनियर का होना जरूरी है। लेकिन अभी तक इंजीनियर नहीं मिल पाया है। इस कारण मशीन को चालू नहीं किया जा सका है। उच्च अधिकारी जब इंजीनियर को भेजेंगे, उसके बाद ही इसे चालू किया जा सकता है।
-अमन कुमार, लैब तकनीशियन, मिट्टी जांच लैब, सिरसा।

सिरसा। किसानों की आर्थिक दशा व मिट्टी जांच का दायरा बढ़ाए जाने के लिए जिला लैब को मिली आधुनिक मशीन डेढ़ माह बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। समय रहते मशीन का सदुपयोग होता तो मिट्टी जांच की संख्या बढ़ने के साथ-साथ किसानों को भी इसका लाभ मिल गया होता। लेकिन इंजीनियर न पहुंच पाने की वजह से मशीन के सॉफ्टवेयर इंस्टॉल नहीं हो सके।

वर्ष की शुरुआत में कृषि विभाग की ओर से मिट्टी जांच की योजना शुरू की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समय पर मिट्टी की जांच कर किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना था। करीब डेढ माह की अवधि के बावजूद भी इस आधुनिक मशीन का संचालन नहीं हो पाया। अगर ऐसा होता तो अब तक करीब 75 हजार मिट्टी के नुमनों की जांच संभव थी। विभाग को दी गई थ्रमोफ्रेशर कंपनी की यह मशीन बिना इंजीनियर के इंस्टॉल नहीं हो सकी, और विभाग के पास मौजूद ऑपरेटर इस बहुउद्देशीय मशीन को चलाने में असमर्थ है।

आधुनिक मशीन का मुख्य उद्देश्य

सिरसा जिला के किसानों में मिट्टी जांच के प्रति जागरूकता का अभाव है, वहीं यहां की लैब में मौजूूद पुरानी मशीन की नमूनों की जांच की क्षमता बहुत कम है। जांच प्रक्रिया के दौरान प्रति दिन केवल सौ नमूनों की जांच प्रति दिन ही की जा सकती है। सौ से अधिक संख्या के बाद जांच के लिए आने वाले किसान समय के अभाव व देरी से जांच की प्रक्रिया के चलते मिट्टी की जांच करवाने से कतराते थे। नए वर्ष पर विभाग को नई आधुनिक मशीन की सौगात मिली, परंतु व्यवस्था के अभाव में यह योजना कारगर साबित नहीं हो पाई।

एक साथ इन उर्वरकों की होती है जांच

नई मशीन से भूमि में नाइट्रोजन, फासफोर्स, जिंक, पोटाश सहित करीब 12 प्रकार के उर्वरकों की जांच एक साथ की जा सकती है। जांच के बाद किसानों को अपने खेतों में इनकी मात्रा का पता चल जाता है और उन्हें अतिरिक्त खाद का प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक भी नहीं होगा।

मैं तो सेवानिवृत्त हो चुका हूं अब मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। मेरे समय में मशीन की अर्थिंग में दिक्कत थी। दो बार प्रयास किया लेकिन चल नहीं पाई। जहां तक मुझे जानकारी है अभी तक नया कोई अधिकारी नियुक्त नहीं है।

-महावीर सिंह, सेवानिवृत्त मिट्टी जांच अधिकारी, सिरसा

मशीन संचालन के लिए इंजीनियर का होना जरूरी है। लेकिन अभी तक इंजीनियर नहीं मिल पाया है। इस कारण मशीन को चालू नहीं किया जा सका है। उच्च अधिकारी जब इंजीनियर को भेजेंगे, उसके बाद ही इसे चालू किया जा सकता है।

-अमन कुमार, लैब तकनीशियन, मिट्टी जांच लैब, सिरसा।

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