मामी, पत्नी, पुत्रवधू को पार्षद बनाने के बाद दूसरी बार खुद बने पार्षद


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गुहला-चीका। नगरपालिका चीका के पूर्व चेयरमैन तरसेम गोयल के परिवार का कोई का न कोई सदस्य पिछले 25 वर्षों से वार्ड नंबर 16 से पार्षद रहा है। इस चुनाव में तरसेम गोयल अपने विरोधी संजीव मित्तल को 146 वोटों से परास्त कर वार्ड नंबर 16 से दूसरी बार पार्षद बने हैं।
साल 2005 में तरसेम गोयल इसी वार्ड से सर्वसम्मति से पार्षद चुने गए थे। उन्होंने नगरपालिका चेयरमैन के पद पर रहकर शहर में विकास के तमाम कार्य करवाए थे। इन्हीं विकास कार्यों के चलते शहर के लोग आज भी उन्हें ‘विकास पुरुष’ के नाम ने बुलाते हैं। वर्तमान चुनाव में चुने गए पार्षदों में तरसेम गोयल सबसे सीनियर पार्षद हैं।
साल 2001 में तरसेम गोयल की मामी कांता देवी ने वार्ड नंबर 16 से चुनाव लड़ते हुए सोनिया बंसल को 86 वोटों से परास्त कर पार्षद पद पर कब्जा किया था। गोयल ने साल 2011 में वार्ड नंबर 16 से अपनी पत्नी आशा रानी को चुनाव मैदान में उतारा था। आशा रानी ने अपनी विरोधी सुनीता देवी को 440 वोटों से हराया था।
साल 2016 के चुनाव में तरसेम गोयल ने अपनी पुत्रवधू सिवाली गोयल को वार्ड 16 से ही चुनाव मैदान में उतारा। सिवाली ने अपनी विरोधी नीरू बंसल को 331 वोटों से हराकर पार्षद पद पर कब्जा किया था। अब 19 जून को हुए चुनाव में तरसेम गोयल ने 611 वोट प्राप्त करते हुए अपने विरोधी संजीव मित्तल को हराकर 146 वोटों से जीत दर्ज की है। वार्ड में जो भी विकास के कार्य अधूरे है। उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित चेयरपर्सन रेखा रानी व विधायक ईश्वर सिंह से मिलकर अन्य विकास कार्य करवाएंगे।

गुहला-चीका। नगरपालिका चीका के पूर्व चेयरमैन तरसेम गोयल के परिवार का कोई का न कोई सदस्य पिछले 25 वर्षों से वार्ड नंबर 16 से पार्षद रहा है। इस चुनाव में तरसेम गोयल अपने विरोधी संजीव मित्तल को 146 वोटों से परास्त कर वार्ड नंबर 16 से दूसरी बार पार्षद बने हैं।

साल 2005 में तरसेम गोयल इसी वार्ड से सर्वसम्मति से पार्षद चुने गए थे। उन्होंने नगरपालिका चेयरमैन के पद पर रहकर शहर में विकास के तमाम कार्य करवाए थे। इन्हीं विकास कार्यों के चलते शहर के लोग आज भी उन्हें ‘विकास पुरुष’ के नाम ने बुलाते हैं। वर्तमान चुनाव में चुने गए पार्षदों में तरसेम गोयल सबसे सीनियर पार्षद हैं।

साल 2001 में तरसेम गोयल की मामी कांता देवी ने वार्ड नंबर 16 से चुनाव लड़ते हुए सोनिया बंसल को 86 वोटों से परास्त कर पार्षद पद पर कब्जा किया था। गोयल ने साल 2011 में वार्ड नंबर 16 से अपनी पत्नी आशा रानी को चुनाव मैदान में उतारा था। आशा रानी ने अपनी विरोधी सुनीता देवी को 440 वोटों से हराया था।

साल 2016 के चुनाव में तरसेम गोयल ने अपनी पुत्रवधू सिवाली गोयल को वार्ड 16 से ही चुनाव मैदान में उतारा। सिवाली ने अपनी विरोधी नीरू बंसल को 331 वोटों से हराकर पार्षद पद पर कब्जा किया था। अब 19 जून को हुए चुनाव में तरसेम गोयल ने 611 वोट प्राप्त करते हुए अपने विरोधी संजीव मित्तल को हराकर 146 वोटों से जीत दर्ज की है। वार्ड में जो भी विकास के कार्य अधूरे है। उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित चेयरपर्सन रेखा रानी व विधायक ईश्वर सिंह से मिलकर अन्य विकास कार्य करवाएंगे।

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Written by Haryanacircle

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