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मानसून से पहले 8 लाख रुपये खर्च, फिर भी सफाई नदारद, शहर के नाले और नालियों में जमा है गंदगी, बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव


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पलवल। शहर में सोमवार और मंगलवार को रुक-रुककर हुई बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। नगर परिषद द्वारा मानसून को देखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था पर अब तक करीब 8 लाख रुपये खर्च किया जा चुका है, लेकिन उसके बाद भी यहां सफाई कहीं भी नजर नहीं आती है। पूरा शहर गंदगी के ढेर पर बसा है। शहर में जिधर देखो गंदगी के ढेर पड़े नजर आते हैं। कोई चौक, चौराहा, गली, सार्वजनिक स्थान ऐसा नहीं है, जहां गंदगी न हो। नाले व नालियां भी गंदगी से अटे पड़े हैं, जिसके कारण सड़कों पर जलभराव है। शहर का हर व्यक्ति जलभराव को लेकर नगर परिषद अधिकारियों और जिला उपायुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं है।
नालों की सफाई के नाम पर हर महीने बनता है लाखों रुपये का बिल
वैसे तो शहर में नाले और नालियों की सफाई नियमित कराने के दावे किए जाते हैं। शहर की सफाई पर जो 1.25 लाख रुपये महीना खर्च होता है, उसमें भी नाले व नालियों की सफाई शामिल दिखाई जाती है। लेकिन, हर वर्ष मानसून से पहले नाले और नालियों की सफाई अलग से नगर परिषद कराने का दावा करता है। जिसका अलग से बिल बनता है। नगर परिषद सूत्रों की मानें तो इस बार भी नगर परिषद द्वारा नाले व नालियों की सफाई पर अब तक करीब 8 लाख रुपये का खर्च दिखाया जा चुका है, लेकिन सफाई कहीं नजर नहीं आ रही है। आज भी सभी नाले व नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। गंदगी ही गंदगी दिखाई देती है। बारिश होने के बाद जाम पड़े नालों की वजह से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया है।
इन स्थानों पर सर्वाधिक जलभराव
शहर में गंदगी से अटे पड़े नालों के कारण बारिश होते ही बस अड्डे, दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर विश्रामगृह के पास के अलावा अन्य कई स्थानों पर, पुराने जीटी रोड पर कमेटी चौक से लेकर विधायक दीपक मंगला के निवास तक, मालगोदाम रोड, रसूलपुर रोड, बस अड्डे से मीनार गेट रोड रेलवे रोड सहित कई रिहायशी कॉलोनियों में जलभराव है। कारण केवल और केवल पानी निकासी का इंतजाम न होना है। नाले व नालियों के अलावा सीवर भी जाम पड़े हैं।
पलवल शहर का बुरा हाल है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से फेल है। अधिकारी दावे तो करते हैं, लेकिन होता कुछ नहीं है। नाले और नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन होती नहीं है। जिसका असर बारिश होने पर शहर पर पड़ता है। आज शहर में जगह-जगह जलभराव से लोग परेशान हैं, लेकिन अब तक नगर परिषद ने इसके लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। प्रशासन पूरी तरह से फेल है।
– सुशील शर्मा, समाजसेवी
नगर परिषद को तुरंत नाले व नालियों की सफाई कराकर पानी निकासी का इंतजाम करना चाहिए ताकि शहर में जलभराव न हो। इसके लिए जल्द से जल्द काम शुरू होना चाहिए। हल्की सी बारिश में जब शहर में इतना जलभराव हो गया है तो अधिक बारिश होने पर तो शहर ‘डूब’ ही जाएगा। इसके लिए उपायुक्त से भी मिलेंगे।
– गुलशन राय गोयल, जिलाध्यक्ष श्री वैश्य महासम्मेलन पलवल
शहर में नाले और नालियों की सफाई के लिए नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। यदि इस मामले में कोई भी लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए पूरे इंतजाम किए जाएंगे।
– कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल

पलवल। शहर में सोमवार और मंगलवार को रुक-रुककर हुई बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। नगर परिषद द्वारा मानसून को देखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था पर अब तक करीब 8 लाख रुपये खर्च किया जा चुका है, लेकिन उसके बाद भी यहां सफाई कहीं भी नजर नहीं आती है। पूरा शहर गंदगी के ढेर पर बसा है। शहर में जिधर देखो गंदगी के ढेर पड़े नजर आते हैं। कोई चौक, चौराहा, गली, सार्वजनिक स्थान ऐसा नहीं है, जहां गंदगी न हो। नाले व नालियां भी गंदगी से अटे पड़े हैं, जिसके कारण सड़कों पर जलभराव है। शहर का हर व्यक्ति जलभराव को लेकर नगर परिषद अधिकारियों और जिला उपायुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं है।

नालों की सफाई के नाम पर हर महीने बनता है लाखों रुपये का बिल

वैसे तो शहर में नाले और नालियों की सफाई नियमित कराने के दावे किए जाते हैं। शहर की सफाई पर जो 1.25 लाख रुपये महीना खर्च होता है, उसमें भी नाले व नालियों की सफाई शामिल दिखाई जाती है। लेकिन, हर वर्ष मानसून से पहले नाले और नालियों की सफाई अलग से नगर परिषद कराने का दावा करता है। जिसका अलग से बिल बनता है। नगर परिषद सूत्रों की मानें तो इस बार भी नगर परिषद द्वारा नाले व नालियों की सफाई पर अब तक करीब 8 लाख रुपये का खर्च दिखाया जा चुका है, लेकिन सफाई कहीं नजर नहीं आ रही है। आज भी सभी नाले व नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। गंदगी ही गंदगी दिखाई देती है। बारिश होने के बाद जाम पड़े नालों की वजह से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया है।

इन स्थानों पर सर्वाधिक जलभराव

शहर में गंदगी से अटे पड़े नालों के कारण बारिश होते ही बस अड्डे, दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर विश्रामगृह के पास के अलावा अन्य कई स्थानों पर, पुराने जीटी रोड पर कमेटी चौक से लेकर विधायक दीपक मंगला के निवास तक, मालगोदाम रोड, रसूलपुर रोड, बस अड्डे से मीनार गेट रोड रेलवे रोड सहित कई रिहायशी कॉलोनियों में जलभराव है। कारण केवल और केवल पानी निकासी का इंतजाम न होना है। नाले व नालियों के अलावा सीवर भी जाम पड़े हैं।

पलवल शहर का बुरा हाल है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से फेल है। अधिकारी दावे तो करते हैं, लेकिन होता कुछ नहीं है। नाले और नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन होती नहीं है। जिसका असर बारिश होने पर शहर पर पड़ता है। आज शहर में जगह-जगह जलभराव से लोग परेशान हैं, लेकिन अब तक नगर परिषद ने इसके लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। प्रशासन पूरी तरह से फेल है।

– सुशील शर्मा, समाजसेवी

नगर परिषद को तुरंत नाले व नालियों की सफाई कराकर पानी निकासी का इंतजाम करना चाहिए ताकि शहर में जलभराव न हो। इसके लिए जल्द से जल्द काम शुरू होना चाहिए। हल्की सी बारिश में जब शहर में इतना जलभराव हो गया है तो अधिक बारिश होने पर तो शहर ‘डूब’ ही जाएगा। इसके लिए उपायुक्त से भी मिलेंगे।

– गुलशन राय गोयल, जिलाध्यक्ष श्री वैश्य महासम्मेलन पलवल

शहर में नाले और नालियों की सफाई के लिए नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। यदि इस मामले में कोई भी लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए पूरे इंतजाम किए जाएंगे।

– कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल

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