मानसून से पहले एक लाख घरों को सर्वे, 650 घरों में मिला लारवा


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सिरसा। बरसात के सीजन में मच्छर जनित बीमारियों पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक तैयारियां में जुटा है। विभाग ने 150 कर्मचारियों की 50 टीमों ने डोर-टू-डोर एक लाख घरों का सर्वे किया है। इस दौरान 650 घरों में मच्छर का लारवा मिला है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने पर 25 को नोटिस भी दिए हैं। लारवा खत्म करने के लिए दवा का भी छिड़काव कर दिया गया है। इसके अलावा बीमारियों का पता लगाने के लिए खून जांच के लिए सैपल भी लिए गए हैं।
जून- जुलाई में बारिश का सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में पानी ठहरने के कारण मच्छरजनित बीमारियां फैलने का अंदेशा रहता है। इसलिए ऐसी स्थिति पर पहले ही नियंत्रण करने के लिए कुछ समय पहले सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल ने संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई। इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. हरसिमरण सिंह के साथ मंथन किया और व्यापक स्तर पर योजना बनाकर काम शुरू करने के लिए कहा। डॉ. हरसिमरण सिंह ने मलेरिया विभाग के 150 कर्मचारियों की 50 टीमों का गठन कर दिया। सर्वे शुरू हो चुका है। अब तक एक लाख घरों का डोर-टू-डोर सर्वे पूरा किया जा चुुका है। इस दौरान 650 जगहों पर लारवा भी मिला है। यहां तुरंत प्रभाव से टेमीफोस दवा का छिड़काव करवा दिया गया है। इतना ही नहीं लापरवाही बरतने वाले 25 लोगों को नोटिस भी जारी किया गया है।
पिछले सीजन में 900 से ज्यादा मिले थे डेंगू के मामले
पिछले सीजन के दौरान जिला भर में डेंगू ने कहर बरपाया था। इस दौरान डेंगू के 900 से ज्यादा केस सामने आए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने उनका समय पर इलाज करवाया और इसके उपचार के लिए अभियान भी शुरू किया गया। इसके अलावा मलेरिया के भी सात केस पिछले सीजन के दौरान मिले थे। अच्छी बात ये है कि अभी तक जिला में एक भी डेंगू और मलेरिया का केस सामने नहीं आया है।
मच्छरों को पनपने से ऐसे रोकें
– घरों में रखे बिना ढके पानी के बर्तन व छत पर टंकी में एकत्र पानी में मच्छर पैदा होते हैं, इसलिए ढककर रखें।
– सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, हौदी को अवश्य सुखाकर ही पानी भरें।
– यदि कूलर उपयोग में न लाएं तो उसे रगड़कर साफ कर दें और सुखा दें।
– अपने घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दें।
-पानी के भरे गड्ढों में मिट्टी भर दें या ठहरे पानी में मिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल या टेमीफोस दवा डाल दें।
-ठहरे हुए पानी या तालाबों में गंबूजियां मछली डाल दें, ये मछली लारवा को खा जाती है।
मच्छरों से ऐसे बचें
– घरों में मच्छरदारी का प्रयोग करें।
– दरवाजे, खिड़कियों पर उपयुक्त जाली का इस्तेमाल करें।
– निश्चित करें कि कीटनाशक छिड़काव के समय घर के सभी कमरों में छिड़काव हो। इसके बाद कम से कम 3 महीनों तक लिपाई, सफेदी और रंग रोगन ना करें।
– पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
ये सावधानी जरूरी
– बुखार होने पर जांच कराएं।
– मलेरिया पाए जाने पर इलाज करवाएं।
– बुखार उतरने के बाद भी दो सप्ताह तक मलेरिया की गोलियां खाएं, अन्यथा दोबारा मलेरिया हो सकता है।
हमारी कोशिश है कि इस बार बारिश से पहले ही इंतजाम कर लिए जाएं, ताकि मच्छरजनित बीमारियों का फैलाव रोका जा सके। इसलिए सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल के मार्गदर्शन में जिलेभर में अभियान चलाया गया है। 150 कर्मचारियों की 50 टीमों को फील्ड में उतारा गया है। जहां लारवा मिल रहा है, वहां दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए आमजन को भी जागरूक कर रहे हैं। आमजन से अपील है कि सावधानी बरतने से ही बीमारियां रोकी जा सकती है। -डॉ. हरसिमरण सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी, सिरसा।

पानी की टंकी से सैंपल लेती टीम सदस्य। संवाद

पानी की टंकी से सैंपल लेती टीम सदस्य। संवाद– फोटो : Sirsa

सिरसा। बरसात के सीजन में मच्छर जनित बीमारियों पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक तैयारियां में जुटा है। विभाग ने 150 कर्मचारियों की 50 टीमों ने डोर-टू-डोर एक लाख घरों का सर्वे किया है। इस दौरान 650 घरों में मच्छर का लारवा मिला है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने पर 25 को नोटिस भी दिए हैं। लारवा खत्म करने के लिए दवा का भी छिड़काव कर दिया गया है। इसके अलावा बीमारियों का पता लगाने के लिए खून जांच के लिए सैपल भी लिए गए हैं।

जून- जुलाई में बारिश का सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में पानी ठहरने के कारण मच्छरजनित बीमारियां फैलने का अंदेशा रहता है। इसलिए ऐसी स्थिति पर पहले ही नियंत्रण करने के लिए कुछ समय पहले सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल ने संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई। इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. हरसिमरण सिंह के साथ मंथन किया और व्यापक स्तर पर योजना बनाकर काम शुरू करने के लिए कहा। डॉ. हरसिमरण सिंह ने मलेरिया विभाग के 150 कर्मचारियों की 50 टीमों का गठन कर दिया। सर्वे शुरू हो चुका है। अब तक एक लाख घरों का डोर-टू-डोर सर्वे पूरा किया जा चुुका है। इस दौरान 650 जगहों पर लारवा भी मिला है। यहां तुरंत प्रभाव से टेमीफोस दवा का छिड़काव करवा दिया गया है। इतना ही नहीं लापरवाही बरतने वाले 25 लोगों को नोटिस भी जारी किया गया है।

पिछले सीजन में 900 से ज्यादा मिले थे डेंगू के मामले

पिछले सीजन के दौरान जिला भर में डेंगू ने कहर बरपाया था। इस दौरान डेंगू के 900 से ज्यादा केस सामने आए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने उनका समय पर इलाज करवाया और इसके उपचार के लिए अभियान भी शुरू किया गया। इसके अलावा मलेरिया के भी सात केस पिछले सीजन के दौरान मिले थे। अच्छी बात ये है कि अभी तक जिला में एक भी डेंगू और मलेरिया का केस सामने नहीं आया है।

मच्छरों को पनपने से ऐसे रोकें

– घरों में रखे बिना ढके पानी के बर्तन व छत पर टंकी में एकत्र पानी में मच्छर पैदा होते हैं, इसलिए ढककर रखें।

– सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, हौदी को अवश्य सुखाकर ही पानी भरें।

– यदि कूलर उपयोग में न लाएं तो उसे रगड़कर साफ कर दें और सुखा दें।

– अपने घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दें।

-पानी के भरे गड्ढों में मिट्टी भर दें या ठहरे पानी में मिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल या टेमीफोस दवा डाल दें।

-ठहरे हुए पानी या तालाबों में गंबूजियां मछली डाल दें, ये मछली लारवा को खा जाती है।

मच्छरों से ऐसे बचें

– घरों में मच्छरदारी का प्रयोग करें।

– दरवाजे, खिड़कियों पर उपयुक्त जाली का इस्तेमाल करें।

– निश्चित करें कि कीटनाशक छिड़काव के समय घर के सभी कमरों में छिड़काव हो। इसके बाद कम से कम 3 महीनों तक लिपाई, सफेदी और रंग रोगन ना करें।

– पूरी बाजू के कपड़े पहनें।

ये सावधानी जरूरी

– बुखार होने पर जांच कराएं।

– मलेरिया पाए जाने पर इलाज करवाएं।

– बुखार उतरने के बाद भी दो सप्ताह तक मलेरिया की गोलियां खाएं, अन्यथा दोबारा मलेरिया हो सकता है।

हमारी कोशिश है कि इस बार बारिश से पहले ही इंतजाम कर लिए जाएं, ताकि मच्छरजनित बीमारियों का फैलाव रोका जा सके। इसलिए सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल के मार्गदर्शन में जिलेभर में अभियान चलाया गया है। 150 कर्मचारियों की 50 टीमों को फील्ड में उतारा गया है। जहां लारवा मिल रहा है, वहां दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए आमजन को भी जागरूक कर रहे हैं। आमजन से अपील है कि सावधानी बरतने से ही बीमारियां रोकी जा सकती है। -डॉ. हरसिमरण सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी, सिरसा।

पानी की टंकी से सैंपल लेती टीम सदस्य। संवाद

पानी की टंकी से सैंपल लेती टीम सदस्य। संवाद– फोटो : Sirsa

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Written by Haryanacircle

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