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मादक पदार्थ आपूर्तिकर्ता से 10 लाख रू रिश्चत लेने के आरोप में डीएसपी गिरफ्तार


चंडीगढ़, छह जुलाई (भाषा) पंजाब पुलिस ने तरणतारण में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज की गयी प्राथमिकी में एक मादक पदार्थ आपूर्तिकर्ता का नाम नहीं शामिल करने के एवज में उससे कथित रूप से 10 लाख रूपये रिश्वत लेने को लेकर बुधवार को फरीदकोट के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को गिरफ्तार किया।

इससे पहले तरणतारण जिला पुलिस ने रविवर को पट्टी मोड़ के पास एक पेट्रोल पंप से मादक पदार्थ आपूर्तिकर्ता पिशोरा सिंह को गिरफ्तार किया था और उसके पास से 250 ग्राम अफीम एवं एक लाख रूपये नकद बरामद किया था।

तरणतारण के मॉडल बोपाराई गांव का निवासी पिशोरा सिंह एक ऐसे मामले में वांछित है जिसमें उसके साथी मारी मेघा गांव के सुरजीत सिंह को 900 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने एक बयान में कहा कि तरणतारण पुलिस की जांच के दौरान सुरजीत ने खुलासा किया कि उसने मुख्य मादक पदार्थ आपूर्तिकर्ता पिशोरा से अफीम खरीदी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘ जब पुलिस ने पिशोरा को गिरफ्तार करने के लिए छापा मारना शुरू किया तब उसने गिरफ्तारी तथा इस मामले में नामजद होने से बचने के लिए सहायक उपनिरीक्षक रशपाल सिंह के माध्यम से पट्टी की अपराध शाखा एजेंसी के प्रभारी को सात-आठ लाख रूपये रिश्वत देने की कोशिश की लेकिन प्रभारी ने रिश्वत लेने से मना कर दिया।’’

पुलिस के अनुसार बाद में पिशोरा तरणतारण के सीतो गांव के अपने जान-पहचान के व्यक्ति निशान सिंह के मार्फत रशपाल सिंह के भाई हीरा सिंह से मिला और दोनों पुलिस उपाधीक्षक के पास पहुंचे जो हीरा सिंह का रिश्तेदार लगता है।

पुलिस के मुताबक उपाधीक्षक ने मादक पदार्थ की मदद करने के लिए 10 लाख रूपये की रिश्वत का सौदा पक्का किया और उसने हीरा को यह रकम अपने पास रखने को कहा।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पिशोरा सिंह के खुलासे के बाद पुलिस ने हीरा सिंह के घर से 9.97 लाख रूपये बरामद किये।

पंजाब को भ्रष्टाचार मुक्त करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी पुलिस अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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