महिला के नाम से फर्जी खाता खुलवाकर पति की मौत के बाद बीमा क्लेम की 12 लाख रुपये की राशि हड़पने का एक आरोपी गिरफ्तार


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जींद। महिला के नाम पर फर्जी बैंक खाता खुलवाकर उसके पति के बीमा क्लेम के 12 लाख हड़पने के आरोपी ईगराह निवासी सीएससी संचालक दीपक को सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
गांव ईगराह निवासी बाला देवी ने 18 अप्रैल को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पति जयपाल ने 15 फरवरी 2018 को एलआईसी एजेंट गांव के ही महेंद्र के माध्यम से पालिसी खरीदी थी जो फरवरी 2034 में मैच्योर होनी थी। पालिसी में उसे नामिनी बनाया गया था। नवंबर 2021 को उसके पति जयपाल की मौत हो गई। जिसके बाद महेंद्र ने पति की मौत के बाद पालिसी में नामिनी होने के नाते क्लेम तथा बैंक खाता खुलवाने की बात कही। जब उसने अपना खाता एसबीआई में होने की बात कही तो आरोपी महेंद्र ने उस से आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड लेकर दो माह के अंदर बीमा पॉलिसी की क्लेम राशि खाते में आने की बात कही। बावजूद इसके फ रवरी माह तक उसके खाते में बीमा राशि की क्लेम राशि नहीं आई। जब उसने एलआईसी से संपर्क साधा तो पता चला कि 16 फरवरी 2022 को क्लेम राशि एचडीएफ सी बैंक किशनपुरा में जा चुकी है। जब वह किशनपुरा एचडीएफ सी बैंक में पहुंची तो वहां उसके नाम से खाता खुलवाया गया था और उसके फर्जी हस्ताक्षर कर 12 लाख रुपये की राशि निकलवाया जा चुका था। बाला ने आरोप लगाया कि धोखाधड़ी में महेंद्र के अलावा सीएससी संचालक ईगराह निवासी दीपक, एचडीएफ सी बैंक किशनपुरा के मैनेजर तथा एलआईसी के मैनेजर भी शामिल हैं। सदर थाना पुलिस ने बाला देवी की शिकायत पर महेंद्र, दीपक, बैंक मैनेजर तथा एलआईसी मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया था। सदर थाना प्रभारी दिनेश ने बताया कि इस मामले में सीएससी संचालक आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

जींद। महिला के नाम पर फर्जी बैंक खाता खुलवाकर उसके पति के बीमा क्लेम के 12 लाख हड़पने के आरोपी ईगराह निवासी सीएससी संचालक दीपक को सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

गांव ईगराह निवासी बाला देवी ने 18 अप्रैल को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पति जयपाल ने 15 फरवरी 2018 को एलआईसी एजेंट गांव के ही महेंद्र के माध्यम से पालिसी खरीदी थी जो फरवरी 2034 में मैच्योर होनी थी। पालिसी में उसे नामिनी बनाया गया था। नवंबर 2021 को उसके पति जयपाल की मौत हो गई। जिसके बाद महेंद्र ने पति की मौत के बाद पालिसी में नामिनी होने के नाते क्लेम तथा बैंक खाता खुलवाने की बात कही। जब उसने अपना खाता एसबीआई में होने की बात कही तो आरोपी महेंद्र ने उस से आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड लेकर दो माह के अंदर बीमा पॉलिसी की क्लेम राशि खाते में आने की बात कही। बावजूद इसके फ रवरी माह तक उसके खाते में बीमा राशि की क्लेम राशि नहीं आई। जब उसने एलआईसी से संपर्क साधा तो पता चला कि 16 फरवरी 2022 को क्लेम राशि एचडीएफ सी बैंक किशनपुरा में जा चुकी है। जब वह किशनपुरा एचडीएफ सी बैंक में पहुंची तो वहां उसके नाम से खाता खुलवाया गया था और उसके फर्जी हस्ताक्षर कर 12 लाख रुपये की राशि निकलवाया जा चुका था। बाला ने आरोप लगाया कि धोखाधड़ी में महेंद्र के अलावा सीएससी संचालक ईगराह निवासी दीपक, एचडीएफ सी बैंक किशनपुरा के मैनेजर तथा एलआईसी के मैनेजर भी शामिल हैं। सदर थाना पुलिस ने बाला देवी की शिकायत पर महेंद्र, दीपक, बैंक मैनेजर तथा एलआईसी मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया था। सदर थाना प्रभारी दिनेश ने बताया कि इस मामले में सीएससी संचालक आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

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Written by Haryanacircle

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