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महिलाओं के लिए मिसाल बनी ज्योति


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जींद। हकीकत नगर निवासी ज्योति उन महिलाओं में से एक है। जिन्होंने कभी हार नहीं मानी और स्वावलंबी बनी । पटियाला चौक पर पहले जीवन ज्योति ग्रुप संस्था से एक छोटी सी शुरूआत की थी। जिसमें उन्होंने लड़कियों को खुद की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना शुरू किया था। इसके बाद वह स्कूल में प्राचार्य के पद पर नियुक्त हो गई और वहां पर उन्होंने अपने इस कार्य को करने का बेहतर प्लेटफार्म भी मिला। जिसके चलते एक साथ सैकड़ों लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए जागरूक करने का अवसर भी मिला। एक छात्रा से शुरू हुई उनकी यह शुरूआत अब 200 से ज्यादा छात्राओं तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद भी उन्होंने इन छात्राओं को दूसरी छात्राओं को रक्षा के यह गुर सिखाने के लिए जागरूक करने की लो जलाई है। इसके अलावा उन्होंने कु करी, नृत्य के साथ-साथ अन्य विधाओं में लड़कियों को पारंगत किया।
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मां को मानती हैं रोल मॉडल
ज्योति छिब्बर ने बताया कि उनकी रोल मॉडल उनकी मां इंदिरा छिब्बर है। उनकी मां ने ही उन्हें जीवन में आगे बढने की प्रेरणा दी। अब समय में बदलाव आ रहा है और इसे हर किसी को समझना होगा। आज लड़कियां अपने दमखम के बल पर अपने मां-बाप के साथ-साथ देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रही हैं। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं जहां पर लड़कियों ने अपने अदम्य साहस का परिचय न दिया हो। हर क्षेत्र में लड़कियां आगे निकल कर आ रही हैं। बेटियां बोझ नहीं बल्कि लक्ष्मी होती हैं, जो अपने को स्थापित करने के अलावा दो परिवारों का मार्ग दर्शन करती हैं।

जींद। हकीकत नगर निवासी ज्योति उन महिलाओं में से एक है। जिन्होंने कभी हार नहीं मानी और स्वावलंबी बनी । पटियाला चौक पर पहले जीवन ज्योति ग्रुप संस्था से एक छोटी सी शुरूआत की थी। जिसमें उन्होंने लड़कियों को खुद की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना शुरू किया था। इसके बाद वह स्कूल में प्राचार्य के पद पर नियुक्त हो गई और वहां पर उन्होंने अपने इस कार्य को करने का बेहतर प्लेटफार्म भी मिला। जिसके चलते एक साथ सैकड़ों लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए जागरूक करने का अवसर भी मिला। एक छात्रा से शुरू हुई उनकी यह शुरूआत अब 200 से ज्यादा छात्राओं तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद भी उन्होंने इन छात्राओं को दूसरी छात्राओं को रक्षा के यह गुर सिखाने के लिए जागरूक करने की लो जलाई है। इसके अलावा उन्होंने कु करी, नृत्य के साथ-साथ अन्य विधाओं में लड़कियों को पारंगत किया।

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मां को मानती हैं रोल मॉडल

ज्योति छिब्बर ने बताया कि उनकी रोल मॉडल उनकी मां इंदिरा छिब्बर है। उनकी मां ने ही उन्हें जीवन में आगे बढने की प्रेरणा दी। अब समय में बदलाव आ रहा है और इसे हर किसी को समझना होगा। आज लड़कियां अपने दमखम के बल पर अपने मां-बाप के साथ-साथ देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रही हैं। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं जहां पर लड़कियों ने अपने अदम्य साहस का परिचय न दिया हो। हर क्षेत्र में लड़कियां आगे निकल कर आ रही हैं। बेटियां बोझ नहीं बल्कि लक्ष्मी होती हैं, जो अपने को स्थापित करने के अलावा दो परिवारों का मार्ग दर्शन करती हैं।

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