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मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लारवा को नष्ट करने के लिए तालाबों में डाली गंबूजिया मछलियां


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हिसार। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र के तालाबों में मच्छरों के लारवे को नष्ट करने के लिए गंबूजिया मछलियां और गप्पी डालने का अभियान चलाया है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मेजर सुभाष खतरेजा ने बताया कि ये विशेष प्रकार की मछलियां मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लारवा को अपने भोजन के रूप में प्रयोग करती हैं।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर रमेश रंगा के नेतृत्व मे गांव लाडवा और मंगाली, हेल्थ इंस्पेक्टर नफे सिंह सोनी ने नलवा और तलवंडी रुक्का में स्वास्थ्य विभाग के फील्ड वर्कर राजमल और महेंद्र सिंह द्वारा गंबूजिया मछलियां तालाबों में छोड़ी गई। रेपिड फीवर मास सर्वे अभियान के तहत एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की टीमें घर घर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाने का कार्य कर रही हैं। मलेरिया का मच्छर साफ और खड़े पानी में अंडे देता है और एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति को काटकर बीमारी को फैलाता है।
उपाय : अपने घर और आस पड़ोस में पानी इकट्ठा न होने दें। खड़े पानी या गड्ढों में मिट्टी का तेल या काला तेल डाल दें। सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाते हुए अपने घर के पानी के पात्रों कूलर, फूलदान, छत पर पड़े टायरों, मटको और पानी की टंकियों को एक बार अवश्य साफ करें। मलेरिया बुखार के प्रमुख लक्षण तेज बुखार, सर्दी और कंपकपी, सिर दर्द और उल्टियां आदि शामिल हैं।

हिसार। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र के तालाबों में मच्छरों के लारवे को नष्ट करने के लिए गंबूजिया मछलियां और गप्पी डालने का अभियान चलाया है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मेजर सुभाष खतरेजा ने बताया कि ये विशेष प्रकार की मछलियां मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लारवा को अपने भोजन के रूप में प्रयोग करती हैं।

बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर रमेश रंगा के नेतृत्व मे गांव लाडवा और मंगाली, हेल्थ इंस्पेक्टर नफे सिंह सोनी ने नलवा और तलवंडी रुक्का में स्वास्थ्य विभाग के फील्ड वर्कर राजमल और महेंद्र सिंह द्वारा गंबूजिया मछलियां तालाबों में छोड़ी गई। रेपिड फीवर मास सर्वे अभियान के तहत एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की टीमें घर घर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाने का कार्य कर रही हैं। मलेरिया का मच्छर साफ और खड़े पानी में अंडे देता है और एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति को काटकर बीमारी को फैलाता है।

उपाय : अपने घर और आस पड़ोस में पानी इकट्ठा न होने दें। खड़े पानी या गड्ढों में मिट्टी का तेल या काला तेल डाल दें। सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाते हुए अपने घर के पानी के पात्रों कूलर, फूलदान, छत पर पड़े टायरों, मटको और पानी की टंकियों को एक बार अवश्य साफ करें। मलेरिया बुखार के प्रमुख लक्षण तेज बुखार, सर्दी और कंपकपी, सिर दर्द और उल्टियां आदि शामिल हैं।

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