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बैंक कर्मियों से परेशान होकर नहर में कूदे युवक का मिला शव


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पलवल। बैंक कर्मियों द्वारा किस्त वसूली से परेशान होकर नहर में कूदने वाले 33 वर्षीय धर्मेंद्र का शव मथुरा जिले में मिला है। धर्मेंद्र एक जून को नहर में कूद गया था। मथुरा में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इससे पहले दो जून को मिले अज्ञात शव के आधार पर पुलिस ने नामजद बैंक कर्मी के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, एक जून को रायदासका गांव निवासी धर्मेंद्र पुत्र मंगल सिंह घर से बाहर घूमने की कहकर निकल गया था। जब काफी देर तक धर्मेंद्र घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। तभी उन्हें रायदासका गांव निवासी गन्नी राम ने बताया कि धर्मेंद्र को उसने बाता से गुजरने वाली नहर की तरफ जाते हुए देखा। वह पुत्र को तलाश करते हुए बाता नहर के नजदीक पहुंचे तो उन्हें आसपास के लोगों ने बताया कि एक युवक ने कुछ देर पहले नहर में छलांग लगा दी। उन्होंने धर्मेंद्र की फोटो दिखाई तो ग्रामीणों ने उसे पहचान लिया। यह जानकारी मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को भी दे दी गई। पुलिस और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। लेकिन, धर्मेंद्र का सुराग नहीं लग पाया। परिजनों का आरोप था कि धर्मेंद्र ने एक मोटरसाइकिल के लिए बैंक से लोन लिया था। नौकरी छूटने के कारण धर्मेंद्र दो किस्त नहीं भर पाया था। बैंक कर्मचारी महेंद्र कुमार किस्त के लिए धर्मेंद्र को बार-बार परेशान कर रहा था। इसके बाद उसने एक किस्त भर भी दी थी। मगर बकाया किस्त जल्दी भरने के लिए महेंद्र बार-बार धमकी दे रहा था तथा उसके साथ बदसलूकी करता था। गांव का एक व्यक्ति भी उनके पुत्र धर्मेंद्र को बार-बार धमका रहा था। बैंक कर्मचारी महेंद्र ने उनके पुत्र से एक मई को मोटरसाइकिल छीनकर ले जाने की धमकी दी थी। धमकियों के कारण धर्मेंद्र तनाव में था। इसी के कारण उसने नहर में छलांग लगा दी। शनिवार देर रात मथुरा जिले में धर्मेंद्र का शव मिला। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पलवल। बैंक कर्मियों द्वारा किस्त वसूली से परेशान होकर नहर में कूदने वाले 33 वर्षीय धर्मेंद्र का शव मथुरा जिले में मिला है। धर्मेंद्र एक जून को नहर में कूद गया था। मथुरा में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इससे पहले दो जून को मिले अज्ञात शव के आधार पर पुलिस ने नामजद बैंक कर्मी के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार, एक जून को रायदासका गांव निवासी धर्मेंद्र पुत्र मंगल सिंह घर से बाहर घूमने की कहकर निकल गया था। जब काफी देर तक धर्मेंद्र घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। तभी उन्हें रायदासका गांव निवासी गन्नी राम ने बताया कि धर्मेंद्र को उसने बाता से गुजरने वाली नहर की तरफ जाते हुए देखा। वह पुत्र को तलाश करते हुए बाता नहर के नजदीक पहुंचे तो उन्हें आसपास के लोगों ने बताया कि एक युवक ने कुछ देर पहले नहर में छलांग लगा दी। उन्होंने धर्मेंद्र की फोटो दिखाई तो ग्रामीणों ने उसे पहचान लिया। यह जानकारी मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को भी दे दी गई। पुलिस और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। लेकिन, धर्मेंद्र का सुराग नहीं लग पाया। परिजनों का आरोप था कि धर्मेंद्र ने एक मोटरसाइकिल के लिए बैंक से लोन लिया था। नौकरी छूटने के कारण धर्मेंद्र दो किस्त नहीं भर पाया था। बैंक कर्मचारी महेंद्र कुमार किस्त के लिए धर्मेंद्र को बार-बार परेशान कर रहा था। इसके बाद उसने एक किस्त भर भी दी थी। मगर बकाया किस्त जल्दी भरने के लिए महेंद्र बार-बार धमकी दे रहा था तथा उसके साथ बदसलूकी करता था। गांव का एक व्यक्ति भी उनके पुत्र धर्मेंद्र को बार-बार धमका रहा था। बैंक कर्मचारी महेंद्र ने उनके पुत्र से एक मई को मोटरसाइकिल छीनकर ले जाने की धमकी दी थी। धमकियों के कारण धर्मेंद्र तनाव में था। इसी के कारण उसने नहर में छलांग लगा दी। शनिवार देर रात मथुरा जिले में धर्मेंद्र का शव मिला। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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