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बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के साथ क्षेत्र की आर्थिक उन्नति का आधार बनेगा एम्स


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रेवाड़ी। गांव माजरा क्षेत्र में बनने जा रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रोजेक्ट हरियाणा के साथ राजस्थान व उत्तर प्रदेश सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगा। साथ ही आर्थिक उन्नति का आधार भी बनने जा रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत होने से जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी वहीं आमजन को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए डीसी अशोक कुमार गर्ग के मार्गदर्शन में मनेठी स्थित आईटीआई परिसर में अस्थाई तहसील बनाकर भू मालिकों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। डीसी अशोक कुमार गर्ग बकायदा रजिस्ट्री प्रक्रिया की नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। भू मालिकों को रजिस्ट्री के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जोकि प्रोजेक्ट के लिए 210 एकड़ जमीन संबंधी रजिस्ट्री कार्य को पूरा कराने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मंगलवार को भी दिनभर भू मालिक राजस्व विभाग के नियमानुसार भू पंजीकरण संबंधी कार्य में सहभागी बने और रजिस्ट्री कराई।
पूरे इलाके को होगा फायदा
डीसी अशोक कुमार गर्ग का कहना है कि इस बड़ी परियोजना के बनने के बाद न केवल रेवाड़ी जिला बल्कि हरियाणा के अन्य जिलों और साथ लगते राजस्थान के नागरिकों को इसका सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एम्स सरीखी परियोजना की जमीन रजिस्ट्रेशन के साथ ही योजना को पंख लगे हैं। उन्होंने एम्स निर्माण को रेवाड़ी जिला के लिए एक ऐतिहासिक विकासात्मक उपलब्धि बताया और कहा कि यह क्षेत्र के विकास में नये आयाम स्थापित करेगा।
सात काउंटरों पर चल रहा रजिस्ट्रेशन संबंधी कार्य
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि एम्स प्रोजेक्ट के लिए भू मालिकों द्वारा सरकार के हक में जमीन की रजिस्ट्री कराई जा रही हैं। इसके लिए महिलाओं, बुजुर्गों को किसी प्रकार की दिक्कत न आने पाए ऐसे में प्रशासन द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए सात काउंटर बनाए गए हैं, जिन पर जमीन पंजीकरण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कुंड आईटीआई परिसर में बनाए गए रजिस्ट्रेशन सेंटर पर बिजली, पानी, बैठने की व्यवस्था की गई है, जहां भू मालिक बारी-बारी से अपनी जमीन का पंजीकरण करा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगामी 4-5 दिनों में एम्स परियोजना के लिए 210 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री सरकार के पक्ष में हो जाएगी। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि यह क्षेत्र के लोगों की बुद्धिमता है, जिन्होंने इस बड़े प्रोजेक्ट को अडॉप्ट करते हुए स्वेच्छा से जमीन देकर विकास में भागीदारी निभाने को पहल दी। गांव माजरा निवासी विनोद कुमार यादव, जितेंद्र कुमार, जीवन कुमार, ओमप्रकाश सेन सहित क्षेत्र के अन्य ग्रामीण इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने पर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल सहित जिला प्रशासन की पूरी टीम का आभार प्रकट किया है।

रेवाड़ी। गांव माजरा क्षेत्र में बनने जा रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रोजेक्ट हरियाणा के साथ राजस्थान व उत्तर प्रदेश सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगा। साथ ही आर्थिक उन्नति का आधार भी बनने जा रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत होने से जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी वहीं आमजन को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए डीसी अशोक कुमार गर्ग के मार्गदर्शन में मनेठी स्थित आईटीआई परिसर में अस्थाई तहसील बनाकर भू मालिकों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। डीसी अशोक कुमार गर्ग बकायदा रजिस्ट्री प्रक्रिया की नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। भू मालिकों को रजिस्ट्री के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जोकि प्रोजेक्ट के लिए 210 एकड़ जमीन संबंधी रजिस्ट्री कार्य को पूरा कराने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मंगलवार को भी दिनभर भू मालिक राजस्व विभाग के नियमानुसार भू पंजीकरण संबंधी कार्य में सहभागी बने और रजिस्ट्री कराई।

पूरे इलाके को होगा फायदा

डीसी अशोक कुमार गर्ग का कहना है कि इस बड़ी परियोजना के बनने के बाद न केवल रेवाड़ी जिला बल्कि हरियाणा के अन्य जिलों और साथ लगते राजस्थान के नागरिकों को इसका सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एम्स सरीखी परियोजना की जमीन रजिस्ट्रेशन के साथ ही योजना को पंख लगे हैं। उन्होंने एम्स निर्माण को रेवाड़ी जिला के लिए एक ऐतिहासिक विकासात्मक उपलब्धि बताया और कहा कि यह क्षेत्र के विकास में नये आयाम स्थापित करेगा।

सात काउंटरों पर चल रहा रजिस्ट्रेशन संबंधी कार्य

डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि एम्स प्रोजेक्ट के लिए भू मालिकों द्वारा सरकार के हक में जमीन की रजिस्ट्री कराई जा रही हैं। इसके लिए महिलाओं, बुजुर्गों को किसी प्रकार की दिक्कत न आने पाए ऐसे में प्रशासन द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए सात काउंटर बनाए गए हैं, जिन पर जमीन पंजीकरण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कुंड आईटीआई परिसर में बनाए गए रजिस्ट्रेशन सेंटर पर बिजली, पानी, बैठने की व्यवस्था की गई है, जहां भू मालिक बारी-बारी से अपनी जमीन का पंजीकरण करा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगामी 4-5 दिनों में एम्स परियोजना के लिए 210 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री सरकार के पक्ष में हो जाएगी। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि यह क्षेत्र के लोगों की बुद्धिमता है, जिन्होंने इस बड़े प्रोजेक्ट को अडॉप्ट करते हुए स्वेच्छा से जमीन देकर विकास में भागीदारी निभाने को पहल दी। गांव माजरा निवासी विनोद कुमार यादव, जितेंद्र कुमार, जीवन कुमार, ओमप्रकाश सेन सहित क्षेत्र के अन्य ग्रामीण इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने पर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल सहित जिला प्रशासन की पूरी टीम का आभार प्रकट किया है।

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