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बिजली संकट से नाराज पांच गांवों के लोगों ने दिया धरना


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सतनाली मंडी। बिजली संकट से परेशान पांच गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने वीरवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बारड़ा पावर हाउस के सामने प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान किसानों ने कृषि बिजली की आपूर्ति आठ घंटे करने की मांग की। किसानों ने सरकार एवं बिजली निगम के विरोध में नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची सतनाली थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा कि खेती के लिए महज पांच घंटे बिजली दी जा रही है जिससे कपास की फसल को बचाना चुनौती बना हुआ है।
किसान संघर्ष समिति के बैनर तले सतनाली खंड के गांव माधोगढ़, बारडा, डालनवास, डिगरोता, गादड़वास के किसान बिजली समस्या को दूर करने की मांग को लेकर बारड़ा पावर हाउस पर एकत्रित हुए। इस दौरान पांच गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर धरना दिया। किसानों ने बताया कि किसान परिवारों को पेट ट्रांसफार्मर से सिंगल फेस बिजली दी जा रही है लेकिन सतनाली खंड के गांवों के किसानों को सिंगल फेस बिजली नहीं दी जा रही है। जबकि सतनाली खंड के 70 प्रतिशत किसान खेतों में पक्के मकान बनाकर परिवारों के साथ रहते हैं। कृषि कार्य के लिए महज पांच घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है जिससे सिंचाई नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप सब्जी की खेती और कपास की खेती बर्बाद होने के कगार पर है। किसानों ने बिजली मंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को पहले भी सौंप चुके हैं। सूचना पर पहुंचे सतनाली थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार ने समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन देकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने निगम के उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलवाने की मांग करते हुए धरना जारी रखा। थाना प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
किसानों के धरने की सूचना पर बिजली विभाग के कार्यकारी एक्सईएन संजय रंगा ने सतनाली एसडीओ अवकाश पर होने के बाद कनीना के एसडीओ मनोज कुमार शर्मा को भेजा। किसानों ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार किसानों की मांग पूरी नहीं करती है तो किसानों को बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर करतार सिंह, अजय गादड़वास, ईश्वर सिंह, हवा सिंह, धर्मपाल सिंह, राजबीर सिंह, ईश्वर सिंह, रामगोपाल, सोमबीर सिंह, महासिंह, रामबीर सिंह, रविकुमार, ओमप्रकाश शर्मा, कमल सिंह समेत अनेक किसान मौजूद रहे।

पेट ट्रांसफार्मर का बजट पास हो चुका है। बिजली निगम को जैसे ही पेट ट्रांसफार्मर उपलब्ध होता है उसे तत्काल लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। पेट ट्रांसफार्मर लगने के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों व किसानों को पर्याप्त बिजली मिलेगी।- मनोज कुमार शर्मा, एसडीओ।

सतनाली मंडी। बिजली संकट से परेशान पांच गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने वीरवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले बारड़ा पावर हाउस के सामने प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान किसानों ने कृषि बिजली की आपूर्ति आठ घंटे करने की मांग की। किसानों ने सरकार एवं बिजली निगम के विरोध में नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची सतनाली थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा कि खेती के लिए महज पांच घंटे बिजली दी जा रही है जिससे कपास की फसल को बचाना चुनौती बना हुआ है।

किसान संघर्ष समिति के बैनर तले सतनाली खंड के गांव माधोगढ़, बारडा, डालनवास, डिगरोता, गादड़वास के किसान बिजली समस्या को दूर करने की मांग को लेकर बारड़ा पावर हाउस पर एकत्रित हुए। इस दौरान पांच गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर धरना दिया। किसानों ने बताया कि किसान परिवारों को पेट ट्रांसफार्मर से सिंगल फेस बिजली दी जा रही है लेकिन सतनाली खंड के गांवों के किसानों को सिंगल फेस बिजली नहीं दी जा रही है। जबकि सतनाली खंड के 70 प्रतिशत किसान खेतों में पक्के मकान बनाकर परिवारों के साथ रहते हैं। कृषि कार्य के लिए महज पांच घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है जिससे सिंचाई नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप सब्जी की खेती और कपास की खेती बर्बाद होने के कगार पर है। किसानों ने बिजली मंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को पहले भी सौंप चुके हैं। सूचना पर पहुंचे सतनाली थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार ने समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन देकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने निगम के उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलवाने की मांग करते हुए धरना जारी रखा। थाना प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी।

समाधान नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी

किसानों के धरने की सूचना पर बिजली विभाग के कार्यकारी एक्सईएन संजय रंगा ने सतनाली एसडीओ अवकाश पर होने के बाद कनीना के एसडीओ मनोज कुमार शर्मा को भेजा। किसानों ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार किसानों की मांग पूरी नहीं करती है तो किसानों को बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर करतार सिंह, अजय गादड़वास, ईश्वर सिंह, हवा सिंह, धर्मपाल सिंह, राजबीर सिंह, ईश्वर सिंह, रामगोपाल, सोमबीर सिंह, महासिंह, रामबीर सिंह, रविकुमार, ओमप्रकाश शर्मा, कमल सिंह समेत अनेक किसान मौजूद रहे।



पेट ट्रांसफार्मर का बजट पास हो चुका है। बिजली निगम को जैसे ही पेट ट्रांसफार्मर उपलब्ध होता है उसे तत्काल लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। पेट ट्रांसफार्मर लगने के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों व किसानों को पर्याप्त बिजली मिलेगी।- मनोज कुमार शर्मा, एसडीओ।

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