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बारिश होते ही जिले में 17 लाख पौधे लगाएगा वन विभाग


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जींद। अभी तक जिले में खास बारिश नहीं हुई है। पिछले सप्ताह केवल 25 एमएम बारिश हुई थी। अब बारिश होते ही वन विभाग जिले में 17 लाख पौधे लगाने का अभियान शुरू करेगा। यह पौधे जिले के स्कूलों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों व समाजसेवी लोगों के माध्यम से लगवाए जाएंगे। इसके साथ ही जिला में स्थित सामाजिक संस्थाओं को एक लाख पौधे निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। खेतों में वन विभाग द्वारा लगभग 585000 लाख क्लोनल सफेदे के पौधे मुफ्त लगाए जाएंगे। हर पंचायत को 500 से एक हजार तक पौधे दिए जाएंगे।
वन विभाग द्वारा पौधों को वितरित करने के लिए कुल 14 नर्सरियों का सहारा लिया जाएगा। यह नर्सरियां जींद, गतौली, पांडू पिंडारा, सफीदों, बड़ौदा, गुरथली, नरवाना में हैं। वन विभाग द्वारा 50 से ऊपर प्रजातियों के छायादार, फलदार व सजावटी पौधे तैयार किए गए हैं, जिन्हें आमजन को उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा एक लाख पेड़ जामुन के भी तैयार किए गए हैं। पौधागिरी कार्यक्रम के तहत स्कूलों में पढ़ रहे छठी से बाहरवीं कक्षा के प्रत्येक बच्चे को एक-एक पौधा निशुल्क दिया जाएगा। इसके अलावा जल शक्ति अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत को लगभग 500 से एक हजार पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिला में स्थित संस्थाओं को एक लाख पौधे निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। खेतों में वन विभाग द्वारा लगभग 5 लाख 85 हजार सफेदे के पौधे मुफ्त लगाए जाएंगे तथा विभाग द्वारा यह पौधे लगाकर संबंधित किसानों को सौंप देगा। किसान उन पौधों का स्वयं मालिक होगा। विभाग द्वारा वर्ष 2022-23 के दौरान विभिन्न स्कीमों के तहत वन, नहर, सड़क, रेलवे लाइन व ड्रेनों के साथ-साथ लगभग दो लाख 80 हजार पौधे लगाएगा।
75 वर्ष से अधिक आयु के 150 पौधों की हुई पहचान
प्राण वायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 वर्ष से अधिक आयु के पौधों की देखभाल व उनके संरक्षक को सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 2500 रुपये की राशि प्रति वृक्ष के हिसाब से पेंशन के रूप में दी जाएगी। अभी तक लगभग 150 वृक्षों की पहचान कर ली गई है।
सभी पौधों की होगी जियो टैगिंग : बीरथल
जिला वन मंडल अधिकारी रोहताश बीरथल ने बताया कि वन विभाग सभी पौधों की जियो टैगिंग की जाएगी। लगभग 17 लाख पौधे जींद जिले में लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। पंचायत भूमि की उपलब्धता के अनुसार पांच गांवों की पंचायत भूमि में अमरूद, बेरी के ग्राफ्टिड पौधों से पौधरोपण किया जाएगा। इनका रखरखाव तीन वर्ष तक विभाग द्वारा करने के बाद पंचायत को सौंप दिया जाएगा। इससे होने वाली आमदनी पंचायतों की होगी।

जींद। अभी तक जिले में खास बारिश नहीं हुई है। पिछले सप्ताह केवल 25 एमएम बारिश हुई थी। अब बारिश होते ही वन विभाग जिले में 17 लाख पौधे लगाने का अभियान शुरू करेगा। यह पौधे जिले के स्कूलों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों व समाजसेवी लोगों के माध्यम से लगवाए जाएंगे। इसके साथ ही जिला में स्थित सामाजिक संस्थाओं को एक लाख पौधे निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। खेतों में वन विभाग द्वारा लगभग 585000 लाख क्लोनल सफेदे के पौधे मुफ्त लगाए जाएंगे। हर पंचायत को 500 से एक हजार तक पौधे दिए जाएंगे।

वन विभाग द्वारा पौधों को वितरित करने के लिए कुल 14 नर्सरियों का सहारा लिया जाएगा। यह नर्सरियां जींद, गतौली, पांडू पिंडारा, सफीदों, बड़ौदा, गुरथली, नरवाना में हैं। वन विभाग द्वारा 50 से ऊपर प्रजातियों के छायादार, फलदार व सजावटी पौधे तैयार किए गए हैं, जिन्हें आमजन को उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा एक लाख पेड़ जामुन के भी तैयार किए गए हैं। पौधागिरी कार्यक्रम के तहत स्कूलों में पढ़ रहे छठी से बाहरवीं कक्षा के प्रत्येक बच्चे को एक-एक पौधा निशुल्क दिया जाएगा। इसके अलावा जल शक्ति अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत को लगभग 500 से एक हजार पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिला में स्थित संस्थाओं को एक लाख पौधे निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। खेतों में वन विभाग द्वारा लगभग 5 लाख 85 हजार सफेदे के पौधे मुफ्त लगाए जाएंगे तथा विभाग द्वारा यह पौधे लगाकर संबंधित किसानों को सौंप देगा। किसान उन पौधों का स्वयं मालिक होगा। विभाग द्वारा वर्ष 2022-23 के दौरान विभिन्न स्कीमों के तहत वन, नहर, सड़क, रेलवे लाइन व ड्रेनों के साथ-साथ लगभग दो लाख 80 हजार पौधे लगाएगा।

75 वर्ष से अधिक आयु के 150 पौधों की हुई पहचान

प्राण वायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 वर्ष से अधिक आयु के पौधों की देखभाल व उनके संरक्षक को सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 2500 रुपये की राशि प्रति वृक्ष के हिसाब से पेंशन के रूप में दी जाएगी। अभी तक लगभग 150 वृक्षों की पहचान कर ली गई है।

सभी पौधों की होगी जियो टैगिंग : बीरथल

जिला वन मंडल अधिकारी रोहताश बीरथल ने बताया कि वन विभाग सभी पौधों की जियो टैगिंग की जाएगी। लगभग 17 लाख पौधे जींद जिले में लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। पंचायत भूमि की उपलब्धता के अनुसार पांच गांवों की पंचायत भूमि में अमरूद, बेरी के ग्राफ्टिड पौधों से पौधरोपण किया जाएगा। इनका रखरखाव तीन वर्ष तक विभाग द्वारा करने के बाद पंचायत को सौंप दिया जाएगा। इससे होने वाली आमदनी पंचायतों की होगी।

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