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बारिश से जलभराव, प्रमुख सड़कों पर भरा पानी


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एक सप्ताह पहले बरस कर शांत हुआ मानसून बुधवार को फिर से सक्रिय हो गया। सुबह झमाझम बारिश से एक तरफ जहां लोगों को कई दिनों से सता रही गर्मी से राहत मिली, वहीं कुछ जगह फिर से हुए जलभराव के कारण परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। जिले में औसतन छह एमएम बारिश हुई। इस बार का मानसून पिछले दो साल के मुकाबले कमजोर चल रहा है। 2021 और 2020 में इन दिनों मानसून की अच्छी बारिश हो चुकी थी, लेकिन इस बार सक्रिय होने के पहले ही दिन ही अच्छे से बरस कर फिर एक दिन हल्की बारिश करने के बाद से शांत था।
अब मौसम विभाग द्वारा लगातार बारिश की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए नगर परिषद अलर्ट मोड में है और अधिकारियों की निगरानी में कर्मचारी लगातार नालों की सफाई में जुटे हुए हैं। उधर एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक खुद फील्ड में उतरे हुए हैं। बुधवार को उन्होंने हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के अधिकारियों को साथ लेकर सरस्वती नदी के किनारे खानपुर ड्रेन, खेड़ी मारकंडा, मोहन नगर, गांधी नगर, झांसा रोड का निरीक्षण किया। इन सभी स्थलों पर सीवरेज पंपिंग स्टेशन की भी जांच की। इसके बाद एसडीएम ने वशिष्ठ कॉलोनी, कुबेर कॉलोनी, कॉलेज कॉलोनी और नई अनाज मंडी के साथ लगते क्षेत्रों का भी जायजा लिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों पर नगर परिषद व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को पैनी निगाह रखने के आदेश दिए।
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75 प्रतिशत तक जा रही आर्द्रता, चिपचिपाहट कर रही परेशान
दिन में आर्द्रता 75 प्रतिशत तक पहुंचने से चिपचिपाहट वाली गर्मी खूब सता रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ऊमस जितनी ज्यादा होगी बारिश भी उतनी ही बरसेगी। रात के समय आर्द्रता 90 तक पहुंच रही है। पंखे व कूलर के आगे बैठकर भी बिल्कुल राहत नहीं मिल रही है।
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कमियों को किया जाएगा दुरुस्त
एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक ने कहा कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए प्रबंध किए गए हैं। अगर फिर भी किसी स्तर पर कोई कमी पाई गई तो संबंधित विभाग के अधिकारी उसे तुरंत दूर करने का प्रयास करेंगे। इस मानसून के सीजन में सभी विभागों को सक्रिय रहना होगा। जिन-जिन संवेदनशील क्षेत्रों में बरसाती पानी का ज्यादा प्रभाव नजर आएगा, वहां-वहां पानी निकासी के लिए अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था की जाएगी।
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फसलों के लिए अमृत समान बारिश : डॉ. सीबी सिंह
कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह ने कहा बेशक मानसून अभी अच्छे से सक्रिय नहीं हुआ है, लेकिन इससे फसल को भी कोई नुकसान नहीं है। मानसून की बारिश फसलों से लिए अमृत के समान है। इन दिनों किसानों ने बैंगन, फूल गोभी, मिर्च व टमाटर सहित कई सब्जियों की रोपाई की हुई है। बारिश से उन सभी फसलों को फायदा होगा। धान के लिए तो बारिश बहुत फायदेमंद है।

एक सप्ताह पहले बरस कर शांत हुआ मानसून बुधवार को फिर से सक्रिय हो गया। सुबह झमाझम बारिश से एक तरफ जहां लोगों को कई दिनों से सता रही गर्मी से राहत मिली, वहीं कुछ जगह फिर से हुए जलभराव के कारण परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। जिले में औसतन छह एमएम बारिश हुई। इस बार का मानसून पिछले दो साल के मुकाबले कमजोर चल रहा है। 2021 और 2020 में इन दिनों मानसून की अच्छी बारिश हो चुकी थी, लेकिन इस बार सक्रिय होने के पहले ही दिन ही अच्छे से बरस कर फिर एक दिन हल्की बारिश करने के बाद से शांत था।

अब मौसम विभाग द्वारा लगातार बारिश की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए नगर परिषद अलर्ट मोड में है और अधिकारियों की निगरानी में कर्मचारी लगातार नालों की सफाई में जुटे हुए हैं। उधर एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक खुद फील्ड में उतरे हुए हैं। बुधवार को उन्होंने हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के अधिकारियों को साथ लेकर सरस्वती नदी के किनारे खानपुर ड्रेन, खेड़ी मारकंडा, मोहन नगर, गांधी नगर, झांसा रोड का निरीक्षण किया। इन सभी स्थलों पर सीवरेज पंपिंग स्टेशन की भी जांच की। इसके बाद एसडीएम ने वशिष्ठ कॉलोनी, कुबेर कॉलोनी, कॉलेज कॉलोनी और नई अनाज मंडी के साथ लगते क्षेत्रों का भी जायजा लिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों पर नगर परिषद व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को पैनी निगाह रखने के आदेश दिए।

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75 प्रतिशत तक जा रही आर्द्रता, चिपचिपाहट कर रही परेशान

दिन में आर्द्रता 75 प्रतिशत तक पहुंचने से चिपचिपाहट वाली गर्मी खूब सता रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ऊमस जितनी ज्यादा होगी बारिश भी उतनी ही बरसेगी। रात के समय आर्द्रता 90 तक पहुंच रही है। पंखे व कूलर के आगे बैठकर भी बिल्कुल राहत नहीं मिल रही है।

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कमियों को किया जाएगा दुरुस्त

एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक ने कहा कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए प्रबंध किए गए हैं। अगर फिर भी किसी स्तर पर कोई कमी पाई गई तो संबंधित विभाग के अधिकारी उसे तुरंत दूर करने का प्रयास करेंगे। इस मानसून के सीजन में सभी विभागों को सक्रिय रहना होगा। जिन-जिन संवेदनशील क्षेत्रों में बरसाती पानी का ज्यादा प्रभाव नजर आएगा, वहां-वहां पानी निकासी के लिए अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था की जाएगी।

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फसलों के लिए अमृत समान बारिश : डॉ. सीबी सिंह

कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह ने कहा बेशक मानसून अभी अच्छे से सक्रिय नहीं हुआ है, लेकिन इससे फसल को भी कोई नुकसान नहीं है। मानसून की बारिश फसलों से लिए अमृत के समान है। इन दिनों किसानों ने बैंगन, फूल गोभी, मिर्च व टमाटर सहित कई सब्जियों की रोपाई की हुई है। बारिश से उन सभी फसलों को फायदा होगा। धान के लिए तो बारिश बहुत फायदेमंद है।

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