बारिश आते ही रसायनयुक्त पानी सेक्टर में आने से लोग परेशान


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जिले की सीमा से लगते राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला रसायन युक्त पानी कस्बा धारूहेड़ा की सीमा में पहुंचकर सेक्टरों में घुस रहा है। हल्की बारिश होते ही राजस्थान के उद्योग इस पानी को छोड़ देते हैं। स्थिति यह है कि अब नगर के आवासीय सेक्टरों, हाईवे और सैकड़ों एकड़ खाली भूमि पर इसका भराव हो रहा है। हरियाणा और राजस्थान दोनों सरकारें इस समस्या को अच्छी तरह समझ चुकी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा दो केंद्रीय मंत्रियों राव इंद्रजीत सिंह और भूपेंद्र यादव को इस समस्या की शिकायत लिखित तौर पर की जा चुकी है मगर परिणाम गायब है। इसके अलावा हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों तक इस समस्या के समाधान की कई बार गुहार लगाए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस है। आलम यह है कि एनएच 48 की सड़क भी इस पानी की वजह से टूटने लगी है और सेक्टर 4 और छह निवासी लोग इस समस्या को कई सालों से झेल रहे हैं लेकिन इस समस्या के समाधान को लेकर प्रशासनिक तंत्र गंभीर नहीं।
बता दें, धारूहेड़ा नगर पालिका के चेयरमैन के चुनाव में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। अधिकांश पार्षदों ने इस समस्या के समाधान को लेकर अपने प्रचार में जनता के बीच मांग उठाई और जनता की ओर से जिम्मेदारी मिलने पर इस काम को सिरे चढ़ाने का आश्वासन दिया मगर करीब एक साल बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उधर मानसून सिर पर है ऐसे में सेक्टरवासियों को अपनी यह समस्या पहाड़ समान महसूस होने लगी है। नगर पालिका धारूहेड़ा के सचिव समयपाल और चेयरमैन कंवर सिंह यादव के संज्ञान में यह समस्या लाए जाने के बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं आया है। हालांकि डीसी अशोक कुमार गर्ग के आदेश पर नगर के मल निकासी नालों की सफाई का हल्का फुल्का काम जरूर कराया गया है मगर हाल की पहली बारिश ने धारूहेड़ा शहर में जलभराव की तस्वीर फिर जनता के सामने पेश कर दी। ऐसी सूरत में सेक्टरों में जलभराव की इस समस्या के समाधान को लेकर सेक्टर वासी चिंतित हैं।
इस समस्या को लेकर नगर पालिका चुनाव में चेयरमैन पद के उम्मीदवार रहे बाबूलाल लांबा ने कहा कि प्रशासन और नपा चेयरमैन को सेक्टर वासियों का दर्द महसूस करना चाहिए क्योंकि यह छोटी समस्या नहीं है। हरियाणा और राजस्थान सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए कई बार पत्र भेजे गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दोनों राज्यों के अधिकारी इस समस्या को लेकर चर्चा कर चुके हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए राजस्थान सरकार को करोड़ों रुपए भी आवंटित किए गए मगर उसके बावजूद हरियाणा के कस्बा धारूहेड़ा एवं सेक्टर 6 वासी इस समस्या को झेल रहे हैं। अब इस मामले की शिकायत पुन: प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी गई है। बता दें, यह दूषित पानी लगभग रोजाना हजारों लीटर भिवाड़ी से नाले के माध्यम से धारूहेड़ा पहुंच रहा है। इस समस्या को लेकर गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश खरखड़ा ने गत कुछ सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान व प्रदेश के मुख्यमंत्रियों समेत कई केंद्रीय मंत्रालयों को पत्र लिखे हैं।
हाल में उन्हें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी एक पत्र मिला जिसमें उक्त बोर्ड ने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को इस प्रदूषित पानी की वजह से लोगों को हो रही परेशानी और इसकी मूल वजह चिह्नित करके कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। राजस्थान प्रदेश के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों से निकला यह रसायन युक्त पानी कस्बा धारूहेड़ा के सेक्टर 4 व 6 और हाईवे सहित औद्योगिक क्षेत्र के खाली भूखंडों में जमा इस वक्त भी भरा खड़ा हुआ है।
समस्या काफी पुरानी है। हरियाणा और राजस्थान के अधिकारियों की बैठकें भी हुई हैं। इस मामले में ताजा जानकारी अभी मेरे पास नहीं है। इतना जरूर है कि सरकार इस मामले में गंभीरता से अपना काम कर रही है।
– समयपाल, सचिव, नगर पालिका, धारूहेड़ा।

जिले की सीमा से लगते राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला रसायन युक्त पानी कस्बा धारूहेड़ा की सीमा में पहुंचकर सेक्टरों में घुस रहा है। हल्की बारिश होते ही राजस्थान के उद्योग इस पानी को छोड़ देते हैं। स्थिति यह है कि अब नगर के आवासीय सेक्टरों, हाईवे और सैकड़ों एकड़ खाली भूमि पर इसका भराव हो रहा है। हरियाणा और राजस्थान दोनों सरकारें इस समस्या को अच्छी तरह समझ चुकी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा दो केंद्रीय मंत्रियों राव इंद्रजीत सिंह और भूपेंद्र यादव को इस समस्या की शिकायत लिखित तौर पर की जा चुकी है मगर परिणाम गायब है। इसके अलावा हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों तक इस समस्या के समाधान की कई बार गुहार लगाए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस है। आलम यह है कि एनएच 48 की सड़क भी इस पानी की वजह से टूटने लगी है और सेक्टर 4 और छह निवासी लोग इस समस्या को कई सालों से झेल रहे हैं लेकिन इस समस्या के समाधान को लेकर प्रशासनिक तंत्र गंभीर नहीं।

बता दें, धारूहेड़ा नगर पालिका के चेयरमैन के चुनाव में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। अधिकांश पार्षदों ने इस समस्या के समाधान को लेकर अपने प्रचार में जनता के बीच मांग उठाई और जनता की ओर से जिम्मेदारी मिलने पर इस काम को सिरे चढ़ाने का आश्वासन दिया मगर करीब एक साल बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उधर मानसून सिर पर है ऐसे में सेक्टरवासियों को अपनी यह समस्या पहाड़ समान महसूस होने लगी है। नगर पालिका धारूहेड़ा के सचिव समयपाल और चेयरमैन कंवर सिंह यादव के संज्ञान में यह समस्या लाए जाने के बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं आया है। हालांकि डीसी अशोक कुमार गर्ग के आदेश पर नगर के मल निकासी नालों की सफाई का हल्का फुल्का काम जरूर कराया गया है मगर हाल की पहली बारिश ने धारूहेड़ा शहर में जलभराव की तस्वीर फिर जनता के सामने पेश कर दी। ऐसी सूरत में सेक्टरों में जलभराव की इस समस्या के समाधान को लेकर सेक्टर वासी चिंतित हैं।

इस समस्या को लेकर नगर पालिका चुनाव में चेयरमैन पद के उम्मीदवार रहे बाबूलाल लांबा ने कहा कि प्रशासन और नपा चेयरमैन को सेक्टर वासियों का दर्द महसूस करना चाहिए क्योंकि यह छोटी समस्या नहीं है। हरियाणा और राजस्थान सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए कई बार पत्र भेजे गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दोनों राज्यों के अधिकारी इस समस्या को लेकर चर्चा कर चुके हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए राजस्थान सरकार को करोड़ों रुपए भी आवंटित किए गए मगर उसके बावजूद हरियाणा के कस्बा धारूहेड़ा एवं सेक्टर 6 वासी इस समस्या को झेल रहे हैं। अब इस मामले की शिकायत पुन: प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी गई है। बता दें, यह दूषित पानी लगभग रोजाना हजारों लीटर भिवाड़ी से नाले के माध्यम से धारूहेड़ा पहुंच रहा है। इस समस्या को लेकर गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश खरखड़ा ने गत कुछ सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान व प्रदेश के मुख्यमंत्रियों समेत कई केंद्रीय मंत्रालयों को पत्र लिखे हैं।

हाल में उन्हें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी एक पत्र मिला जिसमें उक्त बोर्ड ने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को इस प्रदूषित पानी की वजह से लोगों को हो रही परेशानी और इसकी मूल वजह चिह्नित करके कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। राजस्थान प्रदेश के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों से निकला यह रसायन युक्त पानी कस्बा धारूहेड़ा के सेक्टर 4 व 6 और हाईवे सहित औद्योगिक क्षेत्र के खाली भूखंडों में जमा इस वक्त भी भरा खड़ा हुआ है।

समस्या काफी पुरानी है। हरियाणा और राजस्थान के अधिकारियों की बैठकें भी हुई हैं। इस मामले में ताजा जानकारी अभी मेरे पास नहीं है। इतना जरूर है कि सरकार इस मामले में गंभीरता से अपना काम कर रही है।

– समयपाल, सचिव, नगर पालिका, धारूहेड़ा।

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Written by Haryanacircle

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