बाबुओं की लापरवाही का दंड भुगतेंगे विभागों के मुखिया


ख़बर सुनें

गुरुग्राम। सरकारी कार्यालयों में बाबुओं की लापरवाही का दंड विभागों के मुखिया को भुगतना होगा। दरअसल, अब किसी भी दूसरे विभाग में कोई भी दस्तावेज या फाइलें ऑनलाइन माध्यम से भेजी जाएंगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित विभाग के मुखिया को जवाब तलब किया जाएगा।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बृहस्पतिवार को सभी विभागों को हर फाइल को ऑनलाइन डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि अगर किसी विभाग की ओर से लापरवाही बरती गई तो इसकी जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष की होगी और उससे जवाब तलब किया जाएगा। फाइलों की ऑनलाइन आदान-प्रदान प्रणाली को ई-ऑफिस का नाम दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि इससे समय की बचत होगी और कार्य में पारदर्शिता आएगी।
आदेश में उपायुक्त ने कहा कि ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलों को भेजें। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे हाईटेक जिले के सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों का लेन-देन जरूरी है। सभी अधिकारी ई-ऑफिस संचालन का कार्य गंभीरता से करें और फाइल वर्क का कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से करें और उसे पोर्टल पर दर्शाएं। किसी विभाग को ई-ऑफिस के संचालन में परेशानी आ रही है तो अपने संशयों को दूर करें। इस मामले में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन अधिकारियों को इस बारे में जानकारी नहीं है, उसके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। अगर लापरवाही हुई तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गुरुग्राम। सरकारी कार्यालयों में बाबुओं की लापरवाही का दंड विभागों के मुखिया को भुगतना होगा। दरअसल, अब किसी भी दूसरे विभाग में कोई भी दस्तावेज या फाइलें ऑनलाइन माध्यम से भेजी जाएंगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित विभाग के मुखिया को जवाब तलब किया जाएगा।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बृहस्पतिवार को सभी विभागों को हर फाइल को ऑनलाइन डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि अगर किसी विभाग की ओर से लापरवाही बरती गई तो इसकी जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष की होगी और उससे जवाब तलब किया जाएगा। फाइलों की ऑनलाइन आदान-प्रदान प्रणाली को ई-ऑफिस का नाम दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि इससे समय की बचत होगी और कार्य में पारदर्शिता आएगी।

आदेश में उपायुक्त ने कहा कि ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलों को भेजें। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे हाईटेक जिले के सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों का लेन-देन जरूरी है। सभी अधिकारी ई-ऑफिस संचालन का कार्य गंभीरता से करें और फाइल वर्क का कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से करें और उसे पोर्टल पर दर्शाएं। किसी विभाग को ई-ऑफिस के संचालन में परेशानी आ रही है तो अपने संशयों को दूर करें। इस मामले में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन अधिकारियों को इस बारे में जानकारी नहीं है, उसके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। अगर लापरवाही हुई तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

.


What do you think?

दोस्त बनकर बुजुर्ग से ठगे सात लाख रुपये

घर केके का पार्थ शरीर, आज मुंबई में स्पाइस शिंगर का अंतिम संस्कार