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बव्यर्थ बह रहा पानी बना मुसीबत, पांच कर्मचारी होने पर भी सफाई व्यवस्था बदहाल


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जींद। पांडू-पिंडारा में 32 करोड़ रुपये की लागत से बने नये बस स्टैंड पर कुछ ही दिन बाद गंदगी का आलम छा गया है। जिसके चलते यहां पर यात्रियों को लगातार असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। एक तो यहां पर पेयजल की सुविधा नहीं दूसरी तरफ शौचालयों में लीकेज के कारण पानी व्यर्थ बह रहा है। कई शौचालयों से तो टोटियां भी गायब हैं।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि शौचालयों से टोटियां चोरी करने का काम नशेड़ी लोगों का है। बस अड्डे पर पांच सफाई कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन वह बस अड्डे की देखभाल नहीं कर पा रहे। बस अड्डे पर हम समय गंदगी का आलम रहता है। इसके चलते यहां पर यात्रियों को निराशा बनी हुई है। यात्रियों का कहना है कि बस अड्डे पर यात्रियों के लिए कु छ भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। शौचालय में पानी व्यर्थ बहता रहता है तो पीने के पानी की काफी किल्लत है।
…तो महंगे उपकरण किसी भी समय हो सकते हैं चोरी
बस अड्डे पर पांच सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जिन पर सफाई का जिम्मा है, लेकिन शौचालयों से टोंटियां गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे में अगर शौचालयों से टोंटियां गायब हो सकती हैं तो यहां पर लगे महंगे उपकरण किसी भी समय चोरी हो सकते हैं।
शौचालयों में पानी व्यर्थ बहने का मामला संज्ञान में आया था। उसको ठीक करवा दिया गया है। वहीं शौचालयों से टोटियां गायब करना किसी नशेड़ी व्यक्ति का काम लगता है। पहले स्टील की टोटियां लगी हुई थी जो चोरी हो गई थीं। इसके बाद प्लास्टिक की टोटियां लगाई गई थीं, वह भी गायब हैं।
–नरोत्तम शर्मा संस्थान अधीक्षक

जींद। पांडू-पिंडारा में 32 करोड़ रुपये की लागत से बने नये बस स्टैंड पर कुछ ही दिन बाद गंदगी का आलम छा गया है। जिसके चलते यहां पर यात्रियों को लगातार असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। एक तो यहां पर पेयजल की सुविधा नहीं दूसरी तरफ शौचालयों में लीकेज के कारण पानी व्यर्थ बह रहा है। कई शौचालयों से तो टोटियां भी गायब हैं।

रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि शौचालयों से टोटियां चोरी करने का काम नशेड़ी लोगों का है। बस अड्डे पर पांच सफाई कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन वह बस अड्डे की देखभाल नहीं कर पा रहे। बस अड्डे पर हम समय गंदगी का आलम रहता है। इसके चलते यहां पर यात्रियों को निराशा बनी हुई है। यात्रियों का कहना है कि बस अड्डे पर यात्रियों के लिए कु छ भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। शौचालय में पानी व्यर्थ बहता रहता है तो पीने के पानी की काफी किल्लत है।

…तो महंगे उपकरण किसी भी समय हो सकते हैं चोरी

बस अड्डे पर पांच सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जिन पर सफाई का जिम्मा है, लेकिन शौचालयों से टोंटियां गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे में अगर शौचालयों से टोंटियां गायब हो सकती हैं तो यहां पर लगे महंगे उपकरण किसी भी समय चोरी हो सकते हैं।

शौचालयों में पानी व्यर्थ बहने का मामला संज्ञान में आया था। उसको ठीक करवा दिया गया है। वहीं शौचालयों से टोटियां गायब करना किसी नशेड़ी व्यक्ति का काम लगता है। पहले स्टील की टोटियां लगी हुई थी जो चोरी हो गई थीं। इसके बाद प्लास्टिक की टोटियां लगाई गई थीं, वह भी गायब हैं।

–नरोत्तम शर्मा संस्थान अधीक्षक

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