बरसात से मिली राहत, फिर आंधी बनी आफत


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अंबाला। आंधी व 44 एमएम बरसात ने अंबाला में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी। बरसात के बाद निचली कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। गाद व कूड़े से अटी नालियों से पानी की निकासी नहीं हो सकी। ऐसा ही नजारा बीडी फ्लोर के पीछे दर्जनों कॉलोनियों सहित डिफेंस कॉलोनी के सेक्टरों में देखने को मिला। पानी निकासी के बंदोबस्त न होने के कारण कई-कई घंटों तक लोगों के घरों के बाहर भी पानी जमा रहा। बता दें कि बृहस्पतिवार देररात करीब 1 बजे शुरू हुई आंधी के बाद बरसात का सिलसिला शुक्रवार सुबह तक भी चला। हल्की बूंदाबांदी होती रही। दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और तेज धूप निकल आई।
अचानक आई आंधी ने छावनी के नेता जी सुभाष चंद्र बोस पार्क में काफी नुकसान पहुंचाया। जहां लोहे की ग्रिल में लगे वाटर कूलर टूट गए। वहीं, पानी की टंकी भी उड़कर दूर जा गिरी। सुबह पार्क की देखभाल करने वालों ने उन्हें दुरुस्त करवाया। इतना ही नहीं पार्क में बच्चों के खेलने के लिए लगे झूलों वाली जगह पर भी पानी निकासी के कोई बंदोबस्त न होने के कारण जलभराव की स्थिति रही। पार्क में अक्सर हर बरसात में ही जलभराव की स्थिति बन जाती है।
अंबाला-जगाधरी हाईवे स्थित सैन्य क्षेत्र में टूटे पेड़
आंधी के कारण दुकानों, होटलों आदि पर लगे होर्डिंग आदि टूटकर गिर गए। इतना ही नहीं अंबाला-जगाधरी हाईवे स्थित एसडी कॉलेज के ठीक सामने व सैन्य क्षेत्र में तोपखाना के पास, डिफेंस कॉलोनी में छोटे-बड़े कई पेड़ गिर गए। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
रेजिमेंट चौकी की छत का टूटा लेंटर, बड़ा हादसा टला
बरसात के बाद शुक्रवार को अचानक छावनी की रेजिमेंट चौकी की छत का लेंटर गिर गया। गनीमत यह रही कि अचानक गिरे लेंटर के दौरान कोई मुलाजिम नीचे नहीं बैठा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। उधर, छावनी नागरिक अस्पताल में बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर बिजली गुल हो गई। करीब आधे घंटे बाद इमरजेंसी में बिजली आई। इस दौरान मरीज, तीमारदार सहित डॉक्टर आदि परेशान रहे। संवाद

अंबाला। आंधी व 44 एमएम बरसात ने अंबाला में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी। बरसात के बाद निचली कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। गाद व कूड़े से अटी नालियों से पानी की निकासी नहीं हो सकी। ऐसा ही नजारा बीडी फ्लोर के पीछे दर्जनों कॉलोनियों सहित डिफेंस कॉलोनी के सेक्टरों में देखने को मिला। पानी निकासी के बंदोबस्त न होने के कारण कई-कई घंटों तक लोगों के घरों के बाहर भी पानी जमा रहा। बता दें कि बृहस्पतिवार देररात करीब 1 बजे शुरू हुई आंधी के बाद बरसात का सिलसिला शुक्रवार सुबह तक भी चला। हल्की बूंदाबांदी होती रही। दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और तेज धूप निकल आई।

अचानक आई आंधी ने छावनी के नेता जी सुभाष चंद्र बोस पार्क में काफी नुकसान पहुंचाया। जहां लोहे की ग्रिल में लगे वाटर कूलर टूट गए। वहीं, पानी की टंकी भी उड़कर दूर जा गिरी। सुबह पार्क की देखभाल करने वालों ने उन्हें दुरुस्त करवाया। इतना ही नहीं पार्क में बच्चों के खेलने के लिए लगे झूलों वाली जगह पर भी पानी निकासी के कोई बंदोबस्त न होने के कारण जलभराव की स्थिति रही। पार्क में अक्सर हर बरसात में ही जलभराव की स्थिति बन जाती है।

अंबाला-जगाधरी हाईवे स्थित सैन्य क्षेत्र में टूटे पेड़

आंधी के कारण दुकानों, होटलों आदि पर लगे होर्डिंग आदि टूटकर गिर गए। इतना ही नहीं अंबाला-जगाधरी हाईवे स्थित एसडी कॉलेज के ठीक सामने व सैन्य क्षेत्र में तोपखाना के पास, डिफेंस कॉलोनी में छोटे-बड़े कई पेड़ गिर गए। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

रेजिमेंट चौकी की छत का टूटा लेंटर, बड़ा हादसा टला

बरसात के बाद शुक्रवार को अचानक छावनी की रेजिमेंट चौकी की छत का लेंटर गिर गया। गनीमत यह रही कि अचानक गिरे लेंटर के दौरान कोई मुलाजिम नीचे नहीं बैठा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। उधर, छावनी नागरिक अस्पताल में बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर बिजली गुल हो गई। करीब आधे घंटे बाद इमरजेंसी में बिजली आई। इस दौरान मरीज, तीमारदार सहित डॉक्टर आदि परेशान रहे। संवाद

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Written by Haryanacircle

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