in

बड़ा कदम: चंडीगढ़ में 17000 स्मॉल फ्लैट्स का होगा सर्वे, कोई और रहता मिला तो आवंटन होगा रद्द


ख़बर सुनें

चंडीगढ़ में करीब 17 हजार स्मॉल फ्लैट्स चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अलॉट किए हैं। इनमें से कई बिक चुके हैं, जबकि ये खरीदे-बेचे नहीं जा सकते। सीएचबी अब पूरे शहर में सर्वे कराने जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि कितने लोगों ने मकान बेच या किराए पर दे रखा है। बोर्ड के अनुसार ऐसे सभी लोगों का आवंटन रद्द होगा और पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।
 
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि अगले कुछ दिनों में वह पूरे शहर के स्मॉल फ्लैट में सर्वे कराने जा रहे हैं। सीएचबी की विभिन्न टीमें एक-एक फ्लैट्स में जाएंगी और जांच करेंगी कि वह आवंटित किसे हुआ था और अब उसमें कौन रह रहा है। सीएचबी की तरफ से बताया गया है कि चंडीगढ़ में पुनर्वास, स्मॉल फ्लैट योजना और किफायती किराया आवासीय योजना के तहत कुल करीब 17000 फ्लैट आवंटित किए गए हैं।
 
आवंटन के नियमों के अनुसार ये सभी लीज पर हैं। इन्हें बेचना, ट्रांसफर करना या किसी अन्य को सौंपना गैर-कानूनी है। बावजूद इसके कई इलाकों में फ्लैट्स को बेचा और खरीदा जा रहा है। कई मामलों में एक फ्लैट को कई बार बेचा जा चुका है। सीएचबी के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंची हैं। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि ये गैर-कानूनी है और अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे व्यक्ति पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

सर्वे में दिखाना होगा आवंटन पत्र व पहचान पत्र
सीएचबी ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के समय जो भी व्यक्ति फ्लैट में रह रहा होगा, उसे फ्लैट का आवंटन पत्र और अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। अगर घर में आवंटी मौजूद नहीं होगा तो परिवार का कोई अन्य सदस्य भी दस्तावेजों को दिखा सकता है। हालांकि उसे आवंटी के साथ अपने रिश्ते के सुबूत को दिखाना होगा। आवंटित फ्लैट में दोस्त, रिश्तेदार व अन्य रह सकते हैं लेकिन सिर्फ कुछ समय के लिए। वह स्थायी निवासी नहीं हो सकते। हालांकि उस स्थिति में भी आवंटी का साथ में रहना अनिवार्य होगा। अगर वह नहीं होगा तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। 

जो फ्लैट रद्द होंगे, उसे योग्य लोगों को देने की योजना 
किसी भी मामले में नियमों के उल्लंघन की स्थिति में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड फ्लैट के आवंटन को रद्द कर पजेशन को वापस ले सकता है। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि इस पूरे सर्वे में जो भी मकान खाली होंगे, उन्हें अन्य योग्य लोगों को आवंटित किया जाएगा। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि वह सीएचबी के इस सर्वे में सहयोग करें। सीएचबी की तरफ से जो भी कर्मचारी आएगा, उसे पास पहचान पत्र जरूर मौजूद होगा। 

सीएचबी की टीमें ये करेंगी जांच

  • फ्लैट किसे आवंटित किया गया था, क्या वह अभी भी रह रहा है। फ्लैट को बेचा या किराए पर तो नहीं दिया गया।
  • आवंटी हर महीने किराया जमा कर रहा है या नहीं, उसके फ्लैट का किराया बकाया तो नहीं है।

स्मॉल फ्लैट्स के तहत आवंटित 

  • सेक्टर-49सी में 1024
  • सेक्टर-38वेस्ट में 1120
  • रामदरबार में 576
  • धनास में 8448
  • मौलीजागरां-2 में 1568
  • मलोया में 4960

विस्तार

चंडीगढ़ में करीब 17 हजार स्मॉल फ्लैट्स चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अलॉट किए हैं। इनमें से कई बिक चुके हैं, जबकि ये खरीदे-बेचे नहीं जा सकते। सीएचबी अब पूरे शहर में सर्वे कराने जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि कितने लोगों ने मकान बेच या किराए पर दे रखा है। बोर्ड के अनुसार ऐसे सभी लोगों का आवंटन रद्द होगा और पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।

 

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि अगले कुछ दिनों में वह पूरे शहर के स्मॉल फ्लैट में सर्वे कराने जा रहे हैं। सीएचबी की विभिन्न टीमें एक-एक फ्लैट्स में जाएंगी और जांच करेंगी कि वह आवंटित किसे हुआ था और अब उसमें कौन रह रहा है। सीएचबी की तरफ से बताया गया है कि चंडीगढ़ में पुनर्वास, स्मॉल फ्लैट योजना और किफायती किराया आवासीय योजना के तहत कुल करीब 17000 फ्लैट आवंटित किए गए हैं।

 

आवंटन के नियमों के अनुसार ये सभी लीज पर हैं। इन्हें बेचना, ट्रांसफर करना या किसी अन्य को सौंपना गैर-कानूनी है। बावजूद इसके कई इलाकों में फ्लैट्स को बेचा और खरीदा जा रहा है। कई मामलों में एक फ्लैट को कई बार बेचा जा चुका है। सीएचबी के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंची हैं। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि ये गैर-कानूनी है और अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे व्यक्ति पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

.


गो फर्स्ट के पायलट ने तकनीकी खराबी के बाद पटना एयरपोर्ट पर प्लेन उतारने से किया इनकार

IND vs ENG: भारत की हार पर अजीत अगरकर का आया बयान, बताया दिल तोड़ देने वाली हार