बच्चों ने जल संरक्षण के लिए दी पानी की चिट्ठी


पानीपत।  उपायुक्त को पानी की चिठी सौपतें हुए।

पानीपत। उपायुक्त को पानी की चिठी सौपतें हुए।
– फोटो : Panipat

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पानीपत। प्रतिष्ठा फाउंडेशन की टीम चेंज मेकर्स की ओर से जल संरक्षण पर पानी की चिट्ठी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी सदस्यों ने मिलकर सोमवार को जिला उपायुक्त सुशील सारवान को प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. गौरव की अध्यक्षता में पानी की चिट्ठी दी। उपायुक्त ने बच्चों को प्रेरणात्मक तरीके से समझाया कि आप अपनी आदतों से अपना भविष्य बदल सकते हैं।
डॉ. कुंजल ने बताया कि इसी बात को ध्यान में रखकर जून की ग्रीष्मकालीन अवकाश का पूरा माह की बच्चों की रोज की गतिविधियां पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित हैं ताकि यह छात्र छात्राओं की दिनचर्या में शामिल हो जाए। अथर्व एवं आरना ने बताया कि धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जल का संरक्षण और बचाव बहुत जरूरी है क्योंकि बिना जल के जीवन संभव नहीं है। सभी बच्चों ने वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पोधरोपण करने का प्रण लेते हुए शपथ ली। उन्होंने कहा कि पौधों को पाइप से पानी देने की बजाय फव्वारे से पानी देंगे, जिससे जल संरक्षण हो। हाथ, फल, सब्जी आदि को खुले हुए नल से धोने की बजाय पानी के बर्तन में साफ करेंगे। सभी बच्चों ने संपूर्ण समाज से विनम्र अपील की कि पानी को व्यर्थ न करें। पानी को बचाया जा सकता है, बनाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर डॉ. कुंजल, डॉ. गौरव, अस्मी, अथर्व, भव्या, लवन्या, ऐशनी एवं आरना उपस्थित रहे।

पानीपत। प्रतिष्ठा फाउंडेशन की टीम चेंज मेकर्स की ओर से जल संरक्षण पर पानी की चिट्ठी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी सदस्यों ने मिलकर सोमवार को जिला उपायुक्त सुशील सारवान को प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. गौरव की अध्यक्षता में पानी की चिट्ठी दी। उपायुक्त ने बच्चों को प्रेरणात्मक तरीके से समझाया कि आप अपनी आदतों से अपना भविष्य बदल सकते हैं।

डॉ. कुंजल ने बताया कि इसी बात को ध्यान में रखकर जून की ग्रीष्मकालीन अवकाश का पूरा माह की बच्चों की रोज की गतिविधियां पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित हैं ताकि यह छात्र छात्राओं की दिनचर्या में शामिल हो जाए। अथर्व एवं आरना ने बताया कि धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जल का संरक्षण और बचाव बहुत जरूरी है क्योंकि बिना जल के जीवन संभव नहीं है। सभी बच्चों ने वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पोधरोपण करने का प्रण लेते हुए शपथ ली। उन्होंने कहा कि पौधों को पाइप से पानी देने की बजाय फव्वारे से पानी देंगे, जिससे जल संरक्षण हो। हाथ, फल, सब्जी आदि को खुले हुए नल से धोने की बजाय पानी के बर्तन में साफ करेंगे। सभी बच्चों ने संपूर्ण समाज से विनम्र अपील की कि पानी को व्यर्थ न करें। पानी को बचाया जा सकता है, बनाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर डॉ. कुंजल, डॉ. गौरव, अस्मी, अथर्व, भव्या, लवन्या, ऐशनी एवं आरना उपस्थित रहे।

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Written by Haryanacircle

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