फ्लैट देने का झांसा देकर दंपती से लांखों की ठगी करने वाला एक आरोपी काबू


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बावल में रिहायशी फ्लैट बनाकर देने का झांसा देकर एक दंपती से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में कसौला थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी हिसार का गांव खेदड़ निवासी दिनेश शर्मा है। आरोपी वर्तमान में दिल्ली शाहदरा में रह रहा था। आरोपी ने खुद को बिल्डर कंपनी का निदेशक बताया था।
पुलिस के अनुसार गांव बालियर खुर्द निवासी देवेंद्र कुमार ने कहा था कि उन्होंने अपनी पत्नी संतोष के साथ वर्ष 2013 में बावल के सेक्टर-दो में एशियन डेवेलपर्स लि. में रहने के लिए एक फ्लैट खरीदा था। खरीदते समय कंपनी के निदेशक दिनेश शर्मा, दीपक गोसाई व नितिन शर्मा ने बताया कि उनका प्रोजेक्ट सरकार से मंजूर है और लाइसेंस भी लिया हुआ है। सरकार से फ्लैट के निर्माण करने व बेचने की मंजूरी लेने के बारे में भी बताया था।
फ्लैट खरीदने के लिए उन्होंने 21 अप्रैल 2013 को 2 लाख 65 हजार रुपये बुकिंग के लिए जमा कराए थे। इसके बाद 23 अप्रैल 2017 को 27 हजार रुपये, 17 जून 2017 को 2 लाख 90 हजार रुपये और 23 अगस्त 2017 को 2 लाख 10 हजार रुपये जमा कराए थे। वर्ष 2014 में बैंक से लोन लेकर 12 लाख रुपये जमा कराए थे।
कंपनी ने उनके व उनकी पत्नी के नाम से 11 सितंबर 2013 को एग्रीमेंट किया था और फ्लैट अलॉट कर दिया था। फ्लैट की कुल कीमत 35 लाख 4 हजार 800 रुपये तय की गई थी। इकरारनामा में 27 माह में पजेशन देने का वादा किया गया था लेकिन कंपनी ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया।
कंपनी के निदेशकों ने धोखाधड़ी कर रुपये ठग लिए थे। बावल रेजिडेंसी का एशियन डेवेलपर्स लि. के नाम पर कोई लाइसेंस नहीं था और न ही सरकार से प्रोजेक्ट की अनुमति ली गई थी। कसौला थाना पुलिस ने निवेशक की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व 3 एचपीआइडीएफइ एक्ट-2013 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने एक आरोपी दिनेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

बावल में रिहायशी फ्लैट बनाकर देने का झांसा देकर एक दंपती से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में कसौला थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी हिसार का गांव खेदड़ निवासी दिनेश शर्मा है। आरोपी वर्तमान में दिल्ली शाहदरा में रह रहा था। आरोपी ने खुद को बिल्डर कंपनी का निदेशक बताया था।

पुलिस के अनुसार गांव बालियर खुर्द निवासी देवेंद्र कुमार ने कहा था कि उन्होंने अपनी पत्नी संतोष के साथ वर्ष 2013 में बावल के सेक्टर-दो में एशियन डेवेलपर्स लि. में रहने के लिए एक फ्लैट खरीदा था। खरीदते समय कंपनी के निदेशक दिनेश शर्मा, दीपक गोसाई व नितिन शर्मा ने बताया कि उनका प्रोजेक्ट सरकार से मंजूर है और लाइसेंस भी लिया हुआ है। सरकार से फ्लैट के निर्माण करने व बेचने की मंजूरी लेने के बारे में भी बताया था।

फ्लैट खरीदने के लिए उन्होंने 21 अप्रैल 2013 को 2 लाख 65 हजार रुपये बुकिंग के लिए जमा कराए थे। इसके बाद 23 अप्रैल 2017 को 27 हजार रुपये, 17 जून 2017 को 2 लाख 90 हजार रुपये और 23 अगस्त 2017 को 2 लाख 10 हजार रुपये जमा कराए थे। वर्ष 2014 में बैंक से लोन लेकर 12 लाख रुपये जमा कराए थे।

कंपनी ने उनके व उनकी पत्नी के नाम से 11 सितंबर 2013 को एग्रीमेंट किया था और फ्लैट अलॉट कर दिया था। फ्लैट की कुल कीमत 35 लाख 4 हजार 800 रुपये तय की गई थी। इकरारनामा में 27 माह में पजेशन देने का वादा किया गया था लेकिन कंपनी ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया।

कंपनी के निदेशकों ने धोखाधड़ी कर रुपये ठग लिए थे। बावल रेजिडेंसी का एशियन डेवेलपर्स लि. के नाम पर कोई लाइसेंस नहीं था और न ही सरकार से प्रोजेक्ट की अनुमति ली गई थी। कसौला थाना पुलिस ने निवेशक की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व 3 एचपीआइडीएफइ एक्ट-2013 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने एक आरोपी दिनेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Written by Haryanacircle

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