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फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार : एक लाख में मिलती है डिग्री, 60 हजार में होता है रजिस्ट्रेशन


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भिवानी। फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार कितनी गहरी जड़ें जमा चुका है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में फैले दलाल एक लाख रुपये में डिग्री बांट रहे हैं तो 60 हजार में दवाइयां वितरित करने का फार्मेसी का पंजीकरण भी करवा रहे हैं। मामला उजागर होने के बाद अब नई-नई परतें खुल रही हैं। इसी मामले में एक और ऑडियो वायरल हुई है। जिसमें दलाल और एक शख्स आपस में डिग्री-डिप्लोमा बनवाने और पंजीकरण करवाने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। बातचीत में दलाल स्पष्ट कह रहा है कि वह अब तक 400 से अधिक पंजीकरण करवा चुका है, रुपये कम नहीं होंगे। डिग्री के एक लाख रुपये और पंजीकरण के 60 हजार रुपये लगेंगे।
उल्लेखनीय है कि विजिलेंस टीम ने दादरी वासी सत्यवान की शिकायत पर भिवानी वासी सुभाष अरोड़ा को काबू किया। इसके बाद रविवार को विजिलेंस टीम ने हिसार से फार्मेसी काउंसिल के उप प्रधान सोहन लाल कंसल को गिरफ्तार किया। इन पर फार्मेसी में पंजीकरण करवाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप हैं। सुभाष अरोड़ा को 32 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया गया था।
पकड़ा गया दलाल चलाता था स्कूल
भिवानी से पकड़ा गया दलाल सुभाष एक स्कूल संचालक है। बताया जाता है कि पहले वह एक स्कूल में हेडमास्टर था, जिसकी कुछ लोगों ने शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों को दी। एक शिकायत कर्ता विकास नगर वासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि शिवनगर में एक स्कूल में सुभाष अरोड़ा हेडमास्टर था। कागजों में यह स्कूल 2015 में ही बंद हो गया, जबकि 2020 तक चलता रहा। खंड शिक्षा अधिकारी ने भी 24 जनवरी 2018 में निरीक्षण कर रिपोर्ट की थी कि स्कूल भवन को ताला लगा था। स्कूल भवन के बाहर न बोर्ड था न बैनर। आसपास पता करने पर बताया गया कि अब यहां कोई भी स्कूल नहीं लगता। इसकी जांच एक प्रशासनिक अधिकारी ने की और जांच रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेजी जा चुकी है।
एक दलाल और एक व्यक्ति की वायरल ऑडियो की बातचीत :
व्यक्ति : सर 12वीं दिल्ली ओपन से है।
दलाल : रजिस्ट्रेशन कहां करवाना है।
व्यक्ति : रजिस्ट्रेशन हरियाणा में करवाना है।
दलाल : ठीक है।
व्यक्ति : हमारे तीन हो गए सर, एक डिग्री, दो रजिस्ट्रेशन देख लो सर कोई गुंजाइश होती हो तो।
दलाल : ऐसा है आपको पता तो है ही। आपसे कोई बात छुपी तो है नहीं।
व्यक्ति : पता तो है फिर भी कंसल साहब से बात कर लेना तीन केस हैं, 10-20 हजार कुछ कम करते हो तो।
दलाल : ना ना, नहीं मानेंगे। मैं 400 रजिस्ट्रेशन करवा चुका, कोनी करै कम।
व्यक्ति : हम तो चाह रहे थे कि डिग्री के एक लाख हो जाए और रजिस्ट्रेशन के 50-50 हजार
दलाल : मेरे पास एक पार्टी के 15 कैंडीडेट है। सभी के एक दम से करवाकर दिए, फिर भी कोनी करें। आपके तो तीन ही हैं।
व्यक्ति : जब 15 में नहीं टूटे तो तीन में के करैंगे, अपने शनिवार को मिल जाएंगे।
दलाल : हां अपने मिल जाएंगे।

भिवानी। फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार कितनी गहरी जड़ें जमा चुका है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में फैले दलाल एक लाख रुपये में डिग्री बांट रहे हैं तो 60 हजार में दवाइयां वितरित करने का फार्मेसी का पंजीकरण भी करवा रहे हैं। मामला उजागर होने के बाद अब नई-नई परतें खुल रही हैं। इसी मामले में एक और ऑडियो वायरल हुई है। जिसमें दलाल और एक शख्स आपस में डिग्री-डिप्लोमा बनवाने और पंजीकरण करवाने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। बातचीत में दलाल स्पष्ट कह रहा है कि वह अब तक 400 से अधिक पंजीकरण करवा चुका है, रुपये कम नहीं होंगे। डिग्री के एक लाख रुपये और पंजीकरण के 60 हजार रुपये लगेंगे।

उल्लेखनीय है कि विजिलेंस टीम ने दादरी वासी सत्यवान की शिकायत पर भिवानी वासी सुभाष अरोड़ा को काबू किया। इसके बाद रविवार को विजिलेंस टीम ने हिसार से फार्मेसी काउंसिल के उप प्रधान सोहन लाल कंसल को गिरफ्तार किया। इन पर फार्मेसी में पंजीकरण करवाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप हैं। सुभाष अरोड़ा को 32 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया गया था।

पकड़ा गया दलाल चलाता था स्कूल

भिवानी से पकड़ा गया दलाल सुभाष एक स्कूल संचालक है। बताया जाता है कि पहले वह एक स्कूल में हेडमास्टर था, जिसकी कुछ लोगों ने शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों को दी। एक शिकायत कर्ता विकास नगर वासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि शिवनगर में एक स्कूल में सुभाष अरोड़ा हेडमास्टर था। कागजों में यह स्कूल 2015 में ही बंद हो गया, जबकि 2020 तक चलता रहा। खंड शिक्षा अधिकारी ने भी 24 जनवरी 2018 में निरीक्षण कर रिपोर्ट की थी कि स्कूल भवन को ताला लगा था। स्कूल भवन के बाहर न बोर्ड था न बैनर। आसपास पता करने पर बताया गया कि अब यहां कोई भी स्कूल नहीं लगता। इसकी जांच एक प्रशासनिक अधिकारी ने की और जांच रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेजी जा चुकी है।

एक दलाल और एक व्यक्ति की वायरल ऑडियो की बातचीत :

व्यक्ति : सर 12वीं दिल्ली ओपन से है।

दलाल : रजिस्ट्रेशन कहां करवाना है।

व्यक्ति : रजिस्ट्रेशन हरियाणा में करवाना है।

दलाल : ठीक है।

व्यक्ति : हमारे तीन हो गए सर, एक डिग्री, दो रजिस्ट्रेशन देख लो सर कोई गुंजाइश होती हो तो।

दलाल : ऐसा है आपको पता तो है ही। आपसे कोई बात छुपी तो है नहीं।

व्यक्ति : पता तो है फिर भी कंसल साहब से बात कर लेना तीन केस हैं, 10-20 हजार कुछ कम करते हो तो।

दलाल : ना ना, नहीं मानेंगे। मैं 400 रजिस्ट्रेशन करवा चुका, कोनी करै कम।

व्यक्ति : हम तो चाह रहे थे कि डिग्री के एक लाख हो जाए और रजिस्ट्रेशन के 50-50 हजार

दलाल : मेरे पास एक पार्टी के 15 कैंडीडेट है। सभी के एक दम से करवाकर दिए, फिर भी कोनी करें। आपके तो तीन ही हैं।

व्यक्ति : जब 15 में नहीं टूटे तो तीन में के करैंगे, अपने शनिवार को मिल जाएंगे।

दलाल : हां अपने मिल जाएंगे।

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