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प्रवेश द्वार देंगे गीता का संदेश, धर्मनगरी पहुंचने का होगा अहसास


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धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर नित नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। देश विदेश से हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक धर्मनगरी का भ्रमण करने के लिए आते हैं, लेकिन जिले के आउटर एरिया में धर्मनगरी को दर्शाने के लिए कोई खास चिह्न न होने से लोगों को धर्मक्षेत्र में पहुंचने का अहसास नहीं होता। लोगों को यह एहसास दिलाने के लिए केडीबी रोड, ढांड रोड, उमरी चौक और पिहोवा रोड पर गीता पर आधारित प्रवेश द्वार सुंदर और भव्य द्वार बनाए जाएंगे। प्रत्येक द्वार गीता का संदेश देगा। इसके लिए प्रति द्वार पर 30 से 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। फिलहाल धर्मनगरी को दर्शाने के लिए पिपली में एकमात्र गीता द्वार है। नए द्वारों को बनाने के लिए फरवरी 2021 में विधायक द्वारा एक बैठक भी बुलाई गई थी, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर के चलते यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। अब इस साल के अंत तक उम्मीद जताई जा रही है कि इस पर काम शुरू हो जाए। प्रस्ताव सरकार के पास जा चुका है और पीडब्ल्यूडी द्वारा इन द्वारों का निर्माण कराया जाएगा।
बेशक धर्मनगरी को विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से सरकार द्वार खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सत्य तो यह है कि नेशनल हाईवे से गुजरने वाले लोगों को यह पता भी नहीं चलता कि रास्ते में कब धर्मनगरी आई और कब वो आगे निकल लिए। हाईवे सहित शहर से जुड़ने वाली अन्य प्रमुख सड़कों पर भी यही हालात हैं। मुख्य मार्गों पर कहीं भी धर्मनगरी को दर्शाता कोई द्वार या अन्य कुछ स्थापित नहीं किया गया जो यहां पहुंचने का अहसास दिला सके।
08 जून, 2000 में पिपली में गीता द्वार बनकर तैयार हुआ था, जिसका उद्घाटन तत्कालीन हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष महावीर प्रसाद द्वारा किया गया था। इसे स्थापित करने का उद्देश्य हाईवे से गुजरने वाले लोगों का धर्मनगरी की ओर ध्यान आकर्षित करना था, लेकिन 22 साल में समय-समय पर इसकी देखरेख न होने के कारण अब यह अपना आकर्षण खो चुका है। इसके साथ ही 4 दिसंबर, 2019 में यहां पर डायनामिक लाइटें लगाई गईं, जिसका उद्घाटन खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह ने किया था। इस द्वार की दीवारें काली हो चुकी हैं और पत्थर टूटे हुए हैं वहीं द्वार के ऊपर कृष्ण-अर्जुन रथ की हालत भी दयनीय है।
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि चारों द्वारों को बनाने का प्रपोजल सरकार के पास भेजा जा चुका है। यह द्वार गीता पर आधारित होंगे। इस मामले में जल्द बैठक बुलाई जाएगी और सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी विचार किया जाएगा। संस्थाएं भी इस प्रोजेक्ट के लिए बढ़-चढ़कर आगे आएंगी ऐसा उनका मानना है।

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर नित नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। देश विदेश से हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक धर्मनगरी का भ्रमण करने के लिए आते हैं, लेकिन जिले के आउटर एरिया में धर्मनगरी को दर्शाने के लिए कोई खास चिह्न न होने से लोगों को धर्मक्षेत्र में पहुंचने का अहसास नहीं होता। लोगों को यह एहसास दिलाने के लिए केडीबी रोड, ढांड रोड, उमरी चौक और पिहोवा रोड पर गीता पर आधारित प्रवेश द्वार सुंदर और भव्य द्वार बनाए जाएंगे। प्रत्येक द्वार गीता का संदेश देगा। इसके लिए प्रति द्वार पर 30 से 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। फिलहाल धर्मनगरी को दर्शाने के लिए पिपली में एकमात्र गीता द्वार है। नए द्वारों को बनाने के लिए फरवरी 2021 में विधायक द्वारा एक बैठक भी बुलाई गई थी, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर के चलते यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। अब इस साल के अंत तक उम्मीद जताई जा रही है कि इस पर काम शुरू हो जाए। प्रस्ताव सरकार के पास जा चुका है और पीडब्ल्यूडी द्वारा इन द्वारों का निर्माण कराया जाएगा।

बेशक धर्मनगरी को विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से सरकार द्वार खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सत्य तो यह है कि नेशनल हाईवे से गुजरने वाले लोगों को यह पता भी नहीं चलता कि रास्ते में कब धर्मनगरी आई और कब वो आगे निकल लिए। हाईवे सहित शहर से जुड़ने वाली अन्य प्रमुख सड़कों पर भी यही हालात हैं। मुख्य मार्गों पर कहीं भी धर्मनगरी को दर्शाता कोई द्वार या अन्य कुछ स्थापित नहीं किया गया जो यहां पहुंचने का अहसास दिला सके।

08 जून, 2000 में पिपली में गीता द्वार बनकर तैयार हुआ था, जिसका उद्घाटन तत्कालीन हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष महावीर प्रसाद द्वारा किया गया था। इसे स्थापित करने का उद्देश्य हाईवे से गुजरने वाले लोगों का धर्मनगरी की ओर ध्यान आकर्षित करना था, लेकिन 22 साल में समय-समय पर इसकी देखरेख न होने के कारण अब यह अपना आकर्षण खो चुका है। इसके साथ ही 4 दिसंबर, 2019 में यहां पर डायनामिक लाइटें लगाई गईं, जिसका उद्घाटन खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह ने किया था। इस द्वार की दीवारें काली हो चुकी हैं और पत्थर टूटे हुए हैं वहीं द्वार के ऊपर कृष्ण-अर्जुन रथ की हालत भी दयनीय है।

विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि चारों द्वारों को बनाने का प्रपोजल सरकार के पास भेजा जा चुका है। यह द्वार गीता पर आधारित होंगे। इस मामले में जल्द बैठक बुलाई जाएगी और सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी विचार किया जाएगा। संस्थाएं भी इस प्रोजेक्ट के लिए बढ़-चढ़कर आगे आएंगी ऐसा उनका मानना है।

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