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प्रदेश में आज से पांच दिनों तक मानसून रहेगा सक्रिय


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हिसार। प्रदेश में आज से पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान हल्की से भारी बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो बुधवार सुबह से बारिश की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। पहले दिन प्रदेश के पश्चिमी व उत्तरी जिलों में मानसून ज्यादा असरदार रहेगा और बाकी जिलों में बिखराव के रूप में बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। इसे लेकर भारतीय मौसम विभाग ने सम्पूर्ण इलाके पर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार मैदानी राज्यों में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मौसम फिर से करवट लेने वाला है और सुस्त मानसून के रफ्तार पकड़ने की संभावनाएं बन रही हैं। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बनने से मानसूनी नमी वाली दक्षिणी पूर्वी हवाएं मैदानी राज्यों में प्रवेश करेंगी। साथ ही राजस्थान पर एक चक्रवातीय परिसंचरण बनने से अरब सागर की तरफ से भी नमी वाली पवनों की वजह से यह मौसम प्रणाली और ज्यादा प्रभावी बनने की संभावना है। इस मौसमी प्रणाली का प्रभाव हरियाणा के उत्तरी व पश्चिमी जिलों पर अधिक और शेष हरियाणा पर बिखराव के रूप में बारिश देखने को मिल सकती है। 6 जुलाई से 10 जुलाई के दौरान ज्यादातर स्थानों पर हवाओं व गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है। मंगलवार को हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में सीमित स्थानों पर बिखराव के रूप में बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया है। इस वजह से उमस व पसीने वाली गर्मी से लोग परेशान रहे। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 35.4 से 40.3 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

हिसार। प्रदेश में आज से पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान हल्की से भारी बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो बुधवार सुबह से बारिश की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। पहले दिन प्रदेश के पश्चिमी व उत्तरी जिलों में मानसून ज्यादा असरदार रहेगा और बाकी जिलों में बिखराव के रूप में बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। इसे लेकर भारतीय मौसम विभाग ने सम्पूर्ण इलाके पर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार मैदानी राज्यों में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मौसम फिर से करवट लेने वाला है और सुस्त मानसून के रफ्तार पकड़ने की संभावनाएं बन रही हैं। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बनने से मानसूनी नमी वाली दक्षिणी पूर्वी हवाएं मैदानी राज्यों में प्रवेश करेंगी। साथ ही राजस्थान पर एक चक्रवातीय परिसंचरण बनने से अरब सागर की तरफ से भी नमी वाली पवनों की वजह से यह मौसम प्रणाली और ज्यादा प्रभावी बनने की संभावना है। इस मौसमी प्रणाली का प्रभाव हरियाणा के उत्तरी व पश्चिमी जिलों पर अधिक और शेष हरियाणा पर बिखराव के रूप में बारिश देखने को मिल सकती है। 6 जुलाई से 10 जुलाई के दौरान ज्यादातर स्थानों पर हवाओं व गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है। मंगलवार को हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में सीमित स्थानों पर बिखराव के रूप में बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया है। इस वजह से उमस व पसीने वाली गर्मी से लोग परेशान रहे। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 35.4 से 40.3 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

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