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पोर्टल पर पंजीकरण करवाएं गन्ना उत्पादक किसान


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कैथल। क्षेत्र के सभी गन्ना उत्पादक किसान गन्ने के रकबे का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जल्द से जल्द पंजीकरण करवा लें। साथ ही इसकी एक कॉपी गन्ना कार्यालय में जमा करवाएं। यह जानकारी सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक विरेंद्र चौधरी ने दी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार किसी भी सरकारी विभाग से अनुदान राशि अथवा सुविधा प्राप्त करने के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ने के सर्वे का कार्य मिल ने पूरा कर लिया है। इस वर्ष गन्ने का कुल क्षेत्रफल 17268.75 एकड़ है। जिसमें से 11633.5 एकड़ मुढा व 5635.25 एकड़ नया गन्ना है। इस क्षेत्रफल में अगेती किस्म का 86.78 प्रतिशत व पछेती किस्म का 13.22 प्रतिशत गन्ना है। जबकि पिछले वर्ष गन्ने का कुल क्षेत्रफल 18,593 एकड़ था। मिल ने पिछले वर्ष की भांति जीपीएस प्रणाली पर आधारित सर्वे किया गया है, जिसमें त्रुटि की संभावना न के बराबर रहती है।
उधर, गन्ना प्रबंधक रामपाल ने किसानों को गन्ना फसल की उचित देखभाल के लिए सलाह देते हुए जानकारी दी कि इस समय मौसम में उमस ज्यादा होने के कारण गन्ना फसल में वेबिंग माइट नामक कीट पाई गई है। इसके उपचार के लिए किसान रोगोर 30 ईसी 600 एम.एल प्रति एकड़ व 10 किलो यूरिया 400 लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करें। इस मौके पर गन्ना विपणन अधिकारी देशराज, निरीक्षक रामपाल सिंह व सतपाल सिंह सहित गन्ना विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

कैथल। क्षेत्र के सभी गन्ना उत्पादक किसान गन्ने के रकबे का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जल्द से जल्द पंजीकरण करवा लें। साथ ही इसकी एक कॉपी गन्ना कार्यालय में जमा करवाएं। यह जानकारी सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक विरेंद्र चौधरी ने दी।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार किसी भी सरकारी विभाग से अनुदान राशि अथवा सुविधा प्राप्त करने के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ने के सर्वे का कार्य मिल ने पूरा कर लिया है। इस वर्ष गन्ने का कुल क्षेत्रफल 17268.75 एकड़ है। जिसमें से 11633.5 एकड़ मुढा व 5635.25 एकड़ नया गन्ना है। इस क्षेत्रफल में अगेती किस्म का 86.78 प्रतिशत व पछेती किस्म का 13.22 प्रतिशत गन्ना है। जबकि पिछले वर्ष गन्ने का कुल क्षेत्रफल 18,593 एकड़ था। मिल ने पिछले वर्ष की भांति जीपीएस प्रणाली पर आधारित सर्वे किया गया है, जिसमें त्रुटि की संभावना न के बराबर रहती है।

उधर, गन्ना प्रबंधक रामपाल ने किसानों को गन्ना फसल की उचित देखभाल के लिए सलाह देते हुए जानकारी दी कि इस समय मौसम में उमस ज्यादा होने के कारण गन्ना फसल में वेबिंग माइट नामक कीट पाई गई है। इसके उपचार के लिए किसान रोगोर 30 ईसी 600 एम.एल प्रति एकड़ व 10 किलो यूरिया 400 लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करें। इस मौके पर गन्ना विपणन अधिकारी देशराज, निरीक्षक रामपाल सिंह व सतपाल सिंह सहित गन्ना विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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