पीएनजी 64 रुपये प्रति एचसीएम हुई, उद्यमियों की बढ़ी चिंता


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पानीपत। उद्यमियों को पीएनजी के कनेक्शन लेने की समय सीमा में राहत नहीं मिली है। एनसीआर में पीएनजी के रेट अब 64 रुपये प्रति एससीएम (प्रति मानक घन मीटर) हो चुके हैं। जबकि पंजाब में पीएनजी के रेट 34 रुपये प्रति एससीएम हैं। एनसीआर में एक माह में पीएनजी के रेट 20 रुपये प्रति एससीएम बढ़ चुके हैं। उद्योगपतियों को 30 सितंबर तक हर हाल में पीएनजी का कनेक्शन लेना है। बिना कनेक्शन वाले उद्योगों पर ताला लगेगा। ऐसे में अब उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है। अगर उद्यमी पीएनजी का कनेक्शन लेते हैं तो उत्पादन तीन गुना तक महंगा हो जाएगा। पानीपत के उद्योग पंजाब और गुजरात के उद्यमियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। अब इस मामले में पर्यावरण मंत्री के हस्तक्षेप के लिए उद्यमी मंथन कर रहे हैं। इस संबंध में दो बार विभिन्न औद्योगिक संगठनों की मीटिंग भी हो चुकी है। उद्यमियों ने इस माह पर्यावरण मंत्री से मिलने का फैसला किया है।
अब तक 20 उद्योगों में ही पीएनजी की सप्लाई
पानीपत में लगभग 18 हजार उद्योग हैं। दो हजार कोयला संचालित उद्योग हैं। इनमें से महज 20 उद्योगों में ही पीएनजी की सप्लाई है। पीएनजी पर उद्योगों को शिफ्ट करने में 40-50 लाख तक का खर्च आएगा। इससे उत्पादन भी महंगा हो सकता है।
अब तक केवल सेक्टर-25 और सेक्टर-29 में ही पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है। अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, बरसत रोड और पसीना रोड में पीएनजी पाइपलाइन नहीं बिछी है। उधर, पीएनजी पर आने के लिए उद्योगों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्यमियों को नोटिस जारी किया है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार के पास बॉयलर को पीएनजी संचालित करने के लिए पर्याप्त बर्नर नहीं हैं। ऐसे में सभी उद्योगों को 30 सितंबर तक पीएनजी पर शिफ्ट करना संभव नहीं है।

पानीपत। उद्यमियों को पीएनजी के कनेक्शन लेने की समय सीमा में राहत नहीं मिली है। एनसीआर में पीएनजी के रेट अब 64 रुपये प्रति एससीएम (प्रति मानक घन मीटर) हो चुके हैं। जबकि पंजाब में पीएनजी के रेट 34 रुपये प्रति एससीएम हैं। एनसीआर में एक माह में पीएनजी के रेट 20 रुपये प्रति एससीएम बढ़ चुके हैं। उद्योगपतियों को 30 सितंबर तक हर हाल में पीएनजी का कनेक्शन लेना है। बिना कनेक्शन वाले उद्योगों पर ताला लगेगा। ऐसे में अब उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है। अगर उद्यमी पीएनजी का कनेक्शन लेते हैं तो उत्पादन तीन गुना तक महंगा हो जाएगा। पानीपत के उद्योग पंजाब और गुजरात के उद्यमियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। अब इस मामले में पर्यावरण मंत्री के हस्तक्षेप के लिए उद्यमी मंथन कर रहे हैं। इस संबंध में दो बार विभिन्न औद्योगिक संगठनों की मीटिंग भी हो चुकी है। उद्यमियों ने इस माह पर्यावरण मंत्री से मिलने का फैसला किया है।

अब तक 20 उद्योगों में ही पीएनजी की सप्लाई

पानीपत में लगभग 18 हजार उद्योग हैं। दो हजार कोयला संचालित उद्योग हैं। इनमें से महज 20 उद्योगों में ही पीएनजी की सप्लाई है। पीएनजी पर उद्योगों को शिफ्ट करने में 40-50 लाख तक का खर्च आएगा। इससे उत्पादन भी महंगा हो सकता है।

अब तक केवल सेक्टर-25 और सेक्टर-29 में ही पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है। अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, बरसत रोड और पसीना रोड में पीएनजी पाइपलाइन नहीं बिछी है। उधर, पीएनजी पर आने के लिए उद्योगों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्यमियों को नोटिस जारी किया है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार के पास बॉयलर को पीएनजी संचालित करने के लिए पर्याप्त बर्नर नहीं हैं। ऐसे में सभी उद्योगों को 30 सितंबर तक पीएनजी पर शिफ्ट करना संभव नहीं है।

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Written by Haryanacircle

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