पिहोवा में जनता ने भाजपा को दिया ‘आशीष’


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संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। शहर की जनता ने भाजपा प्रत्याशी को ‘आशीष’ देकर अपना पालिका का अध्यक्ष चुना। वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने पिहोवा में दूसरी बार जीत का स्वाद चखा है। चुनाव में आशीष चक्रपाणि को अपनी बेदाग और साफ छवि का फायदा मिला है। चुनाव में आशीष चक्रपाणि ने आम आदमी पार्टी के अनिल धवन को 55 वोट से हराया। पिहोवा चुनाव निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सोनू राम ने आशीष चक्रपाणि को प्रमाणपत्र देकर विजयी घोषित किया।
चुनाव में 34 बूथों पर 29549 में से 20363 मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया था। प्रधान पद के प्रत्याशी भाजपा के आशीष चक्रपाणि को 9312, आप के अनिल धवन को 9257, निर्दलीय गीता रानी को 832 और सुरेंद्र गोयल सोनू को 564, अरुण गोयल को 122, पंकज मित्तल को 67, किशन सिंह को 58, बारू राम को 31 मतदाताओं ने वोट दिया। वहीं 120 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। हालांकि पंकज मित्तल और किशन सिंह आप के अनिल धवन और अरुण गोयल व बारू राम भाजपा के आशीष चक्रपाणि के समर्थन में मैदान से हट गए थे।
जीत के बाद आशीष चक्रपाणि अपने समर्थकों के साथ विजयी यात्रा निकालते हुए सबसे पहले नगर खेड़े के दर्शन करने पहुंचे। यहां माथा टेकने के बाद उन्होंने सरस्वती तीर्थ स्थित मां सरस्वती मंदिर में पूजा अर्चना की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आशीष चक्रपाणि ने बताया कि शहर की जनता ने उनको सेवा करने का अवसर दिया है। उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनकी प्राथमिकता शहर की समस्याओं को दूर करना रहेगा। इसके बाद शहर के विकास के लिए नई योजनाएं बनाई जाएगी।
एक नंबर वार्ड से आठ नंबर वार्ड की गिनती के दौरान आप के अनिल धवन ने बढ़त बना कर रखी थी। इन आठ वार्ड में अनिल धवन 4749 वोट लेकर 796 वोट से आगे चल रहे थे,। नौवें वार्ड की गिनती में आशीष ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। वार्ड नौ से वार्ड 17 में आशीष को 5359 तो अनिल धवन को 4508 वोट मिले, जिसमें आशीष ने 851 की बढ़त लेकर 55 वोट से जीत दर्ज की।
पालिका चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी आशीष चक्रपाणि और आप के अनिल धवन ने एक-दूसरे के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। हालांकि दोनों पार्टी के नेताओं ने आरोप-प्रत्यारोप खूब लगाए। आशीष के पक्ष में खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, इंद्री विधायक राम कुमार कश्यप, अंबाला शहर से विधायक असीम गोयल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ सहित अन्य नेताओं ने प्रचार किया।
अपने वार्ड से हार गए धवन
अनिल धवन के भतीजे पराग धवन वार्ड नंबर 10 से अपनी किस्मत अजमा रहे थे। इस वार्ड में पराग को 724 वोट मिले, मगर अनिल धवन को यहां 635 वोट हासिल हुए। यह अंतर अनिल धवन की हार का बड़ा रहा। हालांकि अनिल धवन ने भाजपा प्रत्याशी से वार्ड में 183 की बढ़त जरूर बनाई।
तीन प्रत्याशियों को नोटा से कम वोट मिले
पालिकाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे तीन प्रत्याशियों को नोटा से कम वोट मिले। 120 लोगों ने नोटा का बटन बताया। प्रधान पद चुनाव में तीन प्रत्याशियों को पंकज मित्तल को 67, किशन सिंह को 58 और बारू राम को 31 वोट हासिल हुए। यह आंकड़ा नोटा से भी कम रहा। वहीं प्रत्याशी अरुण गोयल को नोटा से दो वोट ज्यादा हासिल हुए। हालांकि यह सभी प्रत्याशी चुनाव के बीच में आप और भाजपा को समर्थन कर चुके थे।

संवाद न्यूज एजेंसी

पिहोवा। शहर की जनता ने भाजपा प्रत्याशी को ‘आशीष’ देकर अपना पालिका का अध्यक्ष चुना। वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने पिहोवा में दूसरी बार जीत का स्वाद चखा है। चुनाव में आशीष चक्रपाणि को अपनी बेदाग और साफ छवि का फायदा मिला है। चुनाव में आशीष चक्रपाणि ने आम आदमी पार्टी के अनिल धवन को 55 वोट से हराया। पिहोवा चुनाव निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सोनू राम ने आशीष चक्रपाणि को प्रमाणपत्र देकर विजयी घोषित किया।

चुनाव में 34 बूथों पर 29549 में से 20363 मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया था। प्रधान पद के प्रत्याशी भाजपा के आशीष चक्रपाणि को 9312, आप के अनिल धवन को 9257, निर्दलीय गीता रानी को 832 और सुरेंद्र गोयल सोनू को 564, अरुण गोयल को 122, पंकज मित्तल को 67, किशन सिंह को 58, बारू राम को 31 मतदाताओं ने वोट दिया। वहीं 120 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। हालांकि पंकज मित्तल और किशन सिंह आप के अनिल धवन और अरुण गोयल व बारू राम भाजपा के आशीष चक्रपाणि के समर्थन में मैदान से हट गए थे।

जीत के बाद आशीष चक्रपाणि अपने समर्थकों के साथ विजयी यात्रा निकालते हुए सबसे पहले नगर खेड़े के दर्शन करने पहुंचे। यहां माथा टेकने के बाद उन्होंने सरस्वती तीर्थ स्थित मां सरस्वती मंदिर में पूजा अर्चना की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आशीष चक्रपाणि ने बताया कि शहर की जनता ने उनको सेवा करने का अवसर दिया है। उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनकी प्राथमिकता शहर की समस्याओं को दूर करना रहेगा। इसके बाद शहर के विकास के लिए नई योजनाएं बनाई जाएगी।

एक नंबर वार्ड से आठ नंबर वार्ड की गिनती के दौरान आप के अनिल धवन ने बढ़त बना कर रखी थी। इन आठ वार्ड में अनिल धवन 4749 वोट लेकर 796 वोट से आगे चल रहे थे,। नौवें वार्ड की गिनती में आशीष ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। वार्ड नौ से वार्ड 17 में आशीष को 5359 तो अनिल धवन को 4508 वोट मिले, जिसमें आशीष ने 851 की बढ़त लेकर 55 वोट से जीत दर्ज की।

पालिका चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी आशीष चक्रपाणि और आप के अनिल धवन ने एक-दूसरे के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। हालांकि दोनों पार्टी के नेताओं ने आरोप-प्रत्यारोप खूब लगाए। आशीष के पक्ष में खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, इंद्री विधायक राम कुमार कश्यप, अंबाला शहर से विधायक असीम गोयल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ सहित अन्य नेताओं ने प्रचार किया।

अपने वार्ड से हार गए धवन

अनिल धवन के भतीजे पराग धवन वार्ड नंबर 10 से अपनी किस्मत अजमा रहे थे। इस वार्ड में पराग को 724 वोट मिले, मगर अनिल धवन को यहां 635 वोट हासिल हुए। यह अंतर अनिल धवन की हार का बड़ा रहा। हालांकि अनिल धवन ने भाजपा प्रत्याशी से वार्ड में 183 की बढ़त जरूर बनाई।

तीन प्रत्याशियों को नोटा से कम वोट मिले

पालिकाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे तीन प्रत्याशियों को नोटा से कम वोट मिले। 120 लोगों ने नोटा का बटन बताया। प्रधान पद चुनाव में तीन प्रत्याशियों को पंकज मित्तल को 67, किशन सिंह को 58 और बारू राम को 31 वोट हासिल हुए। यह आंकड़ा नोटा से भी कम रहा। वहीं प्रत्याशी अरुण गोयल को नोटा से दो वोट ज्यादा हासिल हुए। हालांकि यह सभी प्रत्याशी चुनाव के बीच में आप और भाजपा को समर्थन कर चुके थे।

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Written by Haryanacircle

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