पांच महीने में 1.10 करोड़ की लागत से तैयार होगी जीजेयू की आइडिया लैब


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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में स्थापित होने जा रही आइडिया लैब की रूपरेखा और कार्यशैली को लेकर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) एवं जीजेयू के बीच विमर्श हुआ। 1.10 करोड़ की लागत से तैयार होने वाली आइडिया लैब 5 महीने में तैयार होगी।
कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने आइडिया लैब का सीधा फायदा विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों, स्कूलों के अलावा उद्योगों को होगा। विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल ज्ञान पर आधारित शिक्षा मिल सकेगी। कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में अनुसंधान-विकास से संबंधित उपकरण उपलब्ध हैं। बैठक में एआईसीटीई, दिल्ली के इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट सैल के सलाहकार डॉ.नीरज सक्सेना, आइडिया लैब के चीफ मेंटर एवं मैकेनिकल विभाग के प्राध्यापक प्रो.पंकज खटक, लैब समन्वयक सहायक प्राध्यापक डॉ. सुमित सरोहा, सहायक प्राध्यापक डॉ. विजयपाल, इंजीनियरिंग विंग के हेड, स्कूलों व औद्योगिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डॉ. नीरज सक्सेना ने लैब स्थापित करने के आइडिया व नियमों-शर्तों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल नॉलेज एवं कौशल विकास पर जोर देने के बारे में बताया। आइडिया लैब पर आधा खर्च विश्वविद्यालय और आधा खर्च एआईसीटीई वहन करेगी। टेक्निकल और पेपर वर्क को पूरा कर लिया गया है। लैब के चीफ मेंटर प्रो. पंकज खटक ने कहा कि आइडिया लैब की स्थापना शिक्षा व्यवस्था को बदलने का काम करेगी। लैब समन्वयक डॉ. विजयपाल ने भी आइडिया लैब के बारे में जानकारी दी। डॉ. सुमित सरोहा ने आइडिया लैब को वर्तमान समय की मांग बताया।

हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में स्थापित होने जा रही आइडिया लैब की रूपरेखा और कार्यशैली को लेकर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) एवं जीजेयू के बीच विमर्श हुआ। 1.10 करोड़ की लागत से तैयार होने वाली आइडिया लैब 5 महीने में तैयार होगी।

कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने आइडिया लैब का सीधा फायदा विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों, स्कूलों के अलावा उद्योगों को होगा। विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल ज्ञान पर आधारित शिक्षा मिल सकेगी। कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में अनुसंधान-विकास से संबंधित उपकरण उपलब्ध हैं। बैठक में एआईसीटीई, दिल्ली के इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट सैल के सलाहकार डॉ.नीरज सक्सेना, आइडिया लैब के चीफ मेंटर एवं मैकेनिकल विभाग के प्राध्यापक प्रो.पंकज खटक, लैब समन्वयक सहायक प्राध्यापक डॉ. सुमित सरोहा, सहायक प्राध्यापक डॉ. विजयपाल, इंजीनियरिंग विंग के हेड, स्कूलों व औद्योगिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डॉ. नीरज सक्सेना ने लैब स्थापित करने के आइडिया व नियमों-शर्तों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल नॉलेज एवं कौशल विकास पर जोर देने के बारे में बताया। आइडिया लैब पर आधा खर्च विश्वविद्यालय और आधा खर्च एआईसीटीई वहन करेगी। टेक्निकल और पेपर वर्क को पूरा कर लिया गया है। लैब के चीफ मेंटर प्रो. पंकज खटक ने कहा कि आइडिया लैब की स्थापना शिक्षा व्यवस्था को बदलने का काम करेगी। लैब समन्वयक डॉ. विजयपाल ने भी आइडिया लैब के बारे में जानकारी दी। डॉ. सुमित सरोहा ने आइडिया लैब को वर्तमान समय की मांग बताया।

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Written by Haryanacircle

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