परीक्षा परिणाम में दिखा दम, बेटियां नहीं कम


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अंबाला सिटी। महिलाओं को मौका मिले तो वे हर क्षेत्र में अव्वल रह सकती हैं। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं। महिलाएं आज पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। ऐसा ही उदाहरण 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में लड़कियों ने पेश किया। परिणाम में लड़कियों का दबदबा रहा। अमर उजाला ने अपराजिता अभियान के तहत शहर के केपीएके की छात्राओं से बात करते हुए उनके उद्देश्य और महिला उत्थान के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। साथ ही उनके जीवन के लक्ष्य के बारे में भी जाना।
इस बार भी छाईं लड़कियां
इस बार भी परीक्षा परिणाम में ओवर ऑल लड़कियों ने ही बाजी मारी है। मौका दिया जाए तो वे हर क्षेत्र में अपना बेहतर प्रदर्शन देते हुए अव्वल स्थान हासिल कर सकती हैं। मैं बैंकिंग में जाना चाहती हूं। – कनिका
दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणा
मेरा सपना है कि मैं आईएएस बनूं इसलिए शुरुआत से ही अपनी पढ़ाई उसी तरीके से जारी रखी हुई है। परीक्षा परिणाम में लड़कियों का बेहतर प्रदर्शन रहा है जोकि अन्य लड़कियों के लिए भी प्रेरणा है। – रियांशी।
लड़कियों को आगे लाएं
लड़कियों को मौका मिले तो वह हर क्षेत्र में आगे रह सकती हैं। आजकल हर क्षेत्र में लड़कियां आगे हैं और अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। जो लड़कियां पढ़ाई से दूर हैं, उन्हें आगे लाने का प्रयास करना चाहिए। – हर्षिका।
आईपीएस बनने का सपना
मैं आईपीएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं। इसके लिए अभी से अभ्यास कर रही हूं, ताकि जल्द अपने इस सपने को पूरा कर सकूं। लड़कियों को स्वयं ही आगे आकर समाज हित में काम करने चाहिए। – निशा।
महिलाओं को उठानी होगी आवाज
महिलाओं पर अत्याचार होते हैं, परंतु उन्हें इंसाफ नहीं मिल पाता है। इसके खिलाफ महिलाओं को आवाज उठानी होगी। मैं वकील बनना चाहती हूं ताकि सही तथ्यों पेश करते हुए जरूरतमंदों को इंसाफ दिलवा सकूं। – भूमिका।
महिलाओं की भूमिका अहम
स्वास्थ्य विभाग में महिलाएं बेहतर कार्य कर रही हैं। कोरोना काल में महिलाओं ने बड़ी भूमिका निभाई है। मैं नर्स बनकर समाज सेवा करना चाहती हूं, ताकि संकट की इस घड़ी में लोगों की सेवा कर सकूं। – सिमरन कौर।

अंबाला सिटी। महिलाओं को मौका मिले तो वे हर क्षेत्र में अव्वल रह सकती हैं। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं। महिलाएं आज पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। ऐसा ही उदाहरण 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में लड़कियों ने पेश किया। परिणाम में लड़कियों का दबदबा रहा। अमर उजाला ने अपराजिता अभियान के तहत शहर के केपीएके की छात्राओं से बात करते हुए उनके उद्देश्य और महिला उत्थान के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। साथ ही उनके जीवन के लक्ष्य के बारे में भी जाना।

इस बार भी छाईं लड़कियां

इस बार भी परीक्षा परिणाम में ओवर ऑल लड़कियों ने ही बाजी मारी है। मौका दिया जाए तो वे हर क्षेत्र में अपना बेहतर प्रदर्शन देते हुए अव्वल स्थान हासिल कर सकती हैं। मैं बैंकिंग में जाना चाहती हूं। – कनिका

दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणा

मेरा सपना है कि मैं आईएएस बनूं इसलिए शुरुआत से ही अपनी पढ़ाई उसी तरीके से जारी रखी हुई है। परीक्षा परिणाम में लड़कियों का बेहतर प्रदर्शन रहा है जोकि अन्य लड़कियों के लिए भी प्रेरणा है। – रियांशी।

लड़कियों को आगे लाएं

लड़कियों को मौका मिले तो वह हर क्षेत्र में आगे रह सकती हैं। आजकल हर क्षेत्र में लड़कियां आगे हैं और अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। जो लड़कियां पढ़ाई से दूर हैं, उन्हें आगे लाने का प्रयास करना चाहिए। – हर्षिका।

आईपीएस बनने का सपना

मैं आईपीएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं। इसके लिए अभी से अभ्यास कर रही हूं, ताकि जल्द अपने इस सपने को पूरा कर सकूं। लड़कियों को स्वयं ही आगे आकर समाज हित में काम करने चाहिए। – निशा।

महिलाओं को उठानी होगी आवाज

महिलाओं पर अत्याचार होते हैं, परंतु उन्हें इंसाफ नहीं मिल पाता है। इसके खिलाफ महिलाओं को आवाज उठानी होगी। मैं वकील बनना चाहती हूं ताकि सही तथ्यों पेश करते हुए जरूरतमंदों को इंसाफ दिलवा सकूं। – भूमिका।

महिलाओं की भूमिका अहम

स्वास्थ्य विभाग में महिलाएं बेहतर कार्य कर रही हैं। कोरोना काल में महिलाओं ने बड़ी भूमिका निभाई है। मैं नर्स बनकर समाज सेवा करना चाहती हूं, ताकि संकट की इस घड़ी में लोगों की सेवा कर सकूं। – सिमरन कौर।

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