in

पंच सितारा होटल सरीखा दिखेगा कर्ण नगरी का रेलवे स्टेशन


ख़बर सुनें

करनाल। कर्ण नगरी में करीब 130 साल पहले अंग्रेजी हुकूमत में बने रेलवे स्टेशन की सूरत बदलने वाली है। अब स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन फाइव स्टार होटल जैसा नजर आएगा। यहां पर फूडकोर्ट, रेस्तरां व यात्रियों के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षा रूम बनेगा। स्टेशन पर आने-जाने के लिए कई एस्केलेटर लगाए जाएंगे। लिफ्ट की सुविधा भी होगी। यहां पर एक शापिंग मॉल भी बनाए जाने की योजना है। ये सुविधाएं सिर्फ करनाल ही नहीं बल्कि उत्तर रेलवे के मुरादाबाद, बरेली (यूपी), पठानकोट व जालंधर (पंजाब) स्टेशन पर भी मिलेंगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्माण की प्रक्रिया अगले माह से शुरू होने की संभावना है।
सहायक मंडल अभियंता (एडीईएन) अभिषेक बागला ने बताया कि करनाल रेलवे स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराए जाने का एलान तो रेलवे पहले ही कर चुका है। इस दिशा में कार्य शुरू हो चुका है। फिलहाल रेलवे स्टेशन पर मानचित्र आदि का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके बाद इस्टीमेट तैयार किया जाएगा।
पीपीपी मॉडल के आधार पर होगा निर्माण
फूडकोर्ट, रेस्तरां व यात्रियों के लिए एयर कंडीशनर वेटिंग रूम बनाने की पूरी तैयारी है। शॉपिंग मॉल की जानकारी अभी उनके पास नहीं है, लेकिन संभवत: इसे भी योजना में शामिल किया जा सकता है। इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बनाया जाएगा। इन रेलवे स्टेशनों का निर्माण अंतरराष्ट्रीय स्तर के 15 वास्तुविदों के पैनल की गाइड लाइन के आधार पर किया जाएगा। पार्किंग भी अत्याधुनिक बनाए जाएंगे। देखने में रेलवे स्टेशन फाइव स्टार होटल से कम नहीं लगेगा। करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स व फार्मा उद्योग के लिए तो मुरादाबाद शहर को पीतल के कारोबार के लिए जाना जाता है। इससे यहां के कारोबार को भी सीधा लाभ मिलेगा।
पांच माह में नक्शा होगा तैयार
उत्तर रेलवे के उप मुख्य अभियंता (निर्माण) तकनीकी राजेश कुमार वर्मा ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें वास्तुविद के चयन को निविदा आमंत्रित करने के लिए 24 जून अंतिम तिथि तय की गई है। यह पैनल इन पांचों स्टेशनों का पांच माह में नक्शा तैयार करेगा। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए कंपनी चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आवश्यकता अनुसार पुराने भवनों को तोड़कर भी उसमें कुछ बदलाव के साथ नया निर्माण कार्य किया जा सकता है। इसमें प्लेटफार्म पर आने व जाने वाले यात्रियों के लिए बेहतर व चौड़े रास्ते बनाए जाएंगे। महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग वातानुकूलित प्रतीक्षालय होंगे। कोच की स्थिति भी डिस्पले बोर्ड पर ही मिलेगी, बैट्री चालित कार की सुविधा भी होगी। अन्य कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

करनाल। कर्ण नगरी में करीब 130 साल पहले अंग्रेजी हुकूमत में बने रेलवे स्टेशन की सूरत बदलने वाली है। अब स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन फाइव स्टार होटल जैसा नजर आएगा। यहां पर फूडकोर्ट, रेस्तरां व यात्रियों के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षा रूम बनेगा। स्टेशन पर आने-जाने के लिए कई एस्केलेटर लगाए जाएंगे। लिफ्ट की सुविधा भी होगी। यहां पर एक शापिंग मॉल भी बनाए जाने की योजना है। ये सुविधाएं सिर्फ करनाल ही नहीं बल्कि उत्तर रेलवे के मुरादाबाद, बरेली (यूपी), पठानकोट व जालंधर (पंजाब) स्टेशन पर भी मिलेंगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्माण की प्रक्रिया अगले माह से शुरू होने की संभावना है।

सहायक मंडल अभियंता (एडीईएन) अभिषेक बागला ने बताया कि करनाल रेलवे स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराए जाने का एलान तो रेलवे पहले ही कर चुका है। इस दिशा में कार्य शुरू हो चुका है। फिलहाल रेलवे स्टेशन पर मानचित्र आदि का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके बाद इस्टीमेट तैयार किया जाएगा।

पीपीपी मॉडल के आधार पर होगा निर्माण

फूडकोर्ट, रेस्तरां व यात्रियों के लिए एयर कंडीशनर वेटिंग रूम बनाने की पूरी तैयारी है। शॉपिंग मॉल की जानकारी अभी उनके पास नहीं है, लेकिन संभवत: इसे भी योजना में शामिल किया जा सकता है। इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बनाया जाएगा। इन रेलवे स्टेशनों का निर्माण अंतरराष्ट्रीय स्तर के 15 वास्तुविदों के पैनल की गाइड लाइन के आधार पर किया जाएगा। पार्किंग भी अत्याधुनिक बनाए जाएंगे। देखने में रेलवे स्टेशन फाइव स्टार होटल से कम नहीं लगेगा। करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स व फार्मा उद्योग के लिए तो मुरादाबाद शहर को पीतल के कारोबार के लिए जाना जाता है। इससे यहां के कारोबार को भी सीधा लाभ मिलेगा।

पांच माह में नक्शा होगा तैयार

उत्तर रेलवे के उप मुख्य अभियंता (निर्माण) तकनीकी राजेश कुमार वर्मा ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें वास्तुविद के चयन को निविदा आमंत्रित करने के लिए 24 जून अंतिम तिथि तय की गई है। यह पैनल इन पांचों स्टेशनों का पांच माह में नक्शा तैयार करेगा। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए कंपनी चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आवश्यकता अनुसार पुराने भवनों को तोड़कर भी उसमें कुछ बदलाव के साथ नया निर्माण कार्य किया जा सकता है। इसमें प्लेटफार्म पर आने व जाने वाले यात्रियों के लिए बेहतर व चौड़े रास्ते बनाए जाएंगे। महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग वातानुकूलित प्रतीक्षालय होंगे। कोच की स्थिति भी डिस्पले बोर्ड पर ही मिलेगी, बैट्री चालित कार की सुविधा भी होगी। अन्य कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

.


महिलाओं के लिए मिसाल बनी ज्योति

गूंज रही हॉकी के फ्लिक की सुरीली और मनमोहक आवाज