नियमित करो योग, शरीर को रखो निरोग


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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में योग की हमेशा से अहमियत रही है। आज दुनियाभर में लोग योग से जुड़कर कई प्रकार बीमारियों से मुक्त भी हो रहे हैं। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक माना जाता है।माना जाता है कि योग क्रियाओं के माध्यम से सभी प्रकार की बीमारियों को ठीक किया जा सकता है तथा शारीरिक व मानसिक तौर पर सुदृढ़ बना जा सकता है। ऐसी बहुत सारी बीमारियां भी हैं जिन का इलाज योग के माध्यम से संभव हो पाया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अमर उजाला ने संवाद आयोजित किया, जिसमें प्रतिभागियों ने योग ने उनके जीवन को कैसे बदला इस बारे में बताया।
पतंजलि योग संस्थान की केंद्रीय प्रभारी सत्या ने बताया की उन्हें कैंसर हो गया था। इलाज के लिए कई अस्पतालों में गए, लेकिन आराम नहीं मिला। फिर उन्होंने योग करना शुरू किया। योग के माध्यम से उन्होंने इस बीमारी को भी हराकर अपने जीवन में दोबारा से खुशहाली भरी। चिकित्सकों ने उनके बचने की बहुत कम संभावना जताई थी। आज उन्हें योग करते लगभग 20 साल हो चुके हैं। आज कामकाजी महिलाएं घर और दफ्तर दोनों की जिम्मेदारी संभालती हैं, ऐसे में उनके ऊपर काम का बोझ पहले से ज्यादा बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में उन्हें विभिन्न प्रकार की बीमारियां घेर लेती हैं, जिससे सिर्फ योग के माध्यम से ही बचा जा सकता है।
पतंजलि योग संस्थान के सोशल मीडिया राज्य प्रभारी मोहिंद्र कैंथला ने बताया कि वह योग संस्थान के साथ पिछले 10 साल से जुड़े हुए हैं। उन्हें अस्थमा व टीबी की बीमारी थी। उन्होंने योग गुरू रामदेव को टीवी पर देखा और मित्र के माध्यम से योग से जुड़े। आज वह अस्थमा की समस्या से निजात पा चुके हैं। अब पिहोवा में योग कक्षाएं चलाकर लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं।
पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आचार्य सतीश ने बताया की योग हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। बताया कि वह पिछले 12 साल से पतंजलि योगपीठ के साथ जुड़े हुए हैं। उनका मानना है कि हरियाणा योग आयोग का गठन किया जाए और योग शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाए। गांव में प्रधान को उत्तरदायित्व दिया जाए कि गांव में नियमित योग कक्षाएं लगाए जाएं।
किसान सेवा समिति राज्य प्रभारी राजेश भाटी ने बताया कि वे 55 साल की उम्र में भी कोई काम करते हुए नहीं थकते यह सब योग का ही कमाल है। उन्होंने बताया कि पेड़ पर से गिरने के कारण रीढ़ की हड्डी खराब हो गई थी, लेकिन निरंतर योगाभ्यास से वह ठीक हो गई। वह 2006 से निरंतर योगाभ्यास कर रहे हैं। योग दिमाग को शांत करता है और विभिन्न बीमारियों से शरीर को बचाता है।
पालाराम ने बताया की योग अपनी आत्मा के साथ मिलन है। जब हम ध्यान मुद्रा में होते हैं तो परमपिता परमात्मा हमें आदेश देते हैं, जिससे निस्वार्थ भाव पैदा होता है और हमारा शरीर व मन सात्विक हो जाता है। उन्होंने बताया कि वे 25 वर्ष से निरंतर योग कर रहे हैं साथ ही लोगों को भी इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं।
सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार रविंद्र कौशिक ने बताया कि आजकल की दिनचर्या से लोगों में बहुत तनाव होता है, जिससे उन्हें विभिन्न प्रकार की बीमारियां घेर लेती हैं। योग के माध्यम से न सिर्फ तनाव मुक्त जीवन मिलता है, बल्कि शांति का भी अनुभव भी होता है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 40 साल से निरंतर योग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल व कॉलेज यदि में मेडिटेशन और योग कक्षाएं लगनी लगें तो युवाओं के लिए यह बहुत अच्छा होगा।

संवाद न्यूज एजेंसी

कुरुक्षेत्र। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में योग की हमेशा से अहमियत रही है। आज दुनियाभर में लोग योग से जुड़कर कई प्रकार बीमारियों से मुक्त भी हो रहे हैं। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक माना जाता है।माना जाता है कि योग क्रियाओं के माध्यम से सभी प्रकार की बीमारियों को ठीक किया जा सकता है तथा शारीरिक व मानसिक तौर पर सुदृढ़ बना जा सकता है। ऐसी बहुत सारी बीमारियां भी हैं जिन का इलाज योग के माध्यम से संभव हो पाया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अमर उजाला ने संवाद आयोजित किया, जिसमें प्रतिभागियों ने योग ने उनके जीवन को कैसे बदला इस बारे में बताया।

पतंजलि योग संस्थान की केंद्रीय प्रभारी सत्या ने बताया की उन्हें कैंसर हो गया था। इलाज के लिए कई अस्पतालों में गए, लेकिन आराम नहीं मिला। फिर उन्होंने योग करना शुरू किया। योग के माध्यम से उन्होंने इस बीमारी को भी हराकर अपने जीवन में दोबारा से खुशहाली भरी। चिकित्सकों ने उनके बचने की बहुत कम संभावना जताई थी। आज उन्हें योग करते लगभग 20 साल हो चुके हैं। आज कामकाजी महिलाएं घर और दफ्तर दोनों की जिम्मेदारी संभालती हैं, ऐसे में उनके ऊपर काम का बोझ पहले से ज्यादा बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में उन्हें विभिन्न प्रकार की बीमारियां घेर लेती हैं, जिससे सिर्फ योग के माध्यम से ही बचा जा सकता है।

पतंजलि योग संस्थान के सोशल मीडिया राज्य प्रभारी मोहिंद्र कैंथला ने बताया कि वह योग संस्थान के साथ पिछले 10 साल से जुड़े हुए हैं। उन्हें अस्थमा व टीबी की बीमारी थी। उन्होंने योग गुरू रामदेव को टीवी पर देखा और मित्र के माध्यम से योग से जुड़े। आज वह अस्थमा की समस्या से निजात पा चुके हैं। अब पिहोवा में योग कक्षाएं चलाकर लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं।

पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आचार्य सतीश ने बताया की योग हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। बताया कि वह पिछले 12 साल से पतंजलि योगपीठ के साथ जुड़े हुए हैं। उनका मानना है कि हरियाणा योग आयोग का गठन किया जाए और योग शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाए। गांव में प्रधान को उत्तरदायित्व दिया जाए कि गांव में नियमित योग कक्षाएं लगाए जाएं।

किसान सेवा समिति राज्य प्रभारी राजेश भाटी ने बताया कि वे 55 साल की उम्र में भी कोई काम करते हुए नहीं थकते यह सब योग का ही कमाल है। उन्होंने बताया कि पेड़ पर से गिरने के कारण रीढ़ की हड्डी खराब हो गई थी, लेकिन निरंतर योगाभ्यास से वह ठीक हो गई। वह 2006 से निरंतर योगाभ्यास कर रहे हैं। योग दिमाग को शांत करता है और विभिन्न बीमारियों से शरीर को बचाता है।

पालाराम ने बताया की योग अपनी आत्मा के साथ मिलन है। जब हम ध्यान मुद्रा में होते हैं तो परमपिता परमात्मा हमें आदेश देते हैं, जिससे निस्वार्थ भाव पैदा होता है और हमारा शरीर व मन सात्विक हो जाता है। उन्होंने बताया कि वे 25 वर्ष से निरंतर योग कर रहे हैं साथ ही लोगों को भी इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं।

सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार रविंद्र कौशिक ने बताया कि आजकल की दिनचर्या से लोगों में बहुत तनाव होता है, जिससे उन्हें विभिन्न प्रकार की बीमारियां घेर लेती हैं। योग के माध्यम से न सिर्फ तनाव मुक्त जीवन मिलता है, बल्कि शांति का भी अनुभव भी होता है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 40 साल से निरंतर योग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल व कॉलेज यदि में मेडिटेशन और योग कक्षाएं लगनी लगें तो युवाओं के लिए यह बहुत अच्छा होगा।

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Written by Haryanacircle

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