निकाय चुनाव: उपमुख्यमंत्री के समझाने पर जींद में हरीश अरोड़ा की पत्नी रजनी ने नाम लिया वापस, BJP को समर्थन


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हरियाणा के जींद में जजपा नेता हरीश अरोड़ा की पत्नी रजनी अरोड़ा ने आखिरकार मंगलवार को नगरपरिषद चेयरमैन पद के लिए भरा अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। भाजपा से गठबंधन होने के बाद हरीश अरोड़ा को मनाने के लिए जजपा प्रधान सचिव दिग्विजय चौटाला ने भी कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनीं, सोमवार को चंडीगढ़ में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से हरीश अरोड़ा ने मुलाकात की। इसके बाद अरोड़ा मान गए और मामला सुलझ गया। 

दरअसल पहले भाजपा और जजपा ने अलग-अलग निकाय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। इसके बाद जींद नगर परिषद प्रधान के लिए जजपा ने हरीश अरोड़ा की पत्नी रजनी अरोड़ा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। रजनी ने अपना नामांकन फार्म भी दाखिल कर दिया था। बाद में जजपा और भाजपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ने का फैसला लिया तो जींद नगर परिषद भाजपा के हिस्से में आ गई।

भाजपा ने अनुराधा सैनी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। अनुराधा ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया था, लेकिन हरीश अरोड़ा अपनी पत्नी का नामांकन वापस लेने को तैयार नहीं थे। वह निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके थे। उन्होंने चुनाव कार्यालय भी खोल लिया था। चार जून को जजपा प्रधान सचिव दिग्विजय चौटाला जींद पहुंचे और हरीश अरोड़ा को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।

हरीश अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने चुनाव कार्यालय खोल दिया है और चुनाव प्रचार में अब काफी आगे निकल चुके हैं। इसलिए नामांकन पत्र वापस लेना काफी कठिन होगा। अरोड़ा के न मानने के बाद हाईकमान तक बात पहुंची थी। सोमवार को हरीश अरोड़ा ने चंडीगढ़ में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। दुष्यंत चौटाला ने उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए कहा। मंगलवार को रजनी अरोड़ा ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। हरीश अरोड़ा ने कहा कि दुष्यंत चौटाला उनके नेता हैं, उनके कहने पर ही उन्होंने नामांकन वापस लिया है।

अरोड़ा के चुनाव लड़ने से बढ़ती खींचतान
यदि रजनी अरोड़ा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ती तो भाजपा तथा जजपा कार्यकर्ताओं के बीच काफी खींचतान बढ़ने की संभावना थी। रजनी अरोड़ा के पति हरीश अरोड़ा कद्दावर नेता हैं। रजनी अरोड़ा नगर परिषद में उपप्रधान भी रह चुकी हैं। खुद हरीश अरोड़ा चार बार पार्षद रह चुके हैं। रजनी अरोड़ा के चुनाव लड़ने से जजपा के काफी लोग भाजपा के विरोध में खुलकर आने को मजबूर हो जाते।

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हरियाणा के जींद में जजपा नेता हरीश अरोड़ा की पत्नी रजनी अरोड़ा ने आखिरकार मंगलवार को नगरपरिषद चेयरमैन पद के लिए भरा अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। भाजपा से गठबंधन होने के बाद हरीश अरोड़ा को मनाने के लिए जजपा प्रधान सचिव दिग्विजय चौटाला ने भी कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनीं, सोमवार को चंडीगढ़ में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से हरीश अरोड़ा ने मुलाकात की। इसके बाद अरोड़ा मान गए और मामला सुलझ गया। 

दरअसल पहले भाजपा और जजपा ने अलग-अलग निकाय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। इसके बाद जींद नगर परिषद प्रधान के लिए जजपा ने हरीश अरोड़ा की पत्नी रजनी अरोड़ा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। रजनी ने अपना नामांकन फार्म भी दाखिल कर दिया था। बाद में जजपा और भाजपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ने का फैसला लिया तो जींद नगर परिषद भाजपा के हिस्से में आ गई।

भाजपा ने अनुराधा सैनी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। अनुराधा ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया था, लेकिन हरीश अरोड़ा अपनी पत्नी का नामांकन वापस लेने को तैयार नहीं थे। वह निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके थे। उन्होंने चुनाव कार्यालय भी खोल लिया था। चार जून को जजपा प्रधान सचिव दिग्विजय चौटाला जींद पहुंचे और हरीश अरोड़ा को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।

हरीश अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने चुनाव कार्यालय खोल दिया है और चुनाव प्रचार में अब काफी आगे निकल चुके हैं। इसलिए नामांकन पत्र वापस लेना काफी कठिन होगा। अरोड़ा के न मानने के बाद हाईकमान तक बात पहुंची थी। सोमवार को हरीश अरोड़ा ने चंडीगढ़ में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। दुष्यंत चौटाला ने उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए कहा। मंगलवार को रजनी अरोड़ा ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। हरीश अरोड़ा ने कहा कि दुष्यंत चौटाला उनके नेता हैं, उनके कहने पर ही उन्होंने नामांकन वापस लिया है।

अरोड़ा के चुनाव लड़ने से बढ़ती खींचतान

यदि रजनी अरोड़ा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ती तो भाजपा तथा जजपा कार्यकर्ताओं के बीच काफी खींचतान बढ़ने की संभावना थी। रजनी अरोड़ा के पति हरीश अरोड़ा कद्दावर नेता हैं। रजनी अरोड़ा नगर परिषद में उपप्रधान भी रह चुकी हैं। खुद हरीश अरोड़ा चार बार पार्षद रह चुके हैं। रजनी अरोड़ा के चुनाव लड़ने से जजपा के काफी लोग भाजपा के विरोध में खुलकर आने को मजबूर हो जाते।

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Written by Haryanacircle

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