नालों की सफाई पर होंगे 1.05 करोड़ खर्च, अन्य ड्रेन्स का कैसे दूर होगा मर्ज?


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यमुनानगर। ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) के 39 नालों की सफाई पर नगर निगम अफसर करीब 1.05 करोड़ खर्चने को तैयार हैं लेकिन मानूसन की तैयारी में बंद पड़ी और अन्य नालियां शायद नगर निगम की प्लानिंग से बाहर हैं। यही कारण है कि बरसाती सीजन नजदीक होने के बावजूद सेक्टर-17 और 18 समेत अन्य रिहायशी कॉलोनियों में अंडरग्राउंड और ओपन नालियां ब्लॉक पड़ी हैं। इनकी सफाई के लिए न तो अलग बजट निकाला गया और न अलग से सफाई कर्मियों की टीम बनी। इसी अनदेखी में तीन दिन से रुक – रुककर हुई हल्की बारिश में ही सेक्टरों व अन्य जगह इनके बंद होने से सड़कों पर जलभराव हुआ।
नालियों की सफाई के लिए बने 24 लाख एस्टिमेट की फाइल गायब
वार्ड-7 से भाजपा पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने बताया कि वार्ड के अंतर्गत दोनों सेक्टर के लिए अंडरग्राउंड नालियों की सफाई के नाम पर 24 लाख मंजूर कराए थे। इसके तैयार एस्टिमेट की फाइल ही गायब है। निगम अफसर बता रहे हैं कि एस्टिमेट फाइल नहीं मिल रही। इस तरह निगम अफसरों की लापरवाही में मानसून से पहले सेक्टर-17 व 18 की नालियों की सफाई पूरी होती नहीं दिख रही जबकि यहां अधिकांश क्षेत्र में नालियां ब्लॉक पड़ी हैं। अभी तीन दिन रुक-रुककर हुई हल्की बारिश में ही सेक्टरों में ड्रेनेज सिस्टम जवाब दे गए और 30 से अधिक सड़कों पर जलभराव हुआ। अलग से कोई टीम न होने पर सड़कों की सफाई करने वाले निगम के दस कर्मियों के सहारे ही घंटों की मशक्कत कर बंद पड़ी नालियों की सफाई कराई, किंतु कई जगह नालियां पूरी तरह चौक है। आगे मानसून में नालियों की सही सफाई न होने पर हालात और बिगड़ेंगे, जिसमें जलभराव की परेशानी सहित सड़कों को नुकसान होगा।
सफाई न होने से बंद पड़ी हैं अंडर ग्राउंड नालियां
शहर की अधिकांश नालियां अडरग्राउंड हैं। वार्ड पार्षद देवेंद्र सिंह व विनोद मरवाह की मानें तो अंडरग्राउंड होने के बाद से इनकी सफाई नहीं हुई। कई जगह अंडरग्राउंड नालियों में सड़क के पानी की निकासी के लिए लगे जाल में बने होल मिट्टी से बंद पड़े हैं। कई स्थानों पर जाल लगे नहीं या लगने के बाद गायब हैं और अंदर होल ब्लॉक हैं। इसी तरह ओपन नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। आजादनगर, शांति कॉलोनी, दशमेश कॉलोनी, लाजपतनगर जैसे कई स्थान पर ये नालियां जलभराव की वजह बन रही हैं।
वर्जन
नालियों के साथ सेक्टरों, कॉलोनियों व अन्य जगहों की अंडर ग्राउंड व खुली नालियों की भी सफाई का काम चल रहा है। बरसाती सीजन से पहले निकासी के तमाम प्रबंध पूरे करने के लिए प्रयासरत हैं। – सुरेंद्र चोपड़ा, सीएसआई, नगर निगम।

यमुनानगर। ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) के 39 नालों की सफाई पर नगर निगम अफसर करीब 1.05 करोड़ खर्चने को तैयार हैं लेकिन मानूसन की तैयारी में बंद पड़ी और अन्य नालियां शायद नगर निगम की प्लानिंग से बाहर हैं। यही कारण है कि बरसाती सीजन नजदीक होने के बावजूद सेक्टर-17 और 18 समेत अन्य रिहायशी कॉलोनियों में अंडरग्राउंड और ओपन नालियां ब्लॉक पड़ी हैं। इनकी सफाई के लिए न तो अलग बजट निकाला गया और न अलग से सफाई कर्मियों की टीम बनी। इसी अनदेखी में तीन दिन से रुक – रुककर हुई हल्की बारिश में ही सेक्टरों व अन्य जगह इनके बंद होने से सड़कों पर जलभराव हुआ।

नालियों की सफाई के लिए बने 24 लाख एस्टिमेट की फाइल गायब

वार्ड-7 से भाजपा पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने बताया कि वार्ड के अंतर्गत दोनों सेक्टर के लिए अंडरग्राउंड नालियों की सफाई के नाम पर 24 लाख मंजूर कराए थे। इसके तैयार एस्टिमेट की फाइल ही गायब है। निगम अफसर बता रहे हैं कि एस्टिमेट फाइल नहीं मिल रही। इस तरह निगम अफसरों की लापरवाही में मानसून से पहले सेक्टर-17 व 18 की नालियों की सफाई पूरी होती नहीं दिख रही जबकि यहां अधिकांश क्षेत्र में नालियां ब्लॉक पड़ी हैं। अभी तीन दिन रुक-रुककर हुई हल्की बारिश में ही सेक्टरों में ड्रेनेज सिस्टम जवाब दे गए और 30 से अधिक सड़कों पर जलभराव हुआ। अलग से कोई टीम न होने पर सड़कों की सफाई करने वाले निगम के दस कर्मियों के सहारे ही घंटों की मशक्कत कर बंद पड़ी नालियों की सफाई कराई, किंतु कई जगह नालियां पूरी तरह चौक है। आगे मानसून में नालियों की सही सफाई न होने पर हालात और बिगड़ेंगे, जिसमें जलभराव की परेशानी सहित सड़कों को नुकसान होगा।

सफाई न होने से बंद पड़ी हैं अंडर ग्राउंड नालियां

शहर की अधिकांश नालियां अडरग्राउंड हैं। वार्ड पार्षद देवेंद्र सिंह व विनोद मरवाह की मानें तो अंडरग्राउंड होने के बाद से इनकी सफाई नहीं हुई। कई जगह अंडरग्राउंड नालियों में सड़क के पानी की निकासी के लिए लगे जाल में बने होल मिट्टी से बंद पड़े हैं। कई स्थानों पर जाल लगे नहीं या लगने के बाद गायब हैं और अंदर होल ब्लॉक हैं। इसी तरह ओपन नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। आजादनगर, शांति कॉलोनी, दशमेश कॉलोनी, लाजपतनगर जैसे कई स्थान पर ये नालियां जलभराव की वजह बन रही हैं।

वर्जन

नालियों के साथ सेक्टरों, कॉलोनियों व अन्य जगहों की अंडर ग्राउंड व खुली नालियों की भी सफाई का काम चल रहा है। बरसाती सीजन से पहले निकासी के तमाम प्रबंध पूरे करने के लिए प्रयासरत हैं। – सुरेंद्र चोपड़ा, सीएसआई, नगर निगम।

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Written by Haryanacircle

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