नागरिक अस्पताल से अलग बनेगा सिविल सर्जन कार्यालय


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जींद। नागरिक अस्पताल में वर्षों से चल रहा सिविल सर्जन कार्यालय अब अलग से बनाया जाएगा। अब तक सिविल सर्जन कार्यालय प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में ही चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने एमआरआई के लिए बनने वाले भवन के साथ ही सिविल सर्जन कार्यालय बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को साइट प्लान बनाने के लिए पत्र लिखा है। साइट प्लान बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य निदेशालय से बजट की मांग करेगा।
जिला मुख्यालय पर 1975 में नागरिक अस्पताल का निर्माण हुआ था। उस समय यह अस्पताल केवल 100 बेड का ही बना था। इस अस्पताल की बिल्डिंग काफी पुरानी होने के बाद 2016 में नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग बनाई गई। इसमें अस्पताल 100 बेड से बढ़ाकर 200 बेड का हो गया। उस समय नागरिक अस्पताल में प्रधान चिकित्सा अधिकारी का पद नहीं था। 200 बेड का अस्पताल बनने के लिए यहां प्रधान चिकित्सा अधिकारी का पद सृजित हुआ। नागरिक अस्पताल की पुरानी व नई दोनों बिल्डिंग प्रधान चिकित्सा अधिकारी के अंतर्गत आती है। इसलिए अब सिविल सर्जन कार्यालय बनाने की जरूरत महसूस हुई। स्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण करके सिविल सर्जन कार्यालय के जगह का चयन किया। फिलहाल सीटी स्कैन के सामने खाली पड़ी जमीन पर सिविल सर्जन कार्यालय बनाया जाएगा। सिविल सर्जन कार्यालय के साथ ही एमआरआई के लिए भी भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को साइट प्लान तैयार करने के लिए कहा गया है। सिविल सर्जन कार्यालय में कम से कम दस कमरे बनाए जाने हैं।
अस्पताल के भवन से सिविल सर्जन कार्यालय अलग बनाया जाएगा। अस्पताल की नई व पुरानी दोनों बिल्डिंग प्रधान चिकित्सा अधिकारी के अंतर्गत आती है। पहले इसी कार्यालय से काम चलाया जा रहा था। अब सिविल सर्जन कार्यालय के लिए साइट प्लान तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र लिखा गया है। साइट प्लान तैयार होने के बाद बजट की मांग की जाएगी।-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन

जींद। नागरिक अस्पताल में वर्षों से चल रहा सिविल सर्जन कार्यालय अब अलग से बनाया जाएगा। अब तक सिविल सर्जन कार्यालय प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में ही चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने एमआरआई के लिए बनने वाले भवन के साथ ही सिविल सर्जन कार्यालय बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को साइट प्लान बनाने के लिए पत्र लिखा है। साइट प्लान बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य निदेशालय से बजट की मांग करेगा।

जिला मुख्यालय पर 1975 में नागरिक अस्पताल का निर्माण हुआ था। उस समय यह अस्पताल केवल 100 बेड का ही बना था। इस अस्पताल की बिल्डिंग काफी पुरानी होने के बाद 2016 में नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग बनाई गई। इसमें अस्पताल 100 बेड से बढ़ाकर 200 बेड का हो गया। उस समय नागरिक अस्पताल में प्रधान चिकित्सा अधिकारी का पद नहीं था। 200 बेड का अस्पताल बनने के लिए यहां प्रधान चिकित्सा अधिकारी का पद सृजित हुआ। नागरिक अस्पताल की पुरानी व नई दोनों बिल्डिंग प्रधान चिकित्सा अधिकारी के अंतर्गत आती है। इसलिए अब सिविल सर्जन कार्यालय बनाने की जरूरत महसूस हुई। स्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण करके सिविल सर्जन कार्यालय के जगह का चयन किया। फिलहाल सीटी स्कैन के सामने खाली पड़ी जमीन पर सिविल सर्जन कार्यालय बनाया जाएगा। सिविल सर्जन कार्यालय के साथ ही एमआरआई के लिए भी भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को साइट प्लान तैयार करने के लिए कहा गया है। सिविल सर्जन कार्यालय में कम से कम दस कमरे बनाए जाने हैं।

अस्पताल के भवन से सिविल सर्जन कार्यालय अलग बनाया जाएगा। अस्पताल की नई व पुरानी दोनों बिल्डिंग प्रधान चिकित्सा अधिकारी के अंतर्गत आती है। पहले इसी कार्यालय से काम चलाया जा रहा था। अब सिविल सर्जन कार्यालय के लिए साइट प्लान तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र लिखा गया है। साइट प्लान तैयार होने के बाद बजट की मांग की जाएगी।-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन

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Written by Haryanacircle

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